महिला स्वास्थ्य

Muzaffarnagar और आसपास से प्रमुख खबरें

Muzaffarnagar में Fitness Freak की 10वीं वर्षगांठ पर जश्न, महिलाओं ने साझा की फिटनेस की कामयाबी; 30 किलो तक वजन घटाने की कहानी ने खींचा ध्यान..

फिटनेस फ्रीक की दसवीं वर्षगांठ ने Muzaffarnagar में स्वास्थ्य और सक्रिय जीवनशैली का संदेश मजबूती से सामने रखा। समारोह में लीना वर्मा ने नियमित व्यायाम को दिनचर्या का हिस्सा बनाने की अपील की, जबकि मीनाक्षी स्वरूप ने केक काटकर सभी सदस्यों और महिलाओं को शुभकामनाएं दीं। महिलाओं की फिटनेस यात्राओं, वजन कम करने के अनुभवों और नियमित एक्सरसाइज से जुड़े सकारात्मक बदलावों ने कार्यक्रम को खास बनाया। साथ ही, यह ध्यान रखना जरूरी है कि हर व्यक्ति की फिटनेस और स्वास्थ्य जरूरत अलग होती है तथा किसी बीमारी या चिकित्सकीय स्थिति में व्यायाम और खानपान से जुड़े बदलाव विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार ही किए जाने चाहिए।

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Muzaffarnagar और आसपास से प्रमुख खबरें

Muzaffarnagar में 9वें राष्ट्रीय पोषण माह का भव्य शुभारंभ, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को बढ़े मानदेय का तोहफा; कपिल देव अग्रवाल ने दिलाई बड़ी जिम्मेदारी

Muzaffarnagar में 9वें राष्ट्रीय पोषण माह की शुरुआत गर्भवती एवं धात्री महिलाओं, बच्चों और किशोरियों के स्वास्थ्य तथा पोषण को केंद्र में रखकर की गई। विकास भवन सभागार में आयोजित जनपदीय कार्यक्रम में राज्य मंत्री कपिल देव अग्रवाल, प्रशासक जिला पंचायत डॉ. वीरपाल निर्वाल, मीरापुर विधायक प्रतिनिधि सुप्रिया पाल और विभागीय अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के राज्य स्तरीय शुभारंभ का लाइव प्रसारण देखा गया। इस दौरान आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का मानदेय ₹8,000 से बढ़ाकर ₹12,000 तथा सहायिकाओं का ₹4,000 से बढ़ाकर ₹6,000 किए जाने की घोषणा का भी उल्लेख किया गया। अब 9 सितंबर से 8 अक्टूबर तक चलने वाले अभियान में आंगनबाड़ी कर्मियों से घर-घर पहुंचकर महिलाओं, बच्चों और किशोरियों को पोषण एवं स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने की अपील की गई है।

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वैश्विक

Pakistan में महिलाओं को बड़ी राहत! सैनिटरी पैड और गर्भनिरोधक उत्पादों पर 18% टैक्स खत्म करने की तैयारी, स्वास्थ्य और परिवार नियोजन को मिलेगा बढ़ावा

Pakistan सरकार का सैनिटरी पैड और गर्भनिरोधक उत्पादों पर लगने वाला 18 प्रतिशत टैक्स हटाने का प्रस्ताव लाखों महिलाओं के जीवन को प्रभावित कर सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे मासिक धर्म स्वच्छता में सुधार, महिला स्वास्थ्य को मजबूती, परिवार नियोजन कार्यक्रमों को गति और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को राहत मिलने की संभावना है। यदि यह नीति लागू होती है तो इसे महिला-केंद्रित सामाजिक और स्वास्थ्य सुधारों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जाएगा।

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