पहलगाम हमले के मास्टरमाइंड Saifullah Kasuri का नया वीडियो वायरल, हिंदुओं को खत्म करने की धमकी, भारत के लिए बड़ा खतरा
लश्कर-ए-तैयबा (LeT) का डिप्टी चीफ सैफुल्लाह कसूरी (Saifullah Kasuri) का एक वीडियो सामने आया है, जो देश के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गया है। इस वीडियो में कसूरी साफ शब्दों में भारत और हिंदुओं के खिलाफ हिंसक संदेश दे रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह वीडियो 22 अप्रैल के पहलगाम आतंकी हमले से पहले का है। कसूरी को इस हमले का मास्टरमाइंड माना जाता है।
वीडियो में सैफुल्लाह कसूरी (Saifullah Kasuri) कहता है, “हमारे काफिले न रुकेंगे, न थमेंगे और तब तक चैन से नहीं बैठेंगे जब तक पूरे हिंदुस्तान पर ‘ला इलाहा इलल्लाह’ के परचम लहरा नहीं देते।” उन्होंने आगे धमकी दी कि भारत का हिंदू मिट जाएगा और इस्लाम का राज आने वाला है।
लश्कर-ए-तैयबा के डिप्टी चीफ सैफुल्ला कसूरी की, पीएम मोदी को गीदड़ भभकी @narendramodi @myogiadityanath @BJP4India #NarendraModi #LashkareTaiba #SaifullahKasuri #PmModi #Pakistan #JammuKashmir #IndiaPakistan #OperationSindoor #ReportBharat pic.twitter.com/AFwfeDLeCI
— Report Bharat (@ReportBharat) September 19, 2025
सैफुल्लाह कसूरी (Saifullah Kasuri) का पाकिस्तान को समर्थन और प्रचार
वीडियो में कसूरी ने पाकिस्तान को “अल्लाह की दी हुई पनाहगार” बताया और कहा कि पाकिस्तान दुनिया के मुस्लिमों का हमदर्द है। उन्होंने दुनियाभर से पाकिस्तान का सम्मान करने और इसके साथ जुड़ने का आह्वान किया।
कसूरी ने प्रधानमंत्री मोदी को भी धमकी दी, और वीडियो में कहा कि भारत के कदमों का जवाब हर कीमत पर दिया जाएगा। उन्होंने खुले तौर पर चेतावनी दी कि “ईंट का जवाब पत्थर से दिया जाएगा।”
लश्कर-ए-तैयबा और TRF में कसूरी की भूमिका
सैफुल्लाह कसूरी, जो सैफुल्लाह खालिद के नाम से भी जाना जाता है, हाफिज सईद का दाहिना हाथ माना जाता है। जम्मू-कश्मीर में लश्कर और TRF की गतिविधियों का संचालन उनके जिम्मे है। आर्टिकल 370 हटने के बाद ISI ने TRF का निर्माण किया और इसे लश्कर के फंडिंग चैनलों से संचालित किया जाता है।
कसूरी अक्सर कई लेयर की आधुनिक हथियारों से लैस आतंकियों के घेरे में रहता है और लग्जरी कारों का शौकीन भी है।
पहलगाम हमले का दर्दनाक सच
22 अप्रैल को पहलगाम शहर से 6 किलोमीटर दूर बायसरन घाटी में हुए इस हमले में 26 पर्यटकों की मौत हो गई थी और 16 लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। आतंकियों ने पर्यटकों को उनकी धार्मिक पहचान के आधार पर निशाना बनाया। इस हमले ने पूरे देश को हिला कर रख दिया।
भारत का जबरदस्त जवाब: ऑपरेशन सिंदूर
भारत ने इस हमले का जवाब देने के लिए 6-7 मई की रात 1:05 बजे पाकिस्तान और PoK में एयर स्ट्राइक की, जिसे ऑपरेशन सिंदूर नाम दिया गया। इस ऑपरेशन में 9 आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया, जिसमें 100 से ज्यादा आतंकी मारे गए।
इसमें जैश-ए-मोहम्मद चीफ मौलाना मसूद अजहर के परिवार के 10 सदस्य और 4 सहयोगी भी शामिल थे। भारत ने इस ऑपरेशन में 24 मिसाइलें दागीं।
सैफुल्लाह कसूरी (Saifullah Kasuri) की धमकियों का व्यापक असर
सैफुल्लाह कसूरी की धमकियों ने न केवल जम्मू-कश्मीर बल्कि पूरे भारत में सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता बढ़ा दी है। वह लगातार आतंक फैलाने की योजना बना रहा है और उसका उद्देश्य भारत में आतंक का माहौल बनाना है।
कसूरी ने अपने समर्थकों को भी आगाह किया कि “हम मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं, लेकिन हमारा मनोबल ऊंचा है। हम अपने लोगों के लिए नरम हैं, लेकिन अपने दुश्मनों के लिए खतरनाक हैं।”
सुरक्षा एजेंसियों की प्रतिक्रिया और तैयारी
भारत की सुरक्षा एजेंसियां लगातार कसूरी और उसके नेटवर्क पर नजर बनाए हुए हैं। आतंकवादियों की वित्तीय और भौगोलिक गतिविधियों पर सख्त नजर रखी जा रही है। इसके अलावा, एजेंसियां सुनिश्चित कर रही हैं कि किसी भी तरह का आतंक फैलाने का प्रयास असफल हो।
सैफुल्लाह कसूरी: खतरे का चेहरा
सैफुल्लाह कसूरी (Saifullah Kasuri) को न केवल लश्कर बल्कि TRF की सभी गतिविधियों का मुख्य संचालक माना जाता है। उसकी रणनीति बेहद खतरनाक और संगठित है। कश्मीर घाटी में पहले भी उसने कई आतंकवादी हमले अंजाम दिए हैं।
पहलगाम हमले की यादें और पीड़ितों की आपबीती
पहलगाम हमले में मारे गए पर्यटकों के परिजन अब भी हादसे की यादों से जूझ रहे हैं। इस हमले ने देशवासियों को आतंकवाद के खिलाफ सख्त कदम उठाने की प्रेरणा दी। भारत ने सुरक्षा और रणनीति में सुधार करते हुए भविष्य में इस तरह के हमलों को रोकने का लक्ष्य रखा है।

