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Gaza में ‘छाया युद्ध’ तेज: सीजफायर के बीच इजराइल समर्थित मिलिशिया बनाम हमास, हत्याएं, बदले और गृहयुद्ध का साया

Gaza में घोषित सीजफायर के बावजूद ज़मीनी हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। Gaza militia conflict अब खुले युद्ध से हटकर अंदरूनी टकराव का रूप ले चुका है, जहां हमास के खिलाफ इजराइल समर्थित छोटे-छोटे सशस्त्र मिलिशिया समूह सक्रिय हो गए हैं। CNN की रिपोर्ट के मुताबिक गाजा में कम से कम पांच इजराइल समर्थित मिलिशिया ग्रुप अलग-अलग इलाकों में हमास सदस्यों को निशाना बना रहे हैं। यह संघर्ष गाजा को एक नए, खतरनाक मोड़ पर ले जा रहा है—जहां गृहयुद्ध की आशंका गहराती जा रही है।


पूर्वी गाजा में मिलिशिया की सक्रियता, सत्ता परिवर्तन की कोशिश

ये मिलिशिया समूह मुख्य रूप से इजराइल के कब्जे वाले पूर्वी गाजा में काम कर रहे हैं, जिसे स्थानीय स्तर पर ‘येलो लाइन’ कहा जा रहा है। इनका घोषित लक्ष्य हमास को सत्ता से हटाना और खुद स्थानीय शासन स्थापित करना है। सूत्रों के अनुसार, इन समूहों को इजराइल का खुला समर्थन प्राप्त है—हथियारों से लेकर लॉजिस्टिक्स और सुरक्षा समन्वय तक।
Gaza militia conflict अब केवल छिटपुट हिंसा नहीं रहा; यह सत्ता संतुलन बदलने की कोशिश का संकेत दे रहा है।


हुसाम अल-अस्तल: स्ट्राइक फोर्स का चेहरा

इन्हीं समूहों में से एक काउंटर-टेररिज़्म स्ट्राइक फोर्स का नेतृत्व हुसाम अल-अस्तल कर रहा है। हथियारबंद लड़ाकों और प्रचार वीडियो के जरिए यह गुट हमास को चुनौती दे रहा है। अल-अस्तल का दावा है कि उनका संगठन खान यूनिस के इजराइली कब्जे वाले हिस्से में एक गांव पर नियंत्रण रखता है और हमास को हराने की कसम खा चुका है।
हालांकि उन्होंने कुछ हत्याओं में सीधे शामिल होने से इनकार किया, लेकिन बयान और गतिविधियां Gaza militia conflict की आग को और भड़काती दिख रही हैं।


यासर अबू शबाब की हत्या: संतुलन बिगड़ा

इस महीने की शुरुआत में पॉपुलर फोर्सेस के नेता यासर अबू शबाब की हत्या ने समीकरण बदल दिए। इजराइल द्वारा सबसे अधिक समर्थित बताए जा रहे इस गुट के मुखिया की 4 दिसंबर को हत्या के बाद उनकी मिलिशिया कमजोर पड़ गई। कई लड़ाकों के सरेंडर की खबरें सामने आईं।
हमास ने इस मौत पर मिठाइयां बांटकर खुशी जताई—जो बताता है कि अंदरूनी संघर्ष कितना तीखा हो चुका है।


इमाम की हत्या और आरोप-प्रत्यारोप

नवंबर की शुरुआत में दक्षिणी गाजा में दोपहर की नमाज़ के बाद इमाम शेख मोहम्मद अबू मुस्तफा की गोली मारकर हत्या कर दी गई। एक इस्लामिस्ट उग्रवादी समूह ने दावा किया कि यह कत्ल एक मिलिशिया ने किया। हमास से जुड़े एक अन्य गुट ने बाद में कहा कि मारा गया इमाम जिहादी था और उसने युद्ध के दौरान इजराइली बंधकों को छिपाने में मदद की थी।
इस हत्या को हुसाम अल-अस्तल के नेतृत्व वाली इजराइल समर्थित मिलिशिया से जोड़ा गया—जिससे Gaza militia conflict और गहरा गया।


हमास की जवाबी कार्रवाई: सख्त संदेश

हमास ने मिलिशिया नेटवर्क को कुचलने के संकेत दिए हैं। अक्टूबर में सामने आए एक वायरल वीडियो में हमास के नकाबपोश लड़ाकों ने 8 मिलिशिया सदस्यों को सार्वजनिक रूप से गोली मार दी। उन्हें इजराइल का जासूस बताया गया।
यह वीडियो गाजा में भय और बदले की भावना को बढ़ाता दिखा—और गृहयुद्ध की आशंका को वास्तविक बनाता है।


