Sonbhadra News: आदेश जारी करने के बावजूद आपराधिक मामले में संख्या न भेजने पर सख्त हुई कोर्ट ने इसके लिए थानाध्यक्ष के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर सुनवाई शुरू कर दी है। मामला विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट सोनभद्र खलीकुज्ज्मा की अदालत से जुड़ा हुआ है।
धारा 156(3) सीआरपीसी के तहत 28 सितंबर को विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट सोनभद्र खलीकुज्ज्मा की अदालत में कांति सिंह बनाम पंकज सिंह करके एक प्रार्थना पत्र दाखिल किया गया। इसमें पंकज सिंह के खिलाफ शाहगंज थानाध्यक्ष को एफआईआर दर्ज कर विवेचना का आदेश देने की याचना की गई थी।
इस पर अदालत ने शाहगंज एसओ से चार अक्तूबर को आख्या तलब की थी। उसमें थानाध्यक्ष से यह जानकारी मांगी गई थी कि संबंधित प्रकरण में थाने पर एफआईआर दर्ज है कि नहीं।लेकिन तय तिथि को कोर्ट में आख्या प्रस्तुत नहीं की गई। पुनः 7 अक्तूबर को आख्या प्रस्तुत करने का आदेश दिया गया।
इस दिन भी आख्या प्रस्तुत न करने पर अदालत ने इसे प्रथमदृष्टया न्यायालय की अवमानना माना और कड़ा रुख करते हुए शाहगंज थानाध्यक्ष के विरुद्ध वाद दर्ज करने का आदेश पारित कर दिया। इस आदेश के साथ ही थानाध्यक्ष को 10 नवंबर की दोपहर 12 बजे न्यायालय के समक्ष उपस्थित होकर, क्यों न उनके खिलाफ अवमानना की कार्रवाई की जाए?
इस पर अपना पक्ष रखने के लिए कहा गया है। इसके साथ ही कांति सिंह बनाम पंकज सिंह के मामले में एफआईआर दर्ज है कि नहीं.. इस संबंध में 10 अक्टूबर को आख्या प्रस्तुत करने का भी आदेश दिया गया है।
अदालत ने आदेश के बावजूद भी आख्या न देने पर कड़ा रुख अपनाते हुए बृहस्पतिवार को शाहगंज एसओ के खिलाफ दर्ज करने का आदेश दिया। साथ ही थानाध्यक्ष को 10 नवंबर की दोपहर न्यायालय में उपस्थित होकर, क्यों न उनके खिलाफ अवमानना की कार्रवाई की जाए? इस पर पक्ष रखने के लिए आदेशित किया गया है।