Muzaffarnagar में बिजली व्यवस्था को मिली बड़ी रफ्तार, 78.82 करोड़ से बनेगा 132 KV उपकेंद्र; कपिल देव ने गिनाए 9 साल के विकास कार्य
News-Desk
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132 KV Substation, Electricity Development, Kapil Dev Agarwal, Muzaffarnagar development, Muzaffarnagar Electricity, Muzaffarnagar News, Power Infrastructure, Power Supply, Sujru, uttar pradesh newsMuzaffarnagar में बिजली व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक और बड़ा कदम सामने आया है। व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग के स्वतंत्र प्रभार राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल ने प्रेसवार्ता के दौरान सदर विधानसभा क्षेत्र और पूरे शहर में पिछले 9 वर्षों में विद्युत व्यवस्था को लेकर कराए गए विकास कार्यों की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि इस अवधि में बिजली आपूर्ति के ढांचे को मजबूत करने के लिए कई स्तरों पर काम किया गया है और आने वाले समय में भी नई परियोजनाओं पर काम जारी है।
प्रेसवार्ता में सबसे महत्वपूर्ण घोषणा सूजडू में 132 केवी उपकेंद्र के निर्माण को लेकर रही। करीब 78.82 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस उपकेंद्र और संबंधित लाइन के निर्माण को मंजूरी मिल चुकी है। निर्धारित योजना के अनुसार इसे एक वर्ष के भीतर ऊर्जीकृत किए जाने का लक्ष्य रखा गया है।
सूजडू में 78.82 करोड़ का 132 केवी उपकेंद्र
राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल के अनुसार सूजडू में बनने वाले 132 केवी उपकेंद्र की क्षमता 2 गुणा 63 एमवीए होगी। यह परियोजना शहर के बिजली नेटवर्क के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि इससे कई प्रमुख शहरी और आसपास के क्षेत्रों की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
इस उपकेंद्र के चालू होने के बाद सूजडू, महावीर चौक, नुमाइश कैंप, साकेत, मालवीय चौक, सर्कुलर रोड और खालापार क्षेत्र के उपभोक्ताओं को लाभ मिलेगा।
इन क्षेत्रों में घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ व्यावसायिक और औद्योगिक कनेक्शन भी हैं। ऐसे में नए उपकेंद्र से बिजली आपूर्ति की क्षमता बढ़ने के साथ गुणवत्ता और निर्बाध आपूर्ति की दिशा में भी मदद मिलने की बात कही गई है।
एक साल के भीतर ऊर्जीकृत करने का लक्ष्य
132 केवी उपकेंद्र के निर्माण के साथ संबंधित लाइन का काम भी परियोजना का हिस्सा है। सरकार की ओर से इसे एक वर्ष के भीतर चालू किए जाने का लक्ष्य रखा गया है।
शहर के बढ़ते बिजली भार को देखते हुए नए उपकेंद्र और अतिरिक्त क्षमता वाले नेटवर्क की जरूरत लगातार महसूस की जाती रही है। ऐसे में सूजडू परियोजना आने वाले समय में बिजली वितरण व्यवस्था पर दबाव कम करने में अहम भूमिका निभा सकती है।
220 केवी बधाई कलां उपकेंद्र से कई क्षेत्रों को लाभ
प्रेसवार्ता में पिछले वर्षों में पूरे किए गए प्रमुख विद्युत विकास कार्यों का भी विवरण दिया गया। इनमें 220 केवी बधाई कलां उपकेंद्र प्रमुख परियोजनाओं में शामिल है।
करीब 62.13 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित इस उपकेंद्र से बधाई कलां के अलावा चरथावल, रोहाना, बहेड़ी, रामपुर, मिमलाना और शामली रोड क्षेत्र को बिजली व्यवस्था में लाभ मिल रहा है।
यह परियोजना शहर और आसपास के क्षेत्रों में विद्युत नेटवर्क की क्षमता बढ़ाने की दिशा में किए गए बड़े कार्यों में गिनी गई।
जौली रोड और भोपा रोड उपकेंद्रों की बढ़ाई गई क्षमता
