Ram Mandir के चढ़ावे पर सवालों का शोर: आरोपों की दुकान गर्म, लेकिन सबूत आखिर हैं कहां?
Ram Mandir करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है और भक्तों द्वारा अर्पित दान का एक-एक रुपया विश्वास से जुड़ा है। इसलिए पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग पूरी तरह उचित है, लेकिन बिना प्रमाण आरोपों को अंतिम सत्य मान लेना भी उतना ही गैर-जिम्मेदाराना है। सवाल पूछे जाएं, निष्पक्ष जांच हो, रिकॉर्ड सामने आएं और यदि कोई दोषी है तो कार्रवाई भी हो। लेकिन सोशल मीडिया की अदालत, राजनीतिक शोर और अधूरी जानकारियों के बीच शायद इतना धैर्य रखना जरूरी है कि फैसला प्रमाण करें, प्रचार नहीं। क्योंकि राम आस्था हैं—न किसी की राजनीतिक संपत्ति और न किसी की सनसनी की दुकान।
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