खेल जगत

Rishabh Pant Test Captaincy Shock: गुवाहाटी टेस्ट में इतिहास बना, SA के खिलाफ पहली बार लंच से पहले टी-ब्रेक, टॉप मोमेंट्स ने मैच को बनाया यादगार

गुवाहाटी के बरसापारा स्टेडियम में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट ने भारतीय क्रिकेट इतिहास में कई अनोखे पन्ने जोड़ दिए। Shubman Gill के चोटिल होने के बाद Rishabh Pant Test Captaincy की शुरुआत हुई और पंत भारत के 38वें टेस्ट कप्तान बन गए।
माहौल, ऊर्जा और मैदान की हर चाल में एक नया जोश दिखा—क्योंकि पहली बार विकेटकीपर Rishabh Pant, एमएस धोनी के बाद टेस्ट टीम की कमान संभालने उतरे थे।

साउथ अफ्रीका ने पहले दिन 6 विकेट पर 247 रन बनाए। प्रोटियाज के ट्रिस्टन स्टब्स ने 49 रन की सबसे बड़ी पारी खेली।
लेकिन असली हाइलाइट सिर्फ रन या विकट्स नहीं थे—बल्कि वो कई ‘पहली बार’ वाले पल थे जो इस मुकाबले को इतिहास के सबसे अनोखे टेस्ट दिनों में बदल देते हैं।


पंत बने भारत के दूसरे विकेटकीपर कप्तान — Rishabh Pant Test Captaincy का बड़ा अध्याय शुरू

भारत के क्रिकेट इतिहास में विकेटकीपर-कप्तान की परंपरा बहुत सीमित रही है।
एमएस धोनी के बाद अब यह दुर्लभ जिम्मेदारी रिषभ पंत को मिली है।

धोनी की कप्तानी:

  • 2008–2014 के बीच 60 टेस्ट

  • भारत को नंबर-1 टेस्ट टीम बनाया

  • विदेशों में जीत दिलाई

अब उसी सूची में पंत का नाम जुड़ गया है—भारत के 38वें टेस्ट कप्तान के रूप में।
दर्शक यह जानने को उत्सुक थे कि उनके नेतृत्व में टीम कैसा प्रदर्शन करेगी, और यह पहला दिन उतना ही रोमांचक रहा।


औपचारिक शुरुआत का शानदार नज़ारा: मन्हास-सैकिया ने बेल बजाकर मैच को शुरू किया

दूसरे टेस्ट की शुरुआत परंपरागत अंदाज़ में की गई।
BCCI अध्यक्ष मिथुन मन्हास और सचिव देवजीत सैकिया को मैदान पर आमंत्रित किया गया।
दोनों ने मैच से पहले “बेल रिंगिंग सेरेमनी” के जरिए मुकाबले की आधिकारिक शुरुआत की।

स्टेडियम में गूँजती तालियों के बीच यह पल भारतीय क्रिकेट की संस्कृति और परंपरा का एक खूबसूरत हिस्सा बना।
गुवाहाटी में हुए पहले टेस्ट मैच के रूप में यह उद्घाटन भी ऐतिहासिक बन गया।


दोनों कप्तानों ने स्टेडियम पोर्ट्रेट पर किए साइन — गुवाहाटी टेस्ट की पहचान हमेशा रहेगी खास

गुवाहाटी में पहली बार टेस्ट मैच आयोजित किया जा रहा है, इसलिए इस ऐतिहासिक मौके को चिह्नित करने के लिए एक विशेष प्री-मैच सेरेमनी रखी गई।
दोनों टीमों के कप्तानों ने स्टेडियम के पोर्ट्रेट पर अपने सिग्नेचर किए—जिसमें Rishabh Pant भी शामिल थे।

यह तस्वीरें अब भारतीय क्रिकेट के सबसे अनोखे स्मृति-पलों में गिनी जाएंगी।


बड़ा ड्रामा: राहुल ने छोड़ा मार्करम का कैच — मैच का टर्निंग प्वॉइंट बन सकता था यह पल

सातवें ओवर में जसप्रीत बुमराह ने ऑफ स्टंप के बाहर फुल लेंथ डिलीवरी फेंकी।
मार्करम ने शॉट खेला, बल्ले का बाहरी किनारा लगा—और गेंद स्लिप में गई।
केएल राहुल झुके, हाथ बढ़ाए… लेकिन गेंद हाथों से निकलकर जमीन छू गई।

