South Africa का सनसनीखेज केस: पिता ने माना 1 हफ्ते की बेटी से रेप और हत्या का जघन्य अपराध, अब अदालत का बड़ा फैसला
South Africa के जोहान्सबर्ग से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया है। प्रिटोरिया हाईकोर्ट में चल रहे इस केस में 37 वर्षीय ह्यूगो फरेरा ने स्वीकार किया है कि उसने अपनी महज एक हफ्ते की मासूम बेटी के साथ न केवल बलात्कार किया, बल्कि उसकी निर्मम हत्या भी कर दी। यह घटना 8 जून 2023 की है, जब बच्ची की मां मॉरीन ब्रांड घर से बाहर गई थीं।
क्या हुआ था उस रात? पिता का डरावना कबूलनामा!
उस दिन मॉरीन अपनी छोटी सी बच्ची को उसके पिता ह्यूगो फरेरा के पास छोड़कर बाजार गई थीं। उन्हें लगा था कि वह जल्दी लौट आएंगी, लेकिन जब वह घर वापस आईं, तो उनकी बेटी गंभीर रूप से घायल पड़ी थी। बच्ची को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन अगले दिन सिर में गहरी चोटों के कारण उसकी मौत हो गई।
फरेरा ने अदालत में अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया कि वह “बच्ची को रोने का कारण देना चाहता था।” उसने कहा, “मैं नाखुश था क्योंकि मेरी पत्नी ने बच्ची को मेरे पास छोड़ दिया था। जब वह लंबे समय तक नहीं लौटी और बच्ची भूख से रोने लगी, तो मैं गुस्से में आ गया। मैंने उसकी गर्दन पकड़कर जमीन पर पटक दिया और बेरहमी से पीटा।”
नशे में था आरोपी, लेकिन जानबूझकर किया था यह जुर्म!
फरेरा ने यह भी स्वीकार किया कि वह मेथामफेटामाइन नामक नशीले पदार्थ के प्रभाव में था, लेकिन उसका दावा था कि नशे ने उसे इतना अंधा नहीं किया था कि वह अपने कार्यों के लिए जिम्मेदार न हो। अदालत में उसने कहा, “मैं जानता था कि मैं क्या कर रहा हूं। यह एक क्रूर और अमानवीय हमला था, खासकर इतनी छोटी बच्ची पर।”
पूर्व पत्नी को भी मारने की दी धमकी!
इस मामले में और भी चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, फरेरा ने जेल में रहते हुए धमकी दी है कि अगर उसे सजा नहीं मिली, तो वह अपनी पूर्व पत्नी की भी हत्या कर देगा! यह बयान उसकी मानसिक विकृति को दर्शाता है, जिसके बाद पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी है।
अब क्या होगा? अदालत का बड़ा फैसला आना बाकी!
यह मामला पूरे दक्षिण अफ्रीका में तहलका मचा रहा है। सोशल मीडिया पर लोग फरेरा के खिलाफ सख्त सजा की मांग कर रहे हैं। अगले हफ्ते कोर्ट अपना फैसला सुनाएगा, जिसमें फरेरा को उम्रकैद या मौत की सजा मिल सकती है।
ऐसी ही कुछ और भयानक घटनाएं…
इसी तरह का एक मामला नेपाल में सामने आया था, जहां एक राजपरिवार के सदस्य पर बच्चों के साथ दुर्व्यवहार के आरोप लगे थे। हालांकि, वहां राजशाही होने के कारण मामला दबा दिया गया। लेकिन दक्षिण अफ्रीका में कानून सख्त है, और ऐसे जघन्य अपराधों के लिए सजा जरूर मिलती है।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
मनोवैज्ञानिकों का मानना है कि ऐसे मामले सामाजिक बुराइयों और मानसिक विकारों का नतीजा होते हैं। दक्षिण अफ्रीका में बाल यौन शोषण के मामले बढ़ रहे हैं, जिस पर सरकार को सख्त कदम उठाने की जरूरत है।
यह मामला न केवल दक्षिण अफ्रीका, बल्कि पूरी दुनिया के लिए एक सबक है। समाज में ऐसे हैवानों के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए। अब देखना यह है कि अदालत कितनी सख्त सजा सुनाती है।
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