Punjab- श्री मुक्तसर साहिब में पटाखा फैक्ट्री में भीषण धमाका: 5 की मौत, 30 घायल, इलाके में मचा हड़कंप
Punjab के श्री मुक्तसर साहिब जिले के लांबी क्षेत्र में बीती रात एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जिसने पूरे इलाके को दहशत में डाल दिया। सिंहावाली-कोटली रोड पर स्थित एक दो मंजिला पटाखा निर्माण और पैकेजिंग फैक्ट्री में अचानक तेज धमाका हुआ। इस भीषण विस्फोट में पांच लोगों की मौत हो गई और करीब 30 से अधिक लोग घायल हो गए। हादसा रात के लगभग एक बजे हुआ, जब फैक्ट्री में प्रवासी मजदूर काम में व्यस्त थे।
🧨फैक्ट्री की छत उड़ गई, दीवारें ढहीं, चारों तरफ चीख-पुकार
स्थानीय लोगों के मुताबिक, धमाका इतना जोरदार था कि इसकी आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। दो मंजिला फैक्ट्री की छत पूरी तरह से ढह गई और चारों ओर मलबा बिखर गया। विस्फोट के बाद फैक्ट्री में आग भी लग गई, जिससे राहत और बचाव कार्य में भी काफी दिक्कतें आईं।
👮♂️पुलिस ने तुरंत शुरू किया रेस्क्यू ऑपरेशन, 30 से ज्यादा घायल
लांबी के डीएसपी जसपाल सिंह ने बताया कि जैसे ही पुलिस को घटना की सूचना मिली, तुरंत राहत दल मौके पर भेजे गए। कई लोग मलबे में दबे हुए थे, जिन्हें जेसीबी मशीनों और स्थानीय लोगों की मदद से निकाला गया। घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों और एम्स बठिंडा में भर्ती कराया गया है। राहत की बात यह है कि अधिकांश घायलों की हालत स्थिर बताई जा रही है।
🧾धमाके के कारणों की जांच जारी, प्रथम दृष्टया पटाखों की सामग्री जिम्मेदार
श्री मुक्तसर साहिब के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) डॉ. अखिल चौधरी ने जानकारी दी कि धमाका फैक्ट्री के निर्माण खंड के एक कमरे में हुआ, जिससे उसकी छत गिर गई और भारी तबाही हुई। शुरुआती जांच के अनुसार, धमाका संभवतः उन रसायनों और सामग्री के कारण हुआ है, जो पटाखों के निर्माण में प्रयुक्त होती हैं।
फॉरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया है, जो साक्ष्यों के आधार पर असली कारणों का पता लगाएगी। फैक्ट्री के लाइसेंस, सुरक्षा मानकों और रसायनों की मात्रा की भी जांच की जा रही है।
🏭क्या अवैध रूप से चल रही थी यह फैक्ट्री? अब उठ रहे हैं कई सवाल
धमाके के बाद फैक्ट्री की वैधता को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि यह यूनिट पिछले कई महीनों से बिना किसी कड़े निरीक्षण के चल रही थी। वहां काम करने वाले ज्यादातर लोग उत्तर प्रदेश और बिहार से आए प्रवासी मजदूर थे, जिन्हें नाममात्र की सुरक्षा उपलब्ध कराई गई थी। अब सवाल उठ रहा है कि प्रशासन और उद्योग विभाग की निगरानी क्यों नहीं थी?
🛑सुरक्षा मानकों की अनदेखी से बार-बार दोहराए जा रहे ऐसे हादसे
यह कोई पहला मामला नहीं है जब पटाखा फैक्ट्री में ऐसा धमाका हुआ हो। बीते कुछ वर्षों में देशभर में ऐसे सैकड़ों हादसे सामने आ चुके हैं, जिनमें जान-माल की भारी हानि हुई है। सुरक्षा मानकों की अनदेखी और सस्ती मजदूरी पर असुरक्षित काम करने वाले प्रवासी मजदूरों को जोखिम में डालना एक आम बात बन चुकी है।
👁️स्थानीय प्रशासन और सरकार के लिए एक चेतावनी
यह हादसा केवल एक दुखद दुर्घटना नहीं, बल्कि प्रशासन और संबंधित विभागों के लिए एक बड़ा सबक है। ऐसी फैक्ट्रियों की नियमित जांच होनी चाहिए, और अवैध रूप से चल रही इकाइयों को तुरंत बंद किया जाना चाहिए। यदि समय रहते सख्ती बरती जाती, तो शायद इन मासूम लोगों की जान बचाई जा सकती थी।
💬स्थानीय लोगों में गुस्सा, सरकार से न्याय की मांग
घटना के बाद से इलाके में भारी आक्रोश है। स्थानीय निवासी प्रशासनिक चूक का आरोप लगाते हुए पीड़ित परिवारों को मुआवजा और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। पंजाब सरकार ने भी इस हादसे को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दे दिए हैं।
🙏मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि, घायलों की जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना
पांच मृतकों की पहचान की प्रक्रिया जारी है और उनके परिवारों को सूचित किया जा रहा है। प्रशासन ने पीड़ितों को मुआवजा देने की बात कही है। वहीं, पंजाब के मुख्यमंत्री की ओर से भी पीड़ित परिवारों के लिए संवेदना व्यक्त की गई है।

