Bareilly पुलिस में हड़कंप! एसएसपी अनुराग आर्य की ताबड़तोड़ कार्रवाई से महकमे में हलचल
Bareilly पुलिस प्रशासन में इन दिनों बदलाव की बयार चल रही है। एसएसपी अनुराग आर्य ने अपने सख्त और ताबड़तोड़ निरीक्षणों से पुलिस विभाग में सुधार लाने का बीड़ा उठाया है। ताजा मामले में, फतेहगंज पश्चिमी थाने के प्रभारी राजेश बाबू मिश्रा को सस्पेंड कर दिया गया। यह कार्रवाई एसएसपी के औचक निरीक्षण के दौरान थाने में मिली कई खामियों के चलते हुई।
24 घंटे में तीन पुलिसकर्मी पहले ही सस्पेंड, अब थानाध्यक्ष पर कार्रवाई
महज 24 घंटे पहले, बरेली के सिरौली थाने में तैनात दरोगा हेमराज सिंह, और देवरनिया थाने के दो सिपाही, संजय कुमार और महेंद्र कुमार को भी लापरवाही और अपराधियों को संरक्षण देने के आरोप में निलंबित किया गया था। इन घटनाओं के बाद, बुधवार को एसएसपी ने फतेहगंज पश्चिमी थाने का औचक निरीक्षण किया और थानाध्यक्ष को भी बर्खास्त कर दिया।
सूत्रों के अनुसार, एसएसपी ने कुछ दिन पहले ही सभी थानों को यह निर्देश दिया था कि वे किसी भी समय निरीक्षण के लिए तैयार रहें। इसके बावजूद, थाने में अनियमितता और लापरवाही बरतने पर उन्होंने सख्त रुख अपनाया।
थाने में क्या मिली खामियां?
एसएसपी के औचक निरीक्षण के दौरान, फतेहगंज पश्चिमी थाने में कई गंभीर खामियां सामने आईं:
- जनसुनवाई में लापरवाही: थानाध्यक्ष ने जनसुनवाई से जुड़ी शिकायतों की निगरानी नहीं की थी।
- बिना बीट बुक के सिपाही ड्यूटी पर: सिपाहियों को बीट बुक उपलब्ध नहीं कराई गई थी।
- संतोषजनक जवाब न देना: जनसुनवाई और मामलों की प्रगति पर थानाध्यक्ष संतोषजनक जवाब देने में असमर्थ रहे।
- पिस्टल फायर करने में असफल: एसएसपी द्वारा पिस्टल से फायर करने को कहा गया, लेकिन थानाध्यक्ष ऐसा नहीं कर सके।
- सरकारी हथियारों की अनदेखी: थाने में दरोगाओं को सरकारी पिस्टल नहीं दी जा रही थी, जो एक गंभीर मुद्दा है।
पुलिस महकमे में खलबली
एसएसपी अनुराग आर्य की ताबड़तोड़ कार्रवाइयों से पुलिस विभाग में खलबली मच गई है। बरेली जिले में यह पहली बार नहीं है जब एसएसपी ने इतनी सख्त कार्रवाई की हो। उनकी सख्ती से पुलिसकर्मी अपनी ड्यूटी के प्रति अधिक सतर्क हो रहे हैं।
विभागीय सूत्रों के अनुसार, एसएसपी ने थाने में अनुशासनहीनता और भ्रष्टाचार को जड़ से खत्म करने की योजना बनाई है। उनके निरीक्षणों के चलते अब कई पुलिसकर्मी ड्यूटी के प्रति अधिक जिम्मेदार बनने लगे हैं।
पहले की कार्रवाइयां: अपराधियों को संरक्षण देने वाले पुलिसकर्मी सस्पेंड
इससे पहले, सिरौली थाने में तैनात सब-इंस्पेक्टर हेमराज सिंह पर गंभीर आरोप लगे थे कि वह अपराधियों को संरक्षण दे रहे थे। इन आरोपों के प्रमाण मिलने पर एसएसपी ने उन्हें तत्काल सस्पेंड कर दिया।
देवरनिया थाने में तैनात सिपाही संजय कुमार और महेंद्र कुमार पर रात की गश्त के दौरान लापरवाही का आरोप लगा। उनकी लापरवाही के चलते इलाके में चोरी की घटनाएं बढ़ गई थीं।
एसएसपी की छवि और सख्त प्रशासन
एसएसपी अनुराग आर्य की छवि एक सख्त और निष्पक्ष अधिकारी की है। उनकी कार्यशैली न केवल बरेली जिले में बल्कि पूरे राज्य में चर्चा का विषय बन चुकी है।
- वह अपराध और भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रहे हैं।
- जिले के सभी थानों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने रिकॉर्ड और जनसुनवाई की शिकायतों को समय पर अपडेट रखें।
- पुलिसकर्मियों की गश्त और बीट ड्यूटी पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
जनता की प्रतिक्रिया
एसएसपी की इन कार्रवाइयों पर जनता ने मिश्रित प्रतिक्रिया दी है। जहां एक ओर लोग उनके सख्त रवैये की सराहना कर रहे हैं, वहीं कुछ का कहना है कि पुलिसकर्मियों पर अत्यधिक दबाव डाला जा रहा है।
स्थानीय निवासी राकेश सिंह ने कहा, “एसएसपी अनुराग आर्य की कार्रवाई से हमें लगता है कि अब हमारा इलाका सुरक्षित रहेगा। पहले चोरी और अपराध की घटनाएं बढ़ रही थीं, लेकिन अब स्थिति में सुधार होगा।”
वहीं, एक अन्य नागरिक ने कहा, “पुलिसकर्मियों पर दबाव डालने से उनका मनोबल गिर सकता है। प्रशासन को सुधार के साथ-साथ प्रोत्साहन भी देना चाहिए।”
आगे की रणनीति
बरेली जिले में एसएसपी ने साफ कर दिया है कि वे अनुशासनहीनता और लापरवाही को बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने यह भी संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में अन्य थानों का भी औचक निरीक्षण किया जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि, “पुलिस प्रशासन को जवाबदेही और अनुशासन का पालन करना होगा। जो भी लापरवाही करेगा, उसे इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।”
एक संदेश
यह घटनाएं केवल पुलिस विभाग के लिए नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए एक संदेश हैं कि कानून का पालन और पारदर्शिता जरूरी है।

