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Bitcoin Scam में Raj Kundra को राहत: 150 करोड़ के क्रिप्टो पोंजी केस में कोर्ट से जमानत, ED के आरोपों पर बढ़ी बहस

Raj Kundra bitcoin scam मामले में एक बड़ा कानूनी मोड़ सामने आया है। बॉलीवुड अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी के पति और जाने-माने बिजनेसमैन राज कुंद्रा को मनी लॉन्ड्रिंग केस में न्यायिक जमानत मिल गई है। यह जमानत मुंबई की स्पेशल पीएमएलए कोर्ट ने 150 करोड़ रुपये के कथित क्रिप्टो पोंजी घोटाले से जुड़े मामले में दी है। कोर्ट का यह फैसला न सिर्फ कानूनी गलियारों में बल्कि राजनीतिक और सोशल मीडिया मंचों पर भी तीखी चर्चा का विषय बन गया है।


🔴 क्या है Raj Kundra bitcoin scam का पूरा मामला

यह मामला उस समय सुर्खियों में आया जब प्रवर्तन निदेशालय ने पिछले साल एक विस्तृत चार्जशीट दाखिल की। इस चार्जशीट में दावा किया गया कि राज कुंद्रा के पास कुल 285 बिटकॉइन थे, जिनकी मौजूदा बाजार कीमत लगभग 150.47 करोड़ रुपये आंकी गई।

ईडी के अनुसार, ये बिटकॉइन एक बड़े क्रिप्टो पोंजी घोटाले से जुड़े थे, जिसके मास्टरमाइंड अमित भारद्वाज बताए गए। जांच एजेंसी का आरोप है कि यह क्रिप्टो संपत्ति अपराध से अर्जित धन थी और इसे वैध दिखाने के प्रयास किए गए।


🔴 बिटकॉइन माइनिंग और यूक्रेन प्रोजेक्ट की कहानी

Raj Kundra bitcoin scam केस में ईडी ने यह भी दावा किया कि कुंद्रा को ये बिटकॉइन यूक्रेन में प्रस्तावित एक बिटकॉइन माइनिंग प्रोजेक्ट के नाम पर दिए गए थे। कागजों में दिखाया गया कि यह निवेश एक अंतरराष्ट्रीय क्रिप्टो माइनिंग पहल का हिस्सा था, लेकिन जांच में सामने आया कि यह प्रोजेक्ट कभी जमीन पर उतरा ही नहीं।

ईडी का कहना है कि इसके बावजूद राज कुंद्रा ने इन बिटकॉइन को अपने पास रखा और उनका उपयोग किया। एजेंसी के मुताबिक, यह स्पष्ट रूप से मनी लॉन्ड्रिंग और अवैध संपत्ति को वैध बनाने की कोशिश का मामला बनता है।


🔴 ‘मध्यस्थ’ वाला बचाव और ईडी का पलटवार

चार्जशीट में यह भी उल्लेख किया गया कि राज कुंद्रा ने खुद को इस पूरे लेन-देन में केवल एक मध्यस्थ बताने की कोशिश की। उनका तर्क था कि बिटकॉइन का स्वामित्व उनका नहीं था और वे सिर्फ ट्रांजैक्शन को सुविधाजनक बनाने का काम कर रहे थे।

हालांकि ईडी ने इस दलील को खारिज करते हुए कहा कि कुंद्रा इस दावे के समर्थन में कोई ठोस दस्तावेज पेश नहीं कर पाए। जांच में सामने आई एक तथाकथित टर्म शीट को ईडी ने अहम सबूत बताया, जो कथित तौर पर राज कुंद्रा और अमित भारद्वाज के बीच सीधे हुए समझौते को दर्शाती है। इससे एजेंसी का दावा मजबूत होता है कि कुंद्रा केवल मध्यस्थ नहीं, बल्कि इस क्रिप्टो संपत्ति के वास्तविक लाभार्थी थे।


🔴 कोर्ट ने क्यों दी जमानत

Raj Kundra bitcoin scam मामले की सुनवाई के दौरान स्पेशल पीएमएलए कोर्ट ने कई अहम बिंदुओं पर गौर किया। कोर्ट ने कहा कि राज कुंद्रा ने जांच के दौरान एजेंसी के साथ सहयोग किया है और उन्हें इस मामले में कभी गिरफ्तार नहीं किया गया था।

कोर्ट की टिप्पणी के अनुसार, ऐसी स्थिति में अब उन्हें न्यायिक हिरासत में रखने की कोई ठोस आवश्यकता नहीं बनती। इसी आधार पर कोर्ट ने उन्हें सशर्त जमानत प्रदान की। हालांकि अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि कुंद्रा को अगली सुनवाई में अनिवार्य रूप से पेश होना होगा और जांच में पूरा सहयोग जारी रखना होगा।


🔴 कोर्ट से बाहर निकलते ही कैमरों में कैद मुस्कान

जमानत मिलने के बाद जैसे ही राज कुंद्रा कोर्ट परिसर से बाहर निकले, मीडिया के कैमरों ने उन्हें मुस्कुराते हुए कैद कर लिया। यह दृश्य सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और लोगों के बीच तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं।

कुछ लोगों ने इसे आत्मविश्वास का संकेत बताया, तो कुछ ने इसे न्यायिक प्रक्रिया के प्रति असंवेदनशील रवैया करार दिया। Raj Kundra bitcoin scam एक बार फिर सोशल मीडिया ट्रेंड्स में शामिल हो गया।


🔴 क्रिप्टोकरेंसी, कानून और बढ़ती सख्ती

यह मामला ऐसे समय में सामने आया है, जब भारत में क्रिप्टोकरेंसी को लेकर नियमों और निगरानी को लगातार सख्त किया जा रहा है। मनी लॉन्ड्रिंग, टैक्स चोरी और पोंजी स्कीम जैसे मामलों में डिजिटल एसेट्स के इस्तेमाल ने एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है।

Raj Kundra bitcoin scam केस को विशेषज्ञ एक मिसाल के तौर पर देख रहे हैं, जो आने वाले समय में क्रिप्टो लेन-देन पर कानून के दायरे को और स्पष्ट कर सकता है।


🔴 आगे क्या? अगली सुनवाई पर टिकी नजरें

अब यह मामला अगली सुनवाई के लिए ड्राफ्ट कर दिया गया है, जहां चार्जशीट में पेश किए गए सबूतों, गवाहों और वित्तीय लेन-देन की विस्तृत समीक्षा होगी। कोर्ट यह तय करेगी कि मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप कितने मजबूत हैं और किन धाराओं में आगे की कार्रवाई बनती है।

राज कुंद्रा को मिली जमानत भले ही एक बड़ी राहत हो, लेकिन कानूनी लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है। आने वाले महीनों में इस केस से जुड़े नए खुलासे और कानूनी दलीलें सामने आ सकती हैं।


राज कुंद्रा बिटकॉइन स्कैम मामला केवल एक हाई-प्रोफाइल जमानत की खबर नहीं है, बल्कि यह भारत में क्रिप्टोकरेंसी, मनी लॉन्ड्रिंग और जवाबदेही के बदलते कानूनी परिदृश्य को दर्शाता है। कोर्ट से मिली राहत के बावजूद, यह केस आने वाले समय में यह तय करेगा कि डिजिटल संपत्तियों के दौर में कानून कितना सख्त और प्रभावी हो सकता है।

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