मोरना Muzaffarnagar में गूंजी ‘या हुसैन’ की सदाएं: मोहर्रम की दूसरी तारीख पर भावुक मजलिस, करबला की याद में छलके आंसू
Muzaffarnagar मोरना और आसपास के क्षेत्रों में जारी मोहर्रम की मजलिसें करबला के अमर संदेश को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम बन रही हैं। इमाम हुसैन की कुर्बानी आज भी अन्याय के खिलाफ संघर्ष, सत्य के समर्थन और मानवता की रक्षा का प्रतीक मानी जाती है। मोहर्रम के इन आयोजनों में उमड़ रही श्रद्धा और अकीदत यह दर्शाती है कि करबला का संदेश सदियों बाद भी लोगों के दिलों में उतनी ही मजबूती से जीवित है।
Read more...
