Sonbhadra News: दलित उत्पीड़न का झूठा मुकदमा दायर करने के मामले में ऐतिहासिक फैसला
Sonbhadra News: दलित उत्पीड़न SC/ST Act का झूठा मुकदमा दायर करने के मामले में विशेष न्यायाधीश SC/ST एक्ट खलीकुज्ज्मा की अदालत ने बुधवार को एक बड़ा और ऐतिहासिक फैसला सुनाया। आरोपी बनाए गए सगे भाई राजेंद्र सिंह और रामवृक्ष सिंह को बरी करने के साथ ही मुकदमा दर्ज कराने वाले संग्रह अमीन प्रदीप कुमार के खिलाफ वाद दर्ज करते हुए मामले की सुनवाई शुरू कर दी।
कोर्ट ने जिलाधिकारी को पत्र भेजकर संग्रह अमीन को दी गई राहत राशि वसूलने का भी आदेश जारी किया गया है। कोर्ट के इस आदेश ने दलित उत्पीड़न का झूठा मुकदमा दर्ज करा कर राहत राशि का जुगाड़ करने वालों में जहां खलबली मचा दी है। वहीं झूठे आरोपों में सुनवाई का सामना कर रहे लोगों में आगे चलकर राहत मिलने की उम्मीद जग उठी है।
संग्रह अमीन प्रदीप कुमार ने 18 फरवरी 2013 को करमा थाने में तहरीर दी थी। उसमें आरोप लगाया था कि बिजली बकाया की वसूली के लिए बकाएदार राजेंद्र सिंह निवासी पेटराही के यहां गया हुआ था। बकाया मांगने पर उन्होंने जाति सूचक शब्दों से गाली देकर अपमानित किया।
भाई रामवृक्ष सिंह के साथ मिलकर उसकी बेरहमी से पिटाई भी की। किसी तरह वह वहां से खुद को बचाकर भागा पाया। मामले की सुनवाई कर रही अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुना। गवाहों के बयान एवं पत्रावली का अवलोकन किया। इसमें गवाहों के बयान मेल न खाने पर आरोपी बने सगे भाई राजेंद्र सिंह और रामवृक्ष सिंह को दोषमुक्त करार दिया गया।
वहीं संग्रह अमीन प्रदीप कुमार के विरुद्ध वाद दर्ज करने और धारा- 344 सीआरपीसी की नोटिस जारी करने का आदेश दिया गया। अगर इस मामले में राहत राशि प्रदान की गई हो तो उसे वापस लिए जाने का आदेश देते हुए डीएम सोनभद्र से वसूली व अन्य आवश्यक कार्रवाई करने के लिए कहा गया है।

