Russia Ukraine War: उत्तर कोरियाई सैनिकों के शव जलाने का चौंकाने वाला दावा, जेलेंस्की बोले- ‘यह पागलपन रोका जाए
फरवरी 2022 से जारी Russia Ukraine War अब अपने चरम पर पहुंच चुका है, जहां मानवीयता को दरकिनार करते हुए खतरनाक और चौंकाने वाले दृश्य सामने आ रहे हैं। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने एक सनसनीखेज वीडियो साझा करते हुए दावा किया है कि रूसी सैनिकों ने युद्ध में मारे गए उत्तर कोरियाई सैनिकों के शवों को आग के हवाले कर दिया। यह दावा वैश्विक मंच पर चर्चा का विषय बन गया है।
जेलेंस्की ने मंगलवार को सोशल मीडिया पर यह वीडियो अपलोड किया और इसे ‘रूस की ओर से की गई एक और बर्बरता’ करार दिया। उन्होंने कहा, “उत्तर कोरियाई सैनिकों की मौत के बाद उनके शवों की पहचान मिटाने के लिए रूस उन्हें जलाने का प्रयास कर रहा है। इस पागलपन को अब रोकने की जरूरत है।”
वीडियो में दिखे खौफनाक दृश्य
जेलेंस्की द्वारा साझा किए गए वीडियो में उन स्थानों को दिखाया गया है जहां उत्तर कोरियाई सैनिक मारे गए। वीडियो में बर्फ से ढकी जमीन पर पड़े शवों के हिस्सों को जलाया जा रहा था। यह स्थिति साफ संकेत देती है कि रूस इस क्रूरता के जरिए युद्ध में अपने सहयोगियों की पहचान छिपाने का प्रयास कर रहा है।
यूक्रेन के राष्ट्रपति ने कहा, “यह साफ है कि रूस न केवल उत्तर कोरियाई सैनिकों को यूक्रेनी ठिकानों पर हमला करने के लिए भेज रहा है, बल्कि उनकी मौत को भी छिपा रहा है। यह हर मानवीय संवेदनाओं के खिलाफ है।”
उत्तर कोरियाई सैनिकों की मौजूदगी पर सवाल
जेलेंस्की ने रूस पर तीखा प्रहार करते हुए कहा, “उत्तर कोरियाई सैनिकों के पास पुतिन के लिए लड़ने और मरने का कोई कारण नहीं है। यह पूरी तरह से पुतिन की नीति का हिस्सा है कि वह अपने हितों को साधने के लिए हर संभव अमानवीय कदम उठाने को तैयार हैं।”
युद्ध विशेषज्ञों का कहना है कि रूस अपने संसाधनों और सैनिकों की कमी को पूरा करने के लिए उत्तर कोरिया जैसे देशों की मदद ले रहा है। उत्तर कोरियाई सैनिकों को यूक्रेन के खिलाफ लड़ाई में शामिल करना और उनकी मौतों को छिपाने का यह प्रयास, रूस की रणनीति का नया रूप है।
200 से अधिक सैनिक मारे गए: यूक्रेनी रक्षा खुफिया विभाग
यूक्रेनी रक्षा खुफिया विभाग के मुताबिक, इस भयंकर युद्ध में अब तक 200 से अधिक रूसी और उत्तर कोरियाई सैनिक मारे गए हैं। यह पहली बार नहीं है जब रूस ने उत्तर कोरिया जैसे देशों को अपने अभियान में शामिल किया है।
अमेरिकी अधिकारियों ने भी इस घटना पर टिप्पणी की है। उन्होंने कहा है कि रूस और उत्तर कोरिया के बीच बढ़ता सैन्य सहयोग न केवल यूक्रेन बल्कि पूरे वैश्विक सुरक्षा तंत्र के लिए खतरा है। उन्होंने बताया कि युद्ध में उत्तर कोरियाई सैनिकों को शामिल करने की पुष्टि वॉशिंगटन ने सार्वजनिक रूप से की है।
रूस की क्रूरता पर वैश्विक प्रतिक्रिया
रूस के इस कदम ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारी विरोध खड़ा कर दिया है। मानवाधिकार संगठनों ने इसे “युद्ध अपराध” बताते हुए निंदा की है। अमेरिकी और यूरोपीय नेताओं ने भी इसे ‘अनैतिक और बर्बर’ करार दिया।
युद्ध विशेषज्ञ मानते हैं कि रूस की यह नई रणनीति युद्ध में उसकी कमजोर स्थिति को दर्शाती है। उत्तर कोरिया के सैनिकों को शामिल कर और उनकी पहचान मिटाने का यह प्रयास पुतिन की सेना के भीतर बढ़ते अविश्वास और टूटन को उजागर करता है।
जेलेंस्की का आह्वान: यह पागलपन अब बंद होना चाहिए
जेलेंस्की ने अपने बयान में रूस के इस व्यवहार को ‘अमानवीय’ करार दिया। उन्होंने कहा, “यह समय है जब दुनिया रूस के इस पागलपन को रोकने के लिए आगे आए। इस क्रूरता को न केवल युद्ध के मैदान में बल्कि वैश्विक मंच पर भी बेनकाब किया जाना चाहिए।”
रूस-उत्तर कोरिया संबंध: क्या है इस गठजोड़ का कारण?
विशेषज्ञों के मुताबिक, रूस पर बढ़ते अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के कारण उसे अपने अभियान को जारी रखने के लिए नए सहयोगियों की तलाश है। उत्तर कोरिया, जो पहले से ही वैश्विक मंच पर अलग-थलग पड़ा है, रूस के लिए एक स्वाभाविक विकल्प बन गया है।
उत्तर कोरिया के लिए भी यह गठजोड़ उसके अपने फायदे के लिए है। विशेषज्ञों का कहना है कि उत्तर कोरिया अपने सैनिकों को रूस के साथ लड़ाई में भेजकर बदले में सैन्य उपकरण और आर्थिक मदद की उम्मीद करता है।
क्या रूस हार की ओर बढ़ रहा है?
विश्लेषकों का कहना है कि उत्तर कोरियाई सैनिकों की मौत और उनके शव जलाने जैसी घटनाएं रूस की कमजोर स्थिति को दर्शाती हैं। पश्चिमी देशों द्वारा यूक्रेन को दी जा रही सैन्य सहायता ने रूस को बैकफुट पर धकेल दिया है।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय का हस्तक्षेप जरूरी
यह घटना वैश्विक समुदाय के लिए एक कड़ा संदेश है। यह न केवल रूस की सैन्य कमजोरियों को उजागर करता है बल्कि यह भी बताता है कि यह युद्ध कितनी गंभीर मानव त्रासदी को जन्म दे रहा है।
Russia Ukraine War ने मानवता के नाम पर जो घाव दिए हैं, वह लंबे समय तक भरने वाले नहीं हैं। उत्तर कोरियाई सैनिकों की मौत और उनके शव जलाने की यह घटना न केवल रूस की रणनीतिक असफलताओं को दर्शाती है बल्कि युद्ध के मानवीय पक्ष को भी शर्मसार करती है।

