Muzaffarnagar शाहपुर में ‘ऑपरेशन सवेरा’ की बड़ी सफलता! 3 शातिर तस्कर गिरफ्तार, 21 किलो 100 ग्राम गांजा और कार बरामद
शाहपुर। Muzaffarnagar के थाना शाहपुर क्षेत्र में पुलिस ने drug trafficking Shahpur अभियान के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है।
पुलिस ने तीन शातिर तस्करों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 21 किलो 100 ग्राम गांजा बरामद किया है, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 6 लाख रुपये बताई जा रही है।
यह कार्रवाई “ऑपरेशन सवेरा” के अंतर्गत की गई, जो जनपद में अवैध मादक पदार्थों के विरुद्ध चलाया जा रहा विशेष अभियान है।
गांजा तस्करी में प्रयुक्त एक कार भी घटना स्थल से बरामद की गई, जिसे तस्करों ने बड़ी चालाकी से खण्डहर के पास खड़ा किया था।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में चलाया गया अभियान—ADG, DIG और SSP की मॉनिटरिंग
अभियान की कमान शीर्ष अधिकारियों के हाथ में थी—
अपर पुलिस महानिदेशक मेरठ ज़ोन
पुलिस उपमहानिरीक्षक सहारनपुर परिक्षेत्र
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा
इनके पर्यवेक्षण में पुलिस अधीक्षक मण्डी, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण आदित्य बंसल, क्षेत्राधिकारी बुढ़ाना गजेन्द्रपाल सिंह और थानाध्यक्ष शाहपुर मोहित चौधरी ने पूरे अभियान को अंजाम दिया।
पुलिस प्रशासन ने इसे नशा तस्करी के खिलाफ एक “सटीक, संयोजित और तेज़” ऑपरेशन बताया, जिसने तस्करों के नेटवर्क पर सीधा प्रहार किया।
कुटबा नहर पटरी पर गश्त के दौरान मिली संदिग्ध कार—सिंचाई विभाग के खण्डहर से शुरू हुआ पूरा खुलासा
थाना शाहपुर पुलिस की टीम “ऑपरेशन सवेरा” के तहत कुटबा नहर पटरी पर नियमित गश्त कर रही थी।
गश्त के दौरान टीम को सिंचाई विभाग के पुराने खण्डहर के पास एक संदिग्ध कार खड़ी दिखाई दी, जिसकी स्थिति सामान्य नहीं लगी।
जैसे ही पुलिस टीम कार के पास पहुंची, तीन व्यक्ति खण्डहर के पास खड़े दिखे, जो पुलिस को देखकर तेजी से भागने की कोशिश करने लगे।
लेकिन पुलिस टीम ने मौके की नजाकत समझते हुए तत्काल घेराबंदी की और तीनों को मौके पर ही पकड़ लिया।
कार की सघन तलाशी में भारी मात्रा में छिपाकर रखा गया गांजा बरामद हुआ, जिसे कपड़ों और थैलियों में छुपाया गया था।
21 किलो 100 ग्राम गांजा की बरामदगी—6 लाख रुपये से अधिक की काली कमाई पर लगी रोक
बरामद गांजे का वजन 21 किलो 100 ग्राम निकला।
इस मात्रा की कीमत काले बाज़ार में लगभग 6 लाख रुपये तक पहुंच जाती है।
तस्कर इस गांजे को उड़ीसा से सस्ते दामों में खरीदकर हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में महंगे दामों में बेचने की योजना बना रहे थे।
drug trafficking Shahpur अभियान की यह बड़ी सफलता तस्करों की कमर तोड़ने में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
गिरफ्तार तीनों तस्कर—दो हरियाणा के और एक शाहपुर निवासी
गिरफ्तार तस्करों की पहचान हुई—
दिलशाद पुत्र बसीर, निवासी मोहल्ला कस्सावान, कस्बा व थाना शाहपुर
लिल्ला उर्फ लाड्डी पुत्र पन्ना, निवासी क्योडक थाना कैथल सदर, जिला कैथल, हरियाणा
जसमेर सिंह उर्फ गोल्डी पुत्र संतलाल, निवासी क्योडक, थाना कैथल सदर, जिला कैथल, हरियाणा
इनमें से दो तस्कर हरियाणा के सक्रिय सप्लाई रूट से जुड़े हुए हैं, जबकि एक स्थानीय व्यक्ति सप्लाई लॉजिस्टिक्स संभालता था।
अभियुक्तों का खुलासा—‘उड़ीसा से खरीदकर हरियाणा में सप्लाई करते हैं’
प्रारंभिक पूछताछ में तस्करों ने चौंकाने वाली बातें कबूल कीं।
उन्होंने बताया कि—
वे उड़ीसा से सस्ते दाम पर गांजा खरीदते हैं
उसके बाद कारों में छिपाकर लंबी दूरी तय करते हैं
हरियाणा के कई जिलों में सप्लाई करते हैं
मुनाफा कई गुना बढ़ जाता है
नेटवर्क बड़े पैमाने पर सक्रिय है
पुलिस अब इनके पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुट गई है और इनके अन्य साथियों की तलाश भी जारी है।
तस्करों का आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है—नेटवर्क के विस्तार को लेकर आशंका
थाना शाहपुर पुलिस अब तीनों तस्करों के आपराधिक इतिहास की विस्तृत जांच कर रही है।
संभावना है कि ये कई बड़े नेटवर्क से जुड़े हुए हों और पहले भी अवैध तस्करी या अन्य संगठित अपराधों में लिप्त रहे हों।
drug trafficking Shahpur अभियान के तहत पुलिस इनकी कॉल डिटेल्स, संपर्कों और रूट मैप्स की गहन जांच करेगी।
शाहपुर पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका—खण्डहर से पकड़कर तस्करी की बड़ी खेप रोकी
इस कार्रवाई में शामिल रही पुलिस टीम—
थानाध्यक्ष मोहित चौधरी
उपनिरीक्षक विकास चौधरी
उपनिरीक्षक अभिषेक चौधरी
हेड कांस्टेबल रोहताश
हेड कांस्टेबल प्रेमचन्द्र शर्मा
कांस्टेबल शिवम यादव
कांस्टेबल प्रशांत कुमार
कांस्टेबल अनुपम यादव
कांस्टेबल मो. अलीम
इनकी सतर्कता और त्वरित कार्रवाई ने न सिर्फ बड़े मादक पदार्थ तस्करी नेटवर्क को झटका दिया, बल्कि अवैध नशे की सप्लाई को भी रोक दिया।

