Cultural Heritage

Featureवैश्विक

जहां पुरुष करते हैं घंटों मेकअप और महिलाएं चुनती हैं अपना जीवनसाथी! अफ्रीका का Gerewol Festival आज भी दुनिया को करता है हैरान

Gerewol Festival केवल नृत्य, रंगों और उत्सव का आयोजन नहीं, बल्कि प्रेम, स्वतंत्रता और सांस्कृतिक पहचान का जीवंत उत्सव है। यहां पुरुष घंटों तक सजकर महिलाओं का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश करते हैं, जबकि महिलाएं अपने साथी का चयन स्वयं करती हैं। आधुनिक दुनिया के बीच सदियों पुरानी यह परंपरा आज भी लोगों को यह समझने का अवसर देती है कि मानव समाज कितने विविध, रोचक और अद्भुत हो सकते हैं। गेरेवोल महोत्सव वास्तव में उन दुर्लभ सांस्कृतिक धरोहरों में से एक है, जो प्रेम को केवल भावना नहीं बल्कि उत्सव के रूप में जीना सिखाती हैं।

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Muzaffarnagar और आसपास से प्रमुख खबरें

Muzaffarnagar: चलो अमरनाथ शिव सेवक समिति निकालेगी महाशिवरात्रि पर शोभायात्रा

Muzaffarnagar शोभायात्रा की शुरुआत कमलनगर कूकड़ा स्थित ओमकारेश्वर महादेव मंदिर से होगी। यह यात्रा कूकड़ा ब्लॉक, बालाजी रोड, पोस्ट ऑफिस, गुलशन राय धर्मशाला वाली गली, चौड़ी गली बिजली घर, गौशाला रोड, माड़ी की धर्मशाला वाला चौराहा, पीठ बाजार, नई मंडी थाना, जानसठ अड्डा, एटूजेड रोड, परिक्रमा मार्ग और अलमासपुर चौराहा होते हुए मंदिर पर समाप्त होगी।

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उत्तर प्रदेश

Sambhal में खुदाई में मिले सनातन धर्म के अवशेषों पर पंडित प्रदीप मिश्रा का बड़ा बयान, सभी राज्यों से मांग की!

पंडित मिश्रा ने यूपी के Sambhal और मध्य प्रदेश के धार जिले स्थित भोज शाला जैसे स्थानों का उदाहरण देते हुए कहा कि ये स्थान और वहां की सामग्री सनातन धर्म से जुड़ी हैं, जिन्हें अब हिंदू समुदाय के पास लौटा देना चाहिए। उनके अनुसार, यह ना केवल धार्मिक लेकिन सांस्कृतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण कदम होगा। उनका मानना है कि यह कदम हमारी सांस्कृतिक धरोहर को बचाने के लिए जरूरी है और यह कार्य सभी राज्य सरकारों को मिलकर करना चाहिए।

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Feature

Kartik Purnima Mela: गढ़ मुख्तेश्वर का ऐतिहासिक धार्मिक मेला और तालुकदारों की भूमिका?

कार्तिक पूर्णिमा मेला (Kartik Purnima Mela) गढ़ मुख्तेश्वर की एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक धरोहर है। यह मेला न केवल धार्मिक आयोजनों का केंद्र है, बल्कि यह क्षेत्रीय राजनीति, संघर्षों और सामूहिक जिम्मेदारियों का गवाह भी रहा है। आज भी, यह मेला लाखों श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है और इस क्षेत्र की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को जीवित रखता है।

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Muzaffarnagar और आसपास से प्रमुख खबरें

Muzaffarnagar- श्री राम के राजतिलक के साथ हुआ शाहपुर रामलीला का भव्य समापन: एक ऐतिहासिक महोत्सव की कहानी

Muzaffarnagar इस प्रकार के महोत्सव न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक हैं, बल्कि वे हमारी सांस्कृतिक धरोहर को भी संरक्षित रखने में मदद करते हैं। रामलीला जैसे आयोजनों के माध्यम से हम अपनी संस्कृति, परंपरा और सामाजिक एकता को बनाए रख सकते हैं। यह महोत्सव न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह स्थानीय व्यवसायियों के लिए भी एक बड़ा अवसर प्रस्तुत करता है।

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