इस जीवनदान का फायदा मार्करम ने उठाया और 4 रन पर आउट होने से बच गए।
मैच एक्सपर्ट्स इसे “पहले दिन का मिसिंग टर्निंग प्वॉइंट” कह रहे हैं।


टेम्बा बावुमा का चोटिल होना — मैच में तनाव और बढ़ा

35वें ओवर की तीसरी गेंद पर मोहम्मद सिराज की बॉल
सीधे टेम्बा बावुमा की कोहनी पर जा लगी।

साउथ अफ्रीका के फिजियो तुरंत मैदान पर आए।
बावुमा ने दर्द सहते हुए खेल जारी रखा और 41 रन बनाकर आउट हुए।

लेकिन इस चोट ने एक बार मैच का रुख बदलने की आशंका भी पैदा कर दी थी।


148 साल के इतिहास में पहली बार—लंच से पहले टी-ब्रेक! Rishabh Pant Test Captaincy Day को बनाया अनोखा

यह दिन सिर्फ क्रिकेट की घटनाओं से ही नहीं, बल्कि एक ‘ऐतिहासिक नियम-परिवर्तन’ के कारण भी खास बन गया।

दुनिया के 148 साल के टेस्ट इतिहास में पहली बार
लंच से पहले टी-ब्रेक लिया गया।

क्यों?

क्योंकि पूर्वोत्तर भारत में सूर्योदय और सूर्यास्त अन्य हिस्सों की तुलना में जल्दी होता है।
इसलिए शेड्यूल ऐसा रखा गया—

  • पहला सत्र: सुबह 9:00 से 11:00

  • टी-ब्रेक: 11:00 से 11:20

  • लंच बाद में

यह बदलाव टेस्ट इतिहास की किताबों में दर्ज हो गया।


बावुमा का बतौर कप्तान टेस्ट में 1000 रन पूरे — SA के नौवें खिलाड़ी बने

पहले दिन बावुमा ने अपने करियर का बड़ा माइलस्टोन हासिल किया।

  • टेस्ट में बतौर कप्तान 1000 रन पूरे

  • साउथ अफ्रीका की ओर से ऐसा करने वाले नौवें खिलाड़ी

  • 20वीं पारी में यह उपलब्धि—

    • डडली नॉर्स के बराबर

    • ग्रीम स्मिथ (17 पारी) से सिर्फ पीछे

यह उपलब्धि साउथ अफ्रीका की कप्तानी पर उनकी मजबूत पकड़ दिखाती है।


Rishabh Pant Test Captaincy Day: कई यादगार फैसले और रणनीतियाँ

पंत की कप्तानी में भारतीय टीम का दृष्टिकोण थोड़ा अधिक आक्रामक और ऊर्जावान नजर आया।
उन्होंने—

  • स्पिनर्स को जल्दी उतारा

  • फील्डिंग में तेज बदलाव किए

  • पेसर्स को छोटे-छोटे स्पेल में इस्तेमाल किया

  • स्लिप-कोर्डन पर लगातार बातचीत की

  • खुद भी विकेट के पीछे लगातार मोटिवेट करते रहे

कप्तानी का यह अंदाज़ दर्शकों को “युवा धोनी” की याद दिला रहा था—लेकिन एक अधिक चंचल, अधिक आक्रामक और साहसी पंत के साथ।


पहले दिन का कुल खेल: SA 6 विकेट पर 247 — मैच बेहद रोमांचक मोड़ पर

साउथ अफ्रीका की टीम 247/6 पर दिन खत्म कर सकी।
ट्रिस्टन स्टब्स (49), बावुमा (41), मार्करम (जीवनदान के बाद सेट हुए) आदि खिलाड़ियों ने भारत को आसानी से हावी नहीं होने दिया।
भारत को दूसरे दिन तेजी से विकेट निकालने होंगे ताकि मैच उनके हाथ में रहे।


गुवाहाटी में Rishabh Pant Test Captaincy का पहला दिन भारतीय क्रिकेट के लिए ऐतिहासिक रहा—चाहे वह कप्तानी की जिम्मेदारी हो, BCCI अधिकारियों की विशेष मौजूदगी हो, या 148 साल में पहली बार लंच से पहले टी-ब्रेक लिया जाना। भारत और साउथ अफ्रीका के बीच यह टेस्ट सिर्फ आंकड़ों का मुकाबला नहीं, बल्कि क्रिकेट के बदलते युग की एक झलक भी है। आने वाले दिनों में यह मैच और रोमांचक मोड़ ला सकता है।

 

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