बिजली व्यवस्था को मजबूत करने के लिए केवल नए उपकेंद्र ही नहीं बनाए गए, बल्कि पहले से मौजूद उपकेंद्रों की क्षमता में भी वृद्धि की गई।
जानकारी के अनुसार 8.03 करोड़ रुपये की लागत से जौली रोड और भोपा रोड उपकेंद्रों की क्षमता बढ़ाई गई है। इसका उद्देश्य बढ़ते विद्युत भार के अनुरूप मौजूदा नेटवर्क को अधिक सक्षम बनाना है।
इसके अलावा 5.63 करोड़ रुपये की लागत से पिन्ना क्षेत्र में 33/11 केवी न्यू शामली रोड उपकेंद्र का निर्माण कराया गया।
नए उपकेंद्रों और क्षमता वृद्धि के इन कार्यों से अलग-अलग क्षेत्रों में बिजली वितरण नेटवर्क को अधिक मजबूत करने की दिशा में काम हुआ है।
चार नई 33 केवी लाइनें और 50 नए ट्रांसफार्मर
Muzaffarnagar News में सामने आई बिजली विकास परियोजनाओं की सूची में 33 केवी लाइनों और वितरण ट्रांसफार्मरों से जुड़े काम भी महत्वपूर्ण हैं।
बताया गया कि 2.63 करोड़ रुपये की लागत से चार नई 33 केवी लाइनें तैयार की गईं। वहीं दीन दयाल योजना के तहत 1.09 करोड़ रुपये खर्च कर 50 नए वितरण ट्रांसफार्मर लगाए गए।
वितरण ट्रांसफार्मरों की संख्या और क्षमता बिजली आपूर्ति की स्थानीय मजबूती में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। खासकर ऐसे क्षेत्रों में जहां आबादी, बाजार और औद्योगिक गतिविधियों के कारण विद्युत मांग बढ़ रही हो।
बिजनेस प्लान के तहत 598 सुधार कार्य पूरे
विद्युत विभाग के बिजनेस प्लान के तहत भी बड़ी संख्या में काम किए गए हैं। जानकारी के अनुसार बिजनेस प्लान 2023-24 से 2025-26 के दौरान करीब 52 करोड़ रुपये की लागत से विभिन्न कार्य कराए गए।
इस अवधि में 106 नए ट्रांसफार्मर लगाए गए, जबकि 178 ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाई गई। इसके साथ ही 12 नए 11 केवी फीडर बनाए गए।
इसी अवधि में कुल 598 सुधार कार्य पूरे किए जाने की जानकारी दी गई है।
इन कार्यों का उद्देश्य वितरण नेटवर्क की क्षमता को बढ़ाना, विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को बेहतर बनाना और अलग-अलग क्षेत्रों में बढ़ती मांग के अनुरूप बुनियादी ढांचे को मजबूत करना रहा।
आरडीएसएस योजना के तहत 741 किलोमीटर नई एबीसी केबल
मुजफ्फरनगर में बिजली नेटवर्क के आधुनिकीकरण से जुड़ा एक बड़ा काम आरडीएसएस योजना के तहत भी किया गया।
जानकारी के अनुसार इस योजना के अंतर्गत 90.85 करोड़ रुपये की लागत से 64 फीडरों पर 741 किलोमीटर पुरानी ए.बी.सी. केबल को बदलकर नई केबल बिछाई गई।
पुराने विद्युत नेटवर्क को नई केबल से बदलना वितरण व्यवस्था के आधुनिकीकरण का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इससे नेटवर्क की क्षमता और विश्वसनीयता को बेहतर करने में सहायता मिलती है।
नगर निकाय निधि से भी कराए गए 10 बिजली सुधार कार्य
शहर में निर्धारित घंटों तक निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से नगर निकाय विकास निधि का भी इस्तेमाल किया गया।
इसके तहत करीब 1.53 करोड़ रुपये की लागत से 10 कार्य पूरे कराए गए। इन कार्यों का उद्देश्य शहर की बिजली आपूर्ति व्यवस्था को स्थानीय स्तर पर बेहतर बनाना और आवश्यक विद्युत ढांचे को मजबूत करना रहा।
2026-27 में भी करोड़ों रुपये के काम जारी
बिजली व्यवस्था को लेकर काम केवल पिछले वर्षों तक सीमित नहीं हैं। वर्तमान वित्तीय सत्र बिजनेस प्लान 2026-27 में भी कई परियोजनाओं पर काम चल रहा है।
बिजनेस प्लान 2026-27 के पार्ट-1 में 7.88 करोड़ रुपये की लागत से 111 कार्य प्रगति पर बताए गए हैं।
इसके साथ ही पार्ट-2 के तहत 19.94 करोड़ रुपये के कार्य प्रस्तावित हैं। यानी शहर और सदर विधानसभा क्षेत्र में विद्युत ढांचे को मजबूत करने का सिलसिला आगे भी जारी रहने वाला है।
