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लंदन में गरीबों के खेल मैदान पर अमीरों का ‘Padel’ कब्जा? मुफ्त स्केटपार्क और बास्केटबॉल कोर्ट बन रहे पे-टू-प्ले, बच्चों के खेल पर बड़ा सवाल

Padel की लोकप्रियता को रोकने की बात नहीं हो रही, सवाल उसके विस्तार के तरीके पर है। यदि 87 कोर्ट से संख्या बढ़कर 2,000 से ज्यादा हो सकती है और ब्रिटेन में खिलाड़ियों की संख्या 10 लाख पार कर सकती है, तो इस खेल के लिए नए अवसर पैदा होना स्वाभाविक है। लेकिन सार्वजनिक स्केटपार्क, बच्चों के खेल मैदान और सामुदायिक सुविधाओं को हटाकर महंगी पे-टू-प्ले जगहें बनाना सामाजिक समानता की बहस को जन्म देता है। बार्किंग स्केटपार्क को लेकर 4,500 से अधिक लोगों की याचिका और कैमडन में लंबे विरोध के बाद प्रस्ताव रद्द होना दिखाता है कि स्थानीय समुदाय इस मुद्दे को गंभीरता से ले रहा है। असली चुनौती यही है कि लंदन में पैडल का भविष्य चमके, लेकिन उस चमक की कीमत बच्चों और आम लोगों की मुफ्त खेल सुविधाओं के खत्म होने से न चुकानी पड़े।

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