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जीवनी शक्ति रूपी चैत्र नवरात्र (Chaitra Navratri): तंत्र-मंत्र के लिये उपयुक्त

Chaitra Navratri वर्ष के चार नवरात्रों (Chaitra Navratri) में चैत्र, आषाढ़, आश्विन और माघ की शुक्ल प्रतिपदा से नवमी तक नौ दिन के होते हैं, परंतु प्रसिद्धि में चैत्र और आश्विन के नवरात्र ही मुख्य माने जाते हैं। इनमें भी देवीभक्त आश्विन के नवरात्र अधिक करते हैं। इनको यथाक्रम वासन्ती और शारदीय नवरात्र भी कहते हैं।

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Astro Care: व्यवसाय में लाभ प्राप्ति के No. 1 प्रभावशाली Tone-Totke, मुख्य द्वार पश्चिम की ओर है तो फिर काले घोड़े की नाल लाभदायक….

Astro Care: जातक यदि मंगलवार को कार्यालय आते समय किसी हनुमान जी के मंदिर में दर्शन कर उनके बाएं पैर से सिंदूर लेकर स्वयं के तिलक करे तो अत्यंत लाभदायक होता है। (Tone-Totke) माह में एक सोमवार को तांबे के पात्र में जल भरकर उसमें कुछ साबुत नमक डालकर रखें तथा अगले दिन मंगलवार को दिन के 2:00 बजे से पहले वह जल व्यवसाय स्थल की दीवारों पर छिड़क दें।

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Kharmas 2022: खरमास 15 मार्च से शुरू, नहीं किए जाते हैं ये काम …

Kharmas 2022: माना जाता है कि इस माह में सूर्यदेव के रथ को घोड़े नहीं खींचते हैं। संस्कृत में गधे को खर कहा जाता है। अत: इस समय में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए।

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सटीक और अचूक माना जाता है नक्षत्र से फलादेश: कौन से Nakshatra का क्या होता है असर

मध्यम Nakshatra के तहत वह नक्षत्र आते हैं जिसमें आम तौर पर कोई विशेष या बड़ा काम करना उचित नहीं, लेकिन सामान्य कामकाज के लिहाज से कोई नुकसान नहीं होता। इनमें जो नक्षत्र आते हैं वो हैं पूर्वा फाल्गुनी, पूर्वाषाढ़ा, पूर्वाभाद्रपद, विशाखा, ज्येष्ठा, आर्द्रा, मूला और शतभिषा।

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Vedic astrology: घर के प्रेत या पित्र रुष्ट हैं? पितृ रूष्‍ट होने के लक्षण (Pitra dosh)

Vedic astrology: जब परिवार के किसी सदस्‍य की स्वाभाविक मृत्यु न हो या परिवार का कोई सदस्‍य कुंवारा रहते हुए ही मृत्यु को प्राप्त हो जाता है। इस प्रकार के व्‍यक्‍ति अतृप्त आत्मा के रूप में विचरते है, और परिवार से अपने लिए हक की मांग करते हैं।

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Sun In Astrology: ज्योतिष में सूर्य (Surya) ग्रह का महत्व और प्रभाव

Astrology: यदि जन्मकुण्डली में सूर्य के दोनों ओर (द्वितीय तथा द्वादश भाव में) चन्द्रमा के अतिरिक्त अन्य ग्रह स्थित हो तो उभयचरी-योग बनता है। शुभग्रह हो तो शक्ति न्याय करने वाला तथा प्रत्येक स्थिति को सहन करने में समर्थ होता है।

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Temple Vastu Tips: कहां और कैसा हो आपके घर का पूजाघर (Puja Ghar)

Temple Vastu Tips: Puja Ghar किसी ओर दिशा में हो तो पानी पीते समय मुंह ईशान कोण यानी उत्तर-पूर्व दिशा की ओर रखें। पूजाघर के ऊपर या नीचे की मंजिल पर शौचालय या रसोईघर नहीं होना चाहिए, न ही इनसेसटा हुआ।

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Garud Puran: मृत्यु के समय आते हैं दो यमदूत, 47 दिन बाद आत्मा पहुंचती है यमलोक

Garud Puran: उस पिंडदान के प्रतिदिन चार भाग हो जाते हैं। उसमें दो भाग तो पंचमहाभूत देह को पुष्टि देने वाले होते हैं, तीसरा भाग यमदूत का होता है तथा चौथा भाग प्रेत खाता है। नवें दिन पिंडदान करने से प्रेत का शरीर बनता है।

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Shanidev: पीपल की पूजा करने से क्‍यों मिट जाता है शनि का प्रकोप?

Shanidev: शनिवार के दिन पीपल की पूजा करने से शनिदेव से जुड़े कष्टों से व्यक्ति को मुक्ति मिलती है. शनिदेव से खुद कहा है कि जो भी व्यक्ति पीपल की पूजा करेगा, पीपल को स्पर्श करेगा, उसके सारे मनोरथ सिद्ध होंगे. उसे कभी शनि से जुड़े कष्ट नहीं झेलने पड़ेंगे.

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Fast Rules: जानें किस दिन रखना है कौन सा व्रत (Vrat) जिससे पूरी हों आपकी मनोकामनाएं?

Fast Rules: हिंदू धर्म में सप्ताह का हरदिन किसी न किसी देवी-देवता को समर्पित है. जिस तरह सोमवार का दिन भगवान शिव को समर्पित है, मंगलवार हनुमान जी को और बुधवार गणेश जी की पूजा का विधान है.

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सात चिरंजीवी (Sapt chiranjeevi) कौन-कौन हैं? इन Seven लोगों को मिला है अमरता का वरदान

Sapt chiranjeevi: योग में जिन अष्ट सिद्धियों की बात कही गई है वे सारी शक्तियाँ इनमें विद्यमान है। यह सब किसी न किसी वचन, नियम या शाप से बंधे हुए हैं और यह सभी दिव्य शक्तियों से संपन्न है।हमारे धर्मग्रंथो में एक श्लोक है ‘अश्वत्थामा बलिर्व्यासो हनुमांश्च विभीषणः । कृपः परशुरामश्च सप्तैते चिरंजीविनः ॥ सप्तैतान् संस्मरेन्नित्यं मार्कण्डेयमथाष्टमम्। जीवेद्वर्षशतं सोपि सर्वव्याधिविवर्जित।।’

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