ईरान युद्ध के बीच North Korea का बड़ा कदम: किम जोंग उन ने दागीं 10 मिसाइलें, कोरियाई प्रायद्वीप में बढ़ा तनाव


North Korea Missile Launch की खबर ने वैश्विक सुरक्षा हालात को लेकर चिंता बढ़ा दी है। पश्चिम एशिया में पहले से ही अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बीच अब कोरियाई प्रायद्वीप में भी हलचल तेज हो गई है। दक्षिण कोरिया के अधिकारियों का कहना है कि उत्तर कोरिया ने समुद्र की दिशा में कई मिसाइलें दागी हैं, जिससे क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर नई चिंता पैदा हो गई है।
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब दुनिया का ध्यान पहले से ही मध्य पूर्व में जारी संघर्ष पर केंद्रित है। ऐसे में एशिया के एक और क्षेत्र में तनाव बढ़ने की आशंका ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय को सतर्क कर दिया है।
दक्षिण कोरिया का दावा – कई मिसाइलें दागी गईं
दक्षिण कोरिया की सैन्य एजेंसियों के अनुसार उत्तर कोरिया ने एक या दो नहीं बल्कि करीब 10 मिसाइलें दागी हैं। इन मिसाइलों को समुद्र की दिशा में छोड़ा गया।
रिपोर्टों के अनुसार यह मिसाइलें परीक्षण के रूप में दागी गई हो सकती हैं। उत्तर कोरिया अक्सर समुद्र की ओर मिसाइल परीक्षण करता रहा है, ताकि पड़ोसी देशों की सीमा में सीधा खतरा न उत्पन्न हो।
हालांकि इस बार की टाइमिंग को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
क्यों बढ़ी दक्षिण कोरिया की चिंता
North Korea Missile Launch ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिका ने हाल ही में दक्षिण कोरिया से अपने कुछ THAAD मिसाइल डिफेंस सिस्टम को हटाया है।
THAAD यानी Terminal High Altitude Area Defense प्रणाली का उद्देश्य बैलिस्टिक मिसाइलों को हवा में ही रोकना होता है। इस प्रणाली की मौजूदगी दक्षिण कोरिया की सुरक्षा के लिए अहम मानी जाती है।
ऐसे में मिसाइल रक्षा प्रणाली के कुछ हिस्सों के हटने के बाद उत्तर कोरिया द्वारा मिसाइल परीक्षण करने से दक्षिण कोरिया की चिंताएं और बढ़ गई हैं।
उत्तर और दक्षिण कोरिया के बीच पुराना तनाव
कोरियाई प्रायद्वीप में उत्तर और दक्षिण कोरिया के बीच तनाव कोई नई बात नहीं है। दोनों देशों के संबंध कई दशकों से बेहद तल्ख रहे हैं।
उत्तर कोरिया को आमतौर पर चीन और रूस का करीबी सहयोगी माना जाता है, जबकि दक्षिण कोरिया अमेरिका का प्रमुख रणनीतिक साझेदार है।
दक्षिण कोरिया में अमेरिका के कई सैन्य ठिकाने मौजूद हैं और वहां अमेरिकी सैनिक भी तैनात रहते हैं।
इस वजह से उत्तर कोरिया के हर सैन्य परीक्षण को क्षेत्रीय सुरक्षा के लिहाज से बेहद गंभीर माना जाता है।
किम जोंग उन के मिसाइल परीक्षणों का इतिहास
उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन के शासन में मिसाइल परीक्षणों की संख्या पहले की तुलना में काफी बढ़ गई है।
पिछले कई वर्षों में उत्तर कोरिया ने विभिन्न प्रकार की बैलिस्टिक मिसाइलों और लंबी दूरी की मिसाइलों का परीक्षण किया है।
इन परीक्षणों को अक्सर उत्तर कोरिया की सैन्य शक्ति के प्रदर्शन और रणनीतिक संदेश के रूप में देखा जाता है।
मध्य पूर्व युद्ध के बीच बढ़ा वैश्विक तनाव
North Korea Missile Launch ऐसे समय में सामने आया है जब मध्य पूर्व में भी हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं।
अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद क्षेत्र में सैन्य टकराव बढ़ गया है। ईरान की ओर से जवाबी कार्रवाई के कारण पश्चिम एशिया पहले ही अस्थिर स्थिति में है।
ऐसे में कोरियाई प्रायद्वीप में बढ़ती सैन्य गतिविधियों ने वैश्विक सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ा दी है।
ऊर्जा आपूर्ति और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर
मध्य पूर्व में जारी संघर्ष का असर पहले ही वैश्विक ऊर्जा बाजार पर दिखाई देने लगा है।
दुनिया के कई देश ऊर्जा आपूर्ति के लिए अरब देशों पर निर्भर हैं। ऐसे में युद्ध की स्थिति लंबी खिंचने पर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी असर पड़ सकता है।
अब यदि एशिया में भी तनाव बढ़ता है तो इसका प्रभाव अंतरराष्ट्रीय व्यापार और सुरक्षा संतुलन पर पड़ सकता है।
चीन की भूमिका भी अहम
कोरियाई प्रायद्वीप की स्थिति में चीन की भूमिका भी महत्वपूर्ण मानी जाती है।
चीन लंबे समय से उत्तर कोरिया का प्रमुख आर्थिक और राजनीतिक सहयोगी रहा है। वहीं दक्षिण कोरिया अमेरिका के साथ अपने सैन्य और रणनीतिक संबंधों को मजबूत करता रहा है।
इसी कारण यह क्षेत्र वैश्विक शक्ति संतुलन का महत्वपूर्ण केंद्र बना हुआ है।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय की बढ़ी चिंता
North Korea Missile Launch के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थिति पर करीबी नजर रखी जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कोरियाई प्रायद्वीप में तनाव और बढ़ता है तो यह वैश्विक सुरक्षा के लिए नई चुनौती बन सकता है।








