Muzaffarnagar:समस्या का महिला सुरक्षा सेल ने किया समाधान
मुजफ्फरनगर। (Muzaffarnagar News) महिला सुरक्षा सेल में प्राप्त श्रीमती अंजली निवासी ग्राम मुकर्रमपुर के प्रार्थना पत्र पर नोडल अधिकारी की अध्यक्षता में मौके पर ही निस्तारण किया गया। जिलाधिकारी चन्द्रभूषण सिंह के निर्देशन में संचालित महिला सुरक्षा सैल में नोड़ल अधिकारी डॉ० नेहा शर्मा की अध्यक्षता में महिलाओं से संबंधित विभिन्न समस्याओं की सुनवाई नियमित रूप से की जाती है।
महिला सुरक्षा सैल मे प्राप्त होने वाले समस्त प्रार्थना पत्रों/शिकायतों को डब्ल्यूपीसी की पूरी टीम के द्वारा गंभीरता पूर्वक सुनकर उसका निस्तारण प्रत्येक दशा में करने का प्रयास किया जाता है। महिला सुरक्षा सैल टीम द्वारा निरन्तर प्राप्त प्रार्थना पत्रोंध्शिकायतों पर त्वरित कार्यवाही करते हुए गुणवत्तापूर्ण निस्तारण किया जा रहा है।
महिला सुरक्षा सैल टीम द्वारा मामलों को गम्भीरता को समझते हुए शिकायतो पर त्वरित कार्यवाही की जा रही है। इसी क्रम में महिला सुरक्षा सैल मे दिनांक ०४ नवम्बर को श्रीमती अंजली पत्नी स्वरू श्री महेश व पुत्री श्री सुदेश पाल निवासी ग्राम मुकर्रमपुर, मीरपुर तह० जानसठ के द्वारा एक प्रार्थना पत्र दिया गया था, जिसमे श्रीमती अंजली द्वारा अपनी ढेड़ वर्षीय पुत्री राधिका को अपने ससुर श्री सतपाल जी निवासी मौहल्ला गांधी कॉलोनी, मु०नगर से वापस दिलाये जाने की मांग की गयी थी।
महिला सुरक्षा सैल द्वारा १५ नवम्बर को दोनो पक्षों को काउनसलिंग हेतु बुलाया गया गया। दोनो पक्षों को सुना गया जिसमे जानकारी हुई कि करीब ०८ माह पूर्व श्रीमती अंजली के पतिघ् श्री महेश की मृत्यु हो गयी थी पारिवारिक विवाद के कारण श्रीमती अंजली की ढेड़ वर्षीय पुत्री राधिका को अंजली के ससुर द्वारा अपने पास ही रख लिया गया तथा श्रीमती अंजली आपने मायके आकर रहने लगी। काउनसलिंग के दौरान दोनो पक्षों को सुना घ्गया जिसमे कोई समझौता न होने के कारण दोनो पक्षों को पुनः बुलाया गया काउनसलिंग की गयी
जिसमे श्रीमती अंजली के ससुर श्री महेश अपनी पोत्री राधिका को उसकी मां श्रीमती अंजली को देने को तैयार हो गये तथा श्रीमती अंजली द्वारा कहा गया कि आगे से वह अपनी पुत्री राधिका का सभी खर्च अपने आप स्वंय करेगी। श्री महेश जी के द्वारा भी कहा गया कि भविष्य मे अपनी पोत्री राधिका के लिये उनसे जो सम्भवतरू मदद होगी वे करने के लिये तैयार है। महिला सुरक्षा सैल द्वारा फैसला किया गया कि श्रीमती अंजली आगे से कभी अपने ससुर के विरूद्ध किसी प्रकार की झूठी शिकायत नही करेगी
यदि श्री महेश जी को अपनी पोत्री राधिका से कभी मिलने का मन होता है तो भी कभी श्री महेश जी को उनकी पोत्री राधिका से मिलने के लिये मना नही करेगी। काउनसलिंग के उपरान्त श्रीमती अंजली को उसकी पुत्री राधिका को उसे सौप दिया गया है तथा दोनो पक्ष आपसी सहमती से खुशीकृखुशी अपने घर को चले गये। मौके पर डब्ल्यूपीसी नोडल अधिकारी डॉ० नेहा शर्मा, डब्ल्यूपीसी सदस्य श्रीमति शिवांगी बालियान, डब्ल्यूपीसी की टीम सहित अभियोजक श्रीमती सरिता रानी एवं श्री धर्मेन्द्र पुण्डीर मौजूद रहें।

