हजरतगंज थाने पहुंचीं लोक गायिका Neha Singh Rathore: पहलगाम आतंकी हमले पर सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर दर्ज केस, बयान और विवाद से गरमाई सियासत
Neha Singh Rathore police case एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। लोक गायिका और सोशल मीडिया पर अपनी बेबाक राय के लिए जानी जाने वाली नेहा सिंह राठौर सोमवार को लखनऊ के हजरतगंज थाने पहुंचीं, जहां उनसे जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले को लेकर सोशल मीडिया पर की गई टिप्पणियों के संबंध में बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया गया था। इस दौरान उनके साथ उनके पति भी मौजूद रहे। करीब एक घंटे तक थाने में रहने के बाद नेहा वापस लौट गईं, जबकि पुलिस का कहना है कि उनका बयान फिलहाल दर्ज नहीं हो सका।
🔴 हजरतगंज थाने में क्यों पहुंचीं नेहा सिंह राठौर
नेहा सिंह राठौर के खिलाफ 27 अप्रैल को हजरतगंज थाने में मामला दर्ज किया गया था। आरोप है कि उन्होंने पहलगाम आतंकी हमले से जुड़ी घटनाओं पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर आपत्तिजनक टिप्पणियां और वीडियो साझा किए, जिनसे राष्ट्रीय अखंडता और सामाजिक सौहार्द पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका जताई गई।
पुलिस के अनुसार, इसी मामले में उन्हें नोटिस जारी कर बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया गया था। एसीपी हजरतगंज विकास जायसवाल ने बताया कि नेहा निर्धारित समय पर थाने पहुंचीं, लेकिन प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी।
🔴 शिकायत किसने और क्यों दर्ज कराई
यह शिकायत गुडंबा क्षेत्र के वुडलैंड पैराडाइज निवासी कवि अभय प्रताप सिंह, जिन्हें अभय सिंह निर्भीक के नाम से भी जाना जाता है, ने दर्ज कराई थी। तहरीर में आरोप लगाया गया कि नेहा सिंह राठौर की पोस्ट और वीडियो से दो समुदायों के बीच वैमनस्य बढ़ सकता है और इससे शांति व्यवस्था को नुकसान पहुंचने का खतरा है।
शिकायतकर्ता का यह भी कहना है कि इस तरह की टिप्पणियों से राष्ट्रीय एकता और सामाजिक ताने-बाने पर नकारात्मक असर पड़ता है, खासकर ऐसे संवेदनशील समय में जब देश आतंकी हमले में मारे गए लोगों के प्रति शोक जता रहा है।
🔴 सोशल मीडिया पोस्ट और वीडियो पर उठे सवाल
आरोपों के मुताबिक, नेहा सिंह राठौर ने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा करते हुए पहलगाम आतंकी हमले में मारे गए निर्दोष लोगों को लेकर सवाल उठाए। पुलिस और शिकायतकर्ता का दावा है कि इन बयानों को कुछ वर्गों ने आपत्तिजनक और भड़काऊ माना।
मामले में यह भी कहा गया है कि इन टिप्पणियों से दो समुदायों के बीच तनाव बढ़ सकता है और सार्वजनिक शांति प्रभावित हो सकती है। इसी आधार पर कानूनी कार्रवाई शुरू की गई।
🔴 अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वायरल होने का दावा
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि नेहा सिंह राठौर के कथित बयानों को पाकिस्तान में सोशल मीडिया और कुछ मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर साझा किया गया, जहां उन्हें भारत के खिलाफ कथित तौर पर इस्तेमाल किया गया।
हालांकि, इस पूरे मामले में अब तक नेहा सिंह राठौर की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, जिसमें वे आरोपों पर अपनी स्थिति स्पष्ट करें।
🔴 कवि समाज और सार्वजनिक प्रतिक्रिया
इस विवाद के सामने आने के बाद कवि समाज और सांस्कृतिक जगत में भी चर्चा तेज हो गई है। कुछ लोग इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जोड़कर देख रहे हैं, तो कुछ का कहना है कि संवेदनशील राष्ट्रीय मुद्दों पर सार्वजनिक मंच से बोलते समय अतिरिक्त जिम्मेदारी बरतनी चाहिए।
सोशल मीडिया पर यह मामला तेजी से ट्रेंड करने लगा है, जहां समर्थक और आलोचक दोनों अपनी-अपनी राय रख रहे हैं।
🔴 पुलिस का पक्ष और कानूनी प्रक्रिया
एसीपी हजरतगंज विकास जायसवाल के मुताबिक, नेहा सिंह राठौर को बयान दर्ज कराने के लिए नोटिस भेजा गया था और वह थाने पहुंचीं भी थीं, लेकिन तकनीकी कारणों से बयान दर्ज नहीं हो सका। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच कानून के दायरे में रहकर निष्पक्ष तरीके से की जा रही है।
आगे की प्रक्रिया में उन्हें दोबारा बुलाया जा सकता है, ताकि जांच को आगे बढ़ाया जा सके और सभी पक्षों की बात सुनी जा सके।
🔴 राजनीतिक और सामाजिक माहौल पर असर
यह मामला केवल कानूनी दायरे तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि राजनीतिक और सामाजिक बहस का विषय भी बन गया है। कुछ राजनीतिक दलों के नेताओं ने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा और सामाजिक एकता से जोड़कर देखा है, जबकि अन्य इसे व्यक्तिगत अभिव्यक्ति का मामला बता रहे हैं।
लखनऊ से लेकर दिल्ली तक इस मुद्दे पर चर्चाएं हो रही हैं, जिससे साफ है कि यह विवाद आने वाले दिनों में और तूल पकड़ सकता है।
🔴 नेहा सिंह राठौर की पहचान और भूमिका
नेहा सिंह राठौर एक लोक गायिका के रूप में अपनी पहचान बना चुकी हैं। वे सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर अपने गीतों और सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए राय रखती रही हैं। उनके समर्थकों का कहना है कि वे जनता की आवाज उठाती हैं, जबकि आलोचकों का मानना है कि उनके कुछ बयान विवाद को जन्म देते हैं।
🔴 आगे क्या हो सकता है
अब सभी की नजर इस पर है कि पुलिस की जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है और नेहा सिंह राठौर अपने आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया देती हैं। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि मामला किस मोड़ पर पहुंचता है।
फिलहाल, हजरतगंज थाने में हुई यह पेशी इस पूरे विवाद का नया अध्याय बन गई है, जिसने एक बार फिर अभिव्यक्ति, जिम्मेदारी और कानून के बीच की रेखा पर बहस छेड़ दी है।

