बैल की मौत पर किसान ने कराई ऐसी तेरहवीं कि देखने उमड़ा गांव, वैदिक मंत्रों के बीच हुआ भव्य हवन-यज्ञ; 6 साल तक निभाई बेजुबान से निष्ठा-Muzaffarnagar
चौधरी ब्रजवीर सिंह की पहल ने Muzaffarnagar के मोरना-शुकतीर्थ क्षेत्र में इंसान और बेजुबान पशु के बीच बने भावनात्मक रिश्ते को सामने ला दिया। छह वर्षों तक अपने बुजुर्ग बैल की सेवा करने के बाद उसकी मृत्यु पर अंतिम संस्कार और तेरहवीं के अवसर पर वैदिक मंत्रों के साथ हवन-यज्ञ कराना स्थानीय लोगों के लिए एक अनोखा अनुभव रहा। कार्यक्रम में साधु-संतों, गुरुकुल के छात्रों, गौशाला प्रतिनिधियों, सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों से जुड़े लोगों और ग्रामीणों ने हिस्सा लिया। इस आयोजन का संदेश केवल एक धार्मिक रस्म तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पशुओं के प्रति जिम्मेदारी, करुणा और संवेदनशील व्यवहार की ओर भी ध्यान खींचता है।
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