पश्चिमी बनाम पूर्वी गाजा: बंटता इलाका

दो साल से अधिक चले युद्ध के बाद गाजा दो हिस्सों में बंटता दिख रहा है।

  • पश्चिमी गाजा: इजराइली सेना हट चुकी है; यहां गाजा की अधिकांश आबादी रहती है और हमास फिर से पकड़ मजबूत कर रहा है।

  • पूर्वी गाजा (येलो लाइन): इजराइल का कब्जा, कम नागरिक, और यहीं मिलिशिया सक्रिय हैं।
    यह विभाजन Gaza militia conflict को स्थायी संघर्ष की ओर धकेल सकता है।


नेटवर्क बनाते मिलिशिया, सीमित जनसमर्थन

इजराइली निगरानी में काम कर रहे मिलिशिया अब एक नेटवर्क का दावा कर रहे हैं। इनके पास दर्जन-भर से अधिक लड़ाके, वाहन और हथियार हैं। सोशल मीडिया पर नकाबपोश, काले यूनिफॉर्म में राइफलें थामे वीडियो प्रसारित कर ये हमास-विरोधी नारे लगाते हैं।
हालांकि जनसमर्थन सीमित है, लेकिन लक्षित हमलों से ये गाजा की अस्थिरता बढ़ा रहे हैं।


रफाह और ‘डे-आफ्टर’ प्लान

रफाह को लेकर रणनीतिक दांव भी चर्चा में हैं। संकेत मिले हैं कि कुछ मिलिशिया को मानवीय सहायता ट्रकों और पुनर्निर्माण स्थलों की सुरक्षा सौंपी जा सकती है।
इजराइली नेतृत्व ने पहले स्वीकार किया था कि ऐसे समूह सक्रिय किए जा रहे हैं। बेंजामिन नेतन्याहू ने जून 2025 में इस दिशा में संकेत दिए थे—यह कहते हुए कि इससे इजराइली सैनिकों की जान बचती है।


इजराइल का समर्थन: कैसे और क्यों

Gaza militia conflict के पीछे इजराइल का समर्थन कई स्तरों पर बताया जाता है:

  • हथियार: हल्के हथियार, जिनमें कुछ हमास से छीने गए हथियार भी।

  • सुरक्षा समन्वय: टारगेटिंग और ऑपरेशनल तालमेल।

  • लॉजिस्टिक्स: पानी, बिजली, सुरक्षित ठिकाने।

  • मानवीय सहायता: ट्रकों की सुरक्षा।

इजराइल का लक्ष्य हमास को कमजोर करना, येलो लाइन के पूर्वी हिस्से पर पकड़ बनाए रखना और इनडायरेक्ट कंट्रोल हासिल करना बताया जाता है।


गाजा का नया नक्शा और 50% से ज्यादा कब्जा

इजराइल द्वारा गाजा की 50% से अधिक जमीन पर प्रभावी नियंत्रण के दावे सामने आए हैं। सेना प्रमुख ऐयाल जमीर ने ‘येलो लाइन’ को नई सुरक्षा सीमा बताया।
सरकारी बयान सतर्क हैं, लेकिन आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं—इजराइल कहता है सीजफायर की शर्तों का पालन हो रहा है, जबकि हमास पर उल्लंघन के आरोप लगाए जाते हैं।


दो साल की जंग, खंडहर में तब्दील गाजा

7 अक्टूबर 2023 के हमास हमले के बाद शुरू हुई जंग को दो साल से अधिक हो चुके हैं। अब तक 67,000 से ज्यादा फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं, जिनमें 18,430 बच्चे शामिल बताए जाते हैं। हजारों बच्चे अनाथ हुए। राहत एजेंसियां कहती हैं—यह अब शहर नहीं, जिंदा बचे लोगों का कैंप है।
इस मानवीय त्रासदी के बीच Gaza militia conflict गाजा की पीड़ा को और गहरा कर रहा है।


आगे क्या? गृहयुद्ध की आशंका

सीजफायर के भीतर पलता यह छाया युद्ध बताता है कि स्थिरता अभी दूर है। मिलिशिया-हमास टकराव यदि बढ़ता है, तो गाजा एक नए गृहयुद्ध की दहलीज़ पर खड़ा हो सकता है—जहां आम नागरिक सबसे बड़ा नुकसान उठाएंगे।

गाजा में सीजफायर के बावजूद उभरता यह ‘छाया युद्ध’ साफ संकेत देता है कि शांति केवल कागज़ों तक सीमित है। इजराइल समर्थित मिलिशिया और हमास के बीच बढ़ता टकराव न सिर्फ सत्ता संघर्ष है, बल्कि यह आम नागरिकों की सुरक्षा और भविष्य पर सीधा खतरा भी है। यदि हालात नहीं संभले, तो Gaza militia conflict पूरे क्षेत्र को एक नए, विनाशकारी दौर में धकेल सकता है।

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