रतनपुरी में गैंगस्टर पर Muzaffarnagar पुलिस का बड़ा प्रहार: सजायाफ्ता गोकश सरगना जाहिद की 15.50 करोड़ की संपत्ति कुर्क, अवैध साम्राज्य पर चला कानून का बुलडोजर
Ratanpuri क्षेत्र में वर्षों से सक्रिय एक कुख्यात गोकश गैंग के सरगना पर कानून का शिकंजा कसते हुए Muzaffarnagar पुलिस ने सजायाफ्ता अपराधी जाहिद और उसके परिजनों की करीब 15 करोड़ 50 लाख रुपये की संपत्ति को गैंगस्टर एक्ट के तहत कुर्क कर लिया है। इस कदम को अपराध से अर्जित अवैध धन और संपत्ति के नेटवर्क को जड़ से तोड़ने की दिशा में बड़ा संदेश माना जा रहा है।
🔴 पुलिस की बड़ी कार्रवाई, इलाके में हड़कंप
रतनपुरी थाना क्षेत्र के गांव हुसैनाबाद भनवाड़ा निवासी जाहिद लंबे समय से पुलिस की निगाह में था। हत्या, गोकशी (गौहत्या) और संगठित अपराध जैसे गंभीर मामलों में उसका नाम सामने आता रहा है। शुक्रवार को जैसे ही पुलिस और प्रशासनिक टीम गांव में पहुंची और कुर्की की प्रक्रिया शुरू हुई, पूरे इलाके में चर्चा और हलचल तेज हो गई।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह केवल संपत्ति जब्त करने की कार्रवाई नहीं, बल्कि अपराधियों को यह साफ संदेश है कि अवैध कमाई से खड़ा किया गया कोई भी साम्राज्य कानून से नहीं बच सकता।
🔴 एसएसपी का बयान, अपराधियों पर सीधी चेतावनी
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि जाहिद एक सजायाफ्ता और घोषित गैंगस्टर है। उसके खिलाफ पहले से ही गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमे दर्ज हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस की जांच में यह स्पष्ट हुआ कि जाहिद द्वारा अर्जित की गई अधिकांश संपत्ति आपराधिक गतिविधियों, विशेष रूप से गोकशी से जुड़े नेटवर्क के जरिए हासिल की गई थी।
एसएसपी ने यह भी बताया कि वर्ष 2012 में हुई एक हत्या की घटना के बाद जाहिद ने अपनी संपत्ति को पत्नी और अन्य परिजनों के नाम स्थानांतरित कर दिया था, ताकि वह जांच एजेंसियों की नजर से बच सके। हालांकि, दस्तावेजों और लेन-देन की गहन जांच के बाद पुलिस ने इस चाल को बेनकाब कर दिया।
🔴 गैंग का काला साम्राज्य और पुलिस की जांच
जांच एजेंसियों के मुताबिक, जाहिद ने एक संगठित गोकशी गिरोह खड़ा कर रखा था, जिसमें कई सदस्य अलग-अलग इलाकों में सक्रिय थे। यह नेटवर्क केवल अवैध गतिविधियों तक सीमित नहीं था, बल्कि इससे अर्जित धन को जमीन और वाहनों में निवेश कर वैध रूप देने की कोशिश की जाती थी।
Ratanpuri gangster property seized की यह कार्रवाई इसी नेटवर्क को आर्थिक रूप से कमजोर करने की रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जब अपराधियों की आर्थिक रीढ़ टूटती है, तो उनके गिरोह भी धीरे-धीरे बिखरने लगते हैं।
🔴 कुर्क की गई संपत्ति का पूरा विवरण
पुलिस द्वारा जारी आधिकारिक सूची के अनुसार, कुर्क की गई संपत्ति में मुख्य रूप से बहुमूल्य कृषि भूमि और वाहन शामिल हैं। इनकी कुल कीमत करीब 15.50 करोड़ रुपये आंकी गई है। प्रमुख संपत्तियां इस प्रकार हैं:
गांव हुसैनाबाद भनवाड़ा में कृषि भूमि, खसरा नंबर 767, क्षेत्रफल 0.2732 हेक्टेयर
गांव हुसैनाबाद भनवाड़ा में कृषि भूमि, खसरा नंबर 1904, क्षेत्रफल 0.7101 हेक्टेयर
गांव रियावली नंगला में कृषि भूमि, खसरा नंबर 3098, क्षेत्रफल 0.8740 हेक्टेयर
गांव हुसैनाबाद भनवाड़ा में कृषि भूमि, खसरा नंबर 765 (अ और ब), क्षेत्रफल 0.3870 हेक्टेयर
गांव हुसैनाबाद भनवाड़ा में खसरा नंबर 1904 का अतिरिक्त हिस्सा, क्षेत्रफल 0.3277 हेक्टेयर
इसके अलावा, एक पिकअप वाहन और दो मोटरसाइकिलें भी जब्त की गई हैं, जिन्हें कथित तौर पर अवैध गतिविधियों में इस्तेमाल किया जाता था।
🔴 सरकार के नाम बोर्ड, बिक्री और उपयोग पर रोक
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कुर्क की गई सभी संपत्तियों पर सरकार के हक में बोर्ड लगाए जाएंगे। इसका मतलब है कि अब कोई भी व्यक्ति इन जमीनों या वाहनों को खरीद, बेच या उपयोग नहीं कर सकेगा। यह प्रक्रिया इसलिए अपनाई जाती है ताकि अवैध संपत्ति पर किसी भी तरह का लेन-देन पूरी तरह से रोका जा सके।
ग्रामीणों का कहना है कि पहली बार उन्होंने इतनी बड़ी कार्रवाई को इतने खुले तौर पर होते देखा है। इससे स्थानीय स्तर पर कानून के प्रति विश्वास मजबूत हुआ है।
🔴 जीरो टॉलरेंस नीति का असर
उत्तर प्रदेश सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत अपराधियों पर लगातार शिकंजा कसा जा रहा है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, केवल गिरफ्तारी ही काफी नहीं होती, बल्कि अपराध से अर्जित संपत्ति को जब्त करना भी उतना ही जरूरी है।
Ratanpuri gangster property seized जैसी कार्रवाइयां यह दर्शाती हैं कि अब अपराधियों को केवल जेल ही नहीं, बल्कि उनकी आर्थिक ताकत भी खत्म करने की रणनीति अपनाई जा रही है।
🔴 स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया
गांव और आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों ने इस कार्रवाई का स्वागत किया है। कई ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से क्षेत्र में अवैध गतिविधियों का डर बना रहता था। अब पुलिस की इस सख्ती से उम्मीद जगी है कि इलाके में शांति और सुरक्षा का माहौल बनेगा।
कुछ लोगों ने यह भी कहा कि ऐसी कार्रवाइयां युवाओं के लिए एक चेतावनी हैं कि अपराध के रास्ते पर चलकर कोई भी सुरक्षित नहीं रह सकता।
🔴 आगे की कार्रवाई और पुलिस की योजना
पुलिस अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि यह कार्रवाई एक शुरुआत है। गैंग से जुड़े अन्य लोगों, उनकी संपत्तियों और आर्थिक लेन-देन की भी जांच की जा रही है। यदि किसी अन्य सदस्य की अवैध संपत्ति सामने आती है, तो उसके खिलाफ भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन का मानना है कि संगठित अपराध को खत्म करने के लिए नेटवर्क को जड़ से तोड़ना जरूरी है, और इसके लिए कानूनी और आर्थिक दोनों मोर्चों पर लड़ाई जारी रहेगी।

