जानिए: किन विशेष ग्रहयोग के कारण होता हैं वैवाहिक जीवन में संघर्ष?
यदि कुंडली के सप्तम भाव में कोई पाप योग (गुरु–चांडाल योग, ग्रहण योग अंगारक योग आदि) बना हुआ हो
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Read more...अक्सर हम घरों में अपने पूर्वजों की तस्वीर लगाकर रखते हैं। ऐसी मान्यता है कि घर के बुजुर्गों के
Read more...Shani Dev : शनिवार के दिन गायत्री मंत्र या श्री हनुमान चालीसा का पाठ जरुर करना चाहिए इससे भी शनि देव प्रसन्न होते हैं। सबसे पहले कुछ समय तक ध्यान लगाइये फिर हनुमान जी की पूजा करें और फिर उसके बाद हनुमान जी को सिंदूर और केला अर्पित करें।
Read more...यूं तो किसी भी वस्तु के उपयोग या क्रय करने का समय उसकी आवश्यकता पर ही निर्भर करता है,
Read more...इस प्रकार देवी-देवताओं की परिक्रमा विधिवत करनें से जीवन में हो रही उथल-पुथल व समस्याओं का समाधान सहज ही हो जाता है।
इस प्रकार सही परिक्रमा करने से पूर्ण लाभ होता है।।
हस्तरेखा शास्त्र के अनुसार किसी की भी हथेली पर पाए जाने वाले तिलों का अलग-अलग महत्व होता है। हथेली
Read more...भाद्रपद मास में