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Pope Leo XIV का आह्वान – मिनेसोटा स्कूल गोलीबारी पर शोक, हथियारों की महामारी को बताया मानवता का सबसे बड़ा खतरा

वेटिकन सिटी से रविवार को Pope Leo XIV ने अमेरिका के मिनेसोटा में कैथोलिक स्कूल में हुई गोलीबारी की घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया। इतिहास के पहले अमेरिकी पोप ने इस सामूहिक गोलीबारी में मारे गए बच्चों और घायल हुए लोगों के लिए प्रार्थना की और हथियारों की बढ़ती महामारी को मानवता के लिए सबसे बड़ा खतरा बताया।


“हथियारों के तर्क का अंत होना चाहिए” – पोप

सेंट पीटर स्क्वायर के सामने स्थित अपने अपार्टमेंट से आशीर्वाद देते समय पोप लियो XIV ने अंग्रेजी में कहा –
“अमेरिकी राज्य मिनेसोटा में एक स्कूल में प्रार्थना सभा के दौरान हुई दुखद गोलीबारी के पीड़ितों के लिए हमारी प्रार्थनाएं। हम दुनिया भर में हर दिन मारे जाने वाले और घायल होने वाले अनगिनत बच्चों के लिए प्रार्थना करते हैं। आइए, ईश्वर से प्रार्थना करें कि बड़े और छोटे हथियारों की इस महामारी को रोका जा सके, जो हमारी दुनिया को संक्रमित कर रही है।”

पोप ने कहा कि अब समय आ गया है जब दुनिया को “हथियारों के तर्क” को खत्म कर भाईचारे की संस्कृति को अपनाना होगा।


मिनेसोटा का दर्दनाक हादसा – बच्चों की मौत और कई घायल

मिनियापोलिस के चर्च ऑफ एनानुंसिएशन में रविवार की सामूहिक प्रार्थना के दौरान एक हमलावर ने अंधाधुंध फायरिंग की। इस हमले में दो मासूम बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई और लगभग 20 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, उस समय सैकड़ों छात्र, शिक्षक और अभिभावक चर्च में प्रार्थना सभा में शामिल थे। गोलीबारी से चर्च में अफरा-तफरी मच गई और लोग जान बचाने के लिए हर दिशा में भागने लगे।


पोप का मानवता से आह्वान – भाईचारे की राह अपनाएं

पोप लियो XIV ने कहा कि यह सिर्फ अमेरिका की समस्या नहीं है, बल्कि पूरी दुनिया में हिंसा और हथियारों का प्रसार समाज के ताने-बाने को तोड़ रहा है। उन्होंने कहा कि बच्चों पर गोली चलाना सिर्फ अपराध नहीं बल्कि मानवता के खिलाफ पाप है।

उन्होंने दुनिया के नेताओं से अपील की कि वे हथियारों के प्रसार पर अंकुश लगाएं और ऐसी नीतियां बनाएं जिससे निर्दोष बच्चों की जान सुरक्षित रहे।


वेटिकन से एकजुटता का संदेश

इतिहास के पहले अमेरिकी पोप ने अमेरिका में जन्म लेने की अपनी पृष्ठभूमि का जिक्र करते हुए कहा कि यह दर्द उनके लिए व्यक्तिगत भी है। शिकागो में जन्मे पोप लियो XIV ने कहा कि मिनेसोटा की इस घटना ने उन्हें गहराई से झकझोर दिया है।

उन्होंने पीड़ित परिवारों को सांत्वना देते हुए कहा कि पूरा वेटिकन और कैथोलिक समुदाय उनके साथ खड़ा है।


गन वायलेंस पर दुनिया की नजर

पिछले कुछ सालों में अमेरिका में स्कूल शूटिंग्स लगातार बढ़ रही हैं। मिनेसोटा की यह घटना फिर साबित करती है कि गन वायलेंस अब अमेरिका की सबसे बड़ी सामाजिक समस्या बन चुकी है। पोप लियो XIV का यह बयान न केवल कैथोलिक समुदाय बल्कि पूरी दुनिया के लिए चेतावनी है कि अगर अभी कदम नहीं उठाए गए तो आने वाली पीढ़ियां असुरक्षा और हिंसा की छाया में जीने को मजबूर होंगी।


**पोप लियो XIV की अंतिम अपील:** *”आइए, हम सब भाईचारे और शांति की राह पर चलें। हथियारों से नहीं, बल्कि प्रेम और करुणा से इस दुनिया को सुरक्षित बनाएं।”*

 

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