शहर के घरेलू उपभोक्ताओं के साथ कारोबार और उद्योग को भी फायदा
मुजफ्फरनगर में बिजली की मांग केवल घरेलू क्षेत्र तक सीमित नहीं है। शहर में बाजार, छोटे-बड़े कारोबारी प्रतिष्ठान और औद्योगिक गतिविधियां भी विद्युत आपूर्ति पर निर्भर हैं।
ऐसे में नए उपकेंद्र, अतिरिक्त फीडर, ट्रांसफार्मर की क्षमता वृद्धि और पुरानी केबलों को बदलने जैसे कार्यों का असर अलग-अलग श्रेणी के उपभोक्ताओं पर पड़ता है।
सूजडू में प्रस्तावित 132 केवी उपकेंद्र को भी इसी व्यापक विद्युत नेटवर्क के विस्तार से जोड़कर देखा जा रहा है। इसके दायरे में आने वाले क्षेत्रों में घरेलू, व्यावसायिक और औद्योगिक उपभोक्ताओं को बेहतर विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराने का लक्ष्य बताया गया है।
कपिल देव ने 9 वर्षों के विकास कार्यों का रखा ब्योरा
राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल ने प्रेसवार्ता के दौरान पिछले 9 वर्षों में सदर विधानसभा क्षेत्र और शहर में बिजली व्यवस्था को लेकर हुए कार्यों को जनता के सामने रखा।
प्रस्तुत आंकड़ों में नए उपकेंद्रों के निर्माण से लेकर क्षमता वृद्धि, नई 33 केवी लाइनें, वितरण ट्रांसफार्मर, 11 केवी फीडर, एबीसी केबल और अन्य सुधार कार्य शामिल हैं।
इन आंकड़ों से यह स्पष्ट होता है कि बिजली वितरण व्यवस्था में केवल एक स्तर पर नहीं, बल्कि ट्रांसमिशन और वितरण नेटवर्क के अलग-अलग हिस्सों में काम किए जाने का दावा किया गया है।
बिजली नेटवर्क पर बढ़ते दबाव के बीच नई परियोजनाओं पर जोर
शहरों में बढ़ती आबादी, नए व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, औद्योगिक गतिविधियों और घरेलू बिजली उपकरणों के बढ़ते इस्तेमाल के साथ विद्युत मांग में भी बदलाव आता है। ऐसे में पुरानी व्यवस्था को केवल बनाए रखना पर्याप्त नहीं होता, बल्कि समय-समय पर क्षमता वृद्धि और नए बुनियादी ढांचे की आवश्यकता होती है।
मुजफ्फरनगर में 132 केवी उपकेंद्र जैसी परियोजना इसी जरूरत से जुड़ी हुई है। वहीं मौजूदा उपकेंद्रों की क्षमता बढ़ाना, नए ट्रांसफार्मर लगाना और फीडरों का विस्तार करना वितरण नेटवर्क को भविष्य की जरूरतों के लिए तैयार करने की प्रक्रिया का हिस्सा है।
सूजडू परियोजना पर रहेगी खास नजर
अब सबसे अधिक ध्यान सूजडू में प्रस्तावित 132 केवी उपकेंद्र पर रहेगा। करीब 78.82 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना को मंजूरी मिल चुकी है और इसे एक वर्ष के भीतर ऊर्जीकृत करने का लक्ष्य रखा गया है।
यदि तय समयसीमा के अनुसार परियोजना पूरी होती है तो सूजडू सहित महावीर चौक, नुमाइश कैंप, साकेत, मालवीय चौक, सर्कुलर रोड और खालापार जैसे क्षेत्रों की विद्युत व्यवस्था को इसका सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
वहीं 2026-27 के बिजनेस प्लान में चल रहे 111 कार्य और प्रस्तावित 19.94 करोड़ रुपये के पार्ट-2 के काम भी शहर की बिजली व्यवस्था में आगे होने वाले बदलावों की तस्वीर पेश करते हैं।
मुजफ्फरनगर में बिजली व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पिछले 9 वर्षों में किए गए विभिन्न कार्यों के साथ अब सूजडू में 78.82 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित 132 केवी उपकेंद्र पर खास नजर रहेगी। नए उपकेंद्र, ट्रांसफार्मर, फीडर, क्षमता वृद्धि और एबीसी केबल बदलने जैसी परियोजनाओं के जरिए शहर के विद्युत नेटवर्क को लगातार विस्तार देने की जानकारी सामने आई है। 2026-27 में भी करोड़ों रुपये के कार्य जारी हैं, जिससे आने वाले समय में घरेलू, व्यावसायिक और औद्योगिक उपभोक्ताओं के लिए बिजली आपूर्ति ढांचे में और सुधार की उम्मीद है।

