गीता ज्ञान की गूंज से गूंजा Muzaffarnagar: प्रश्नोत्तरी में विद्यार्थियों ने दिखाया शास्त्र-बोध, पुरस्कारों से सजी यादगार संध्या
Muzaffarnagar के गांधी कॉलोनी क्षेत्र में स्थित श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर उस समय आध्यात्मिक चेतना और बाल-प्रतिभा के अद्भुत संगम का साक्षी बना, जब वहां संचालित गीता ज्ञान पाठशाला के तत्वावधान में एक भव्य Gita Gyan Quiz कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह आयोजन केवल एक प्रश्नोत्तरी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह भारतीय संस्कृति, धार्मिक मूल्यों और जीवन-दर्शन को नई पीढ़ी से जोड़ने का सशक्त माध्यम बनकर उभरा।
कार्यक्रम का संयुक्त आयोजन श्रीमती शशिकांता स्मृति मंच तथा ऑल इंडिया एंटी करप्शन कमिटी (जनपद इकाई) के सहयोग से किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं, अभिभावकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और गणमान्य अतिथियों ने सहभागिता की। मंदिर परिसर में देर शाम तक उत्साह, जिज्ञासा और संस्कारों से भरा वातावरण बना रहा।
गीता और महाभारत पर आधारित प्रश्नों ने परखी वैचारिक गहराई
इस Gita Gyan Quiz कार्यक्रम की विशेषता यह रही कि इसमें विद्यार्थियों से केवल तथ्यात्मक नहीं, बल्कि जीवनोपयोगी और नैतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण प्रश्न पूछे गए।
प्रश्न मुख्य रूप से—
श्रीमद्भगवद्गीता के श्लोकों के भावार्थ
महाभारत के प्रमुख प्रसंग
कर्म, धर्म और कर्तव्य की अवधारणा
अर्जुन–कृष्ण संवाद के संदेश
आज के जीवन में गीता की प्रासंगिकता
पर आधारित थे।
प्रतिभागी बच्चों ने पूरे आत्मविश्वास के साथ प्रश्नों के उत्तर दिए और यह सिद्ध कर दिया कि धार्मिक शिक्षा यदि सही ढंग से दी जाए, तो वह बच्चों की सोच को व्यापक और संतुलित बनाती है।
मुख्य संरक्षक ने बढ़ाया उत्साह, पुरस्कार वितरण से खिले चेहरे
कार्यक्रम के मुख्य संरक्षक इंजीनियर सुभाष चंद्र अग्रवाल ने विजयी विद्यार्थियों को मंच पर आमंत्रित कर आकर्षक पुरस्कार प्रदान किए।
उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि—
“गीता केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाला दर्शन है। इस प्रकार के आयोजन बच्चों के चरित्र निर्माण में मील का पत्थर साबित होते हैं।”
पुरस्कार पाकर बच्चों के चेहरों पर जो खुशी दिखाई दी, उसने आयोजन की सार्थकता को और भी मजबूत किया। उपस्थित अभिभावकों ने भी इस पहल की खुले मन से सराहना की।
शशिकांता स्मृति मंच की सामाजिक भूमिका पर प्रकाश
कार्यक्रम के दौरान डॉ. अभिषेक अग्रवाल ने शशिकांता स्मृति मंच की स्थापना, उद्देश्यों और सामाजिक गतिविधियों की विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि मंच का उद्देश्य समाज में—
नैतिक शिक्षा का प्रसार
सांस्कृतिक चेतना का विकास
बच्चों और युवाओं में सकारात्मक सोच
सामाजिक जिम्मेदारी की भावना
को मजबूत करना है।
उन्होंने कहा कि Gita Gyan Quiz जैसे आयोजन इसी विचारधारा का जीवंत उदाहरण हैं।
आगामी योजनाओं की झलक, बच्चों के लिए और बड़े मंच की तैयारी
मंच की उपाध्यक्ष श्रीमती आकांक्षा अग्रवाल ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि भविष्य में ऐसे आयोजनों को और अधिक व्यापक स्तर पर आयोजित किया जाएगा।
उन्होंने संकेत दिया कि—
अंतर-विद्यालय प्रतियोगिताएं
वार्षिक गीता ज्ञान महोत्सव
संस्कार शिविर
अभिभावक–बच्चा संवाद सत्र
जैसे कार्यक्रम भी आने वाले समय में शुरू किए जा सकते हैं।
उनके वक्तव्य से यह स्पष्ट हुआ कि यह मंच केवल एक आयोजन तक सीमित नहीं, बल्कि दीर्घकालिक सांस्कृतिक आंदोलन की दिशा में कार्य कर रहा है।
समाज सेवा और ईमानदारी का संदेश भी साथ-साथ
इस अवसर पर ऑल इंडिया एंटी करप्शन कमिटी की ऑल इंडिया कोर कमेटी के महासचिव राजकुमार रहेजा ने संगठन की गतिविधियों पर प्रकाश डाला।
उन्होंने बताया कि संगठन समाज में ईमानदारी, पारदर्शिता और जागरूकता फैलाने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है।
उनका कहना था कि बच्चों में यदि नैतिकता और सत्य के संस्कार बचपन से डाले जाएं, तो भविष्य में भ्रष्टाचार जैसी सामाजिक बुराइयों को जड़ से समाप्त किया जा सकता है।
विशिष्ट अतिथियों का गरिमामय सम्मान
कार्यक्रम के दौरान सामाजिक और शैक्षणिक क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले विशिष्ट अतिथियों का सम्मान भी किया गया।
गांधी कॉलोनी हाउसिंग कोऑपरेटिव सोसाइटी के अध्यक्ष श्री पवन छाबड़ा तथा ग्रेन चैंबर पब्लिक स्कूल, नई मंडी की प्रधानाचार्य श्रीमती ममता चौहान को माल्यार्पण कर, शाल ओढ़ाकर, प्रतीक चिन्ह और प्रशस्ति पत्र भेंट किए गए।
इस सम्मान समारोह ने आयोजन को और भी गरिमामय बना दिया।
58 वर्षों से अनवरत चल रही गीता ज्ञान की परंपरा
कार्यक्रम में यह जानकारी भी साझा की गई कि श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर में स्थापना काल से ही विगत 58 वर्षों से गीता ज्ञान की कक्षाएं नियमित रूप से संचालित हो रही हैं।
यह तथ्य उपस्थित सभी लोगों के लिए प्रेरणादायक रहा कि—
कर्फ्यू जैसे कठिन समय में भी
सामाजिक उथल-पुथल के दौर में भी
किसी भी विपरीत परिस्थिति में
गीता ज्ञान की यह परंपरा कभी बाधित नहीं हुई।
यह मंदिर केवल पूजा स्थल नहीं, बल्कि संस्कारों की पाठशाला के रूप में भी अपनी विशिष्ट पहचान बनाए हुए है।
निरंतर सेवा में समर्पित टीम का योगदान
इस दीर्घकालिक सेवा में मंदिर अध्यक्ष श्री राकेश गुड़िया, सचिव विनोद छाबड़ा के साथ-साथ प्रशिक्षकों संजय कुमार, मनोज भाटिया, माधव कालरा, ध्रुव, भारत सहित अनेक सहयोगियों का योगदान अत्यंत सराहनीय रहा है।
इन सभी के प्रयासों से ही Gita Gyan Quiz जैसे आयोजन संभव हो पाए हैं और बच्चों तक गीता का संदेश निरंतर पहुंच रहा है।

