श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति Ranil Wickremesinghe गिरफ्तार: सरकारी धन के दुरुपयोग का बड़ा घोटाला
श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति Ranil Wickremesinghe को क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (CID) ने शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया। उन पर आरोप है कि उन्होंने अपनी पत्नी की लंदन यात्रा में सरकारी कोष का गलत उपयोग किया। यह गिरफ्तारी श्रीलंका में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही सख्त कार्रवाई का हिस्सा है।
विक्रमसिंघे छह बार श्रीलंका के प्रधानमंत्री रह चुके हैं और जुलाई 2022 से 2024 तक उन्होंने राष्ट्रपति का पद संभाला। उनकी यह गिरफ्तारी 2025 में दर्ज एक मामले से जुड़ी है, जिसमें पाया गया कि सरकारी धन का उपयोग निजी यात्रा के लिए किया गया।
विक्रमसिंघे की लंदन यात्रा और आरोपों की गहराई
श्रीलंका के पुलिस अधिकारियों ने बताया कि विक्रमसिंघे सितंबर 2023 में अपनी पत्नी प्रोफेसर मैत्री विक्रमसिंघे के लिए ब्रिटेन में आयोजित एक दीक्षांत समारोह में शामिल होने गए थे। इस यात्रा के लिए लगभग 10 लोगों का समूह बनाया गया और सरकारी खजाने से करीब 1.69 करोड़ रुपए खर्च हुए।
विक्रमसिंघे ने आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि उनकी पत्नी ने अपनी यात्रा का खर्च खुद वहन किया और किसी सरकारी पैसे का दुरुपयोग नहीं हुआ। उन्होंने इसे राजनीति से प्रेरित बताकर अपने ऊपर लगे आरोपों का खंडन किया।
CID और जांच अधिकारियों का रुख
क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (CID) का कहना है कि यात्रा में सरकारी खर्च का इस्तेमाल हुआ, जिसमें उनके निजी बॉडीगार्ड को भी भुगतान शामिल था। अधिकारियों ने बताया कि विक्रमसिंघे ने हवाना और अमेरिका की आधिकारिक यात्राओं के बाद निजी यात्रा के लिए लंदन जाना चुना था, और यह यात्रा आधिकारिक नहीं थी।
CID ने फोर्ट मजिस्ट्रेट कोर्ट में सबूत पेश किए, जिनमें विक्रमसिंघे की पूर्व निजी सचिव सैंड्रा परेरा और पूर्व राष्ट्रपति सचिव समन एकनायके के बयान शामिल हैं। इन बयानों के आधार पर ही विक्रमसिंघे को गिरफ्तार किया गया।
श्रीलंका में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई
श्रीलंका में पिछले कुछ वर्षों में उच्च पदस्थ अधिकारियों के खिलाफ कई मामलों में कार्रवाई की गई है। गोटबाया राजपक्षे के इस्तीफे के बाद देश में भ्रष्टाचार और कुप्रबंधन के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन चरम पर थे। उस समय विक्रमसिंघे को राष्ट्रपति पद के लिए चुना गया।
विशेषज्ञों का कहना है कि विक्रमसिंघे की गिरफ्तारी यह संदेश देती है कि श्रीलंका में भ्रष्टाचार को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा, चाहे कोई कितना भी उच्च पद पर क्यों न हो।
विक्रमसिंघे का राजनीतिक सफर और उपलब्धियां
विक्रमसिंघे ने 1990 के दशक से अब तक छह बार प्रधानमंत्री का पद संभाला। इस दौरान उन्होंने 23 विदेश यात्राएं कीं, जिनके लिए लगभग 17.5 करोड़ रुपये खर्च किए गए। 2022 में राष्ट्रपति बने हुए उन्होंने देश की सबसे खराब वित्तीय मंदी के बाद अर्थव्यवस्था को स्थिर करने का श्रेय लिया।
हालांकि, पिछले वर्ष सितंबर में हुए चुनाव में उन्होंने वामपंथी ए.के. दिसानायके से हार का सामना किया।
लंदन यात्रा और विवादित खर्च
विक्रमसिंघे ने क्यूबा और अमेरिका के दौरे के बाद ब्रिटेन की यात्रा की। उनके खिलाफ आरोप है कि इस दौरान सरकारी धन का इस्तेमाल किया गया। अधिकारियों ने कहा कि इस यात्रा में सुरक्षा, आवास और यात्रा खर्च सरकारी कोष से चुकाया गया।
विक्रमसिंघे ने इस पूरे मामले में अपने बयान CID को दर्ज कराए और अपनी सफाई दी कि सभी खर्च उनकी पत्नी ने खुद वहन किए थे।
इतिहास में पहली बार पूर्व राष्ट्रपति की गिरफ्तारी
श्रीलंका के इतिहास में यह पहला मौका है जब एक पूर्व राष्ट्रपति को गिरफ्तारी का सामना करना पड़ा। यह घटना देश में राजनीतिक हलचल और जनता की नजरों में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक मजबूत संदेश के रूप में देखी जा रही है।

