रैपिड रेस्पांस टीम कर रही शहर में प्रचार-प्रसार: उपचार के दौरान भी मोबाइल पर सेहत की जानकारी
मुजफ्फरनगर। कोरोना वायरस संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए स्वास्थ विभाग की रैपिड रेस्पांस टीम सक्रिय है। टीम के विशेषज्ञ सदस्य संक्रमण की सूचना पर मरीज के घर पहुंचकर दवा और उचित सलाह दे रहे हैं। उपचार के दौरान भी मोबाइल पर सेहत की जानकारी ली जा रही है।
कोरोना वायरस संक्रमित मरीजों के उपचार तथा उन्हें उचित मार्गदर्शन देने के लिए नगर स्तर पर रैपिड रेस्पांस टीम कार्य कर रही है। डीएम के निर्देश के बाद स्वास्थ्य विभाग ने नगर में ५० टीमों का गठन किया था। सभी वार्ड में एक-एक टीम काम कर रही है। जिसमें एक फार्मासिस्ट, एक स्टाफ नर्स तथा एक वार्ड ब्वॉय को शामिल किया गया है।
प्रत्येक टीम ई-रिक्शा पर सक्रिय है। रैपिड रेस्पांस टीम के नगर प्रभारी डा. राकेश बंसल बताते हैं कि टेस्ट रिपोर्ट के बाद किसी पाजिटिव मरीज का डाटा पोर्टल पर आता है तो उसमें दिये गए पते तथा फोन नंबर की सहायता से उनकी टीम संक्रमित के घर पर पहुंचती है।
आरआरटी अर्बन प्रभारी डा. राकेश बंसल बताते हैं कि संक्रमित मरीज को स्वास्थ्य विभाग की ओर से दवाइयों की किट प्रदान की जाती है। इसके अलावा टीम के विशेषज्ञ सदस्य पल्स आक्सोमीटर से संबंधित का आक्सीजन स्तर भी जांचते हैं तथा किसी भी स्थिति का आंकलन कर उपचार के अगले चरण की जानकारी मौके पर ही उपलब्ध कराते हैं।
रैपिड रेस्पांस टीम में शामिल विशेषज्ञों की खास टीमें संक्रमण की चेन तोड़ने में जुटी है और लाइन लिस्टिग कर रही है। डा. राकेश बंसल के अनुसार एक टीम जिसमें डाक्टर, लैब टेक्नीशियन शामिल हैं, संक्रमित के घर जाती है तथा लाइन टेस्टिग का काम करती है।
उनके मुताबिक संक्रमित की पूरी जांच की जाती है तथा इस दौरान उसके संपर्क में आए लोगों की जानकारी की जाती है। इसके बाद संपर्क में आए लोगों भी जांच होती है तथा आवश्यकता अनुसार उन्हें होम आइसोलेट किया जाता है।
सीएमओ डा. एमएस फौजदार ने बताया कि आरआरटी काफी अच्छा कार्य कर रही है। डीएम के निर्देशन में टीम ने निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष १७५ प्रतिशत उपलब्धि हासिल कर ली है।

