कालसर्प और नागदोष में अंतर कैसे पाएं Kaal Sarp, Naag Dosh से मुक्ति
अन्य सात ग्रहों के राहु या केतु के साथ युति होने पर कालसर्प दोष (Kaal Sarp Dosh) बनता है वहीं दूसरी ओर पहले, दूसरे,पांचवें, सातवें और आठवें घर में राहु-केतु के प्रवेश पर नाग दोष (Naag Dosh)जन्म लेता है।जैसे की किसी कुंडली में राहु अथवा केतु कुंडली के पहले घर में, चन्द्रमा के साथ अथवा शुक्र के साथ स्थित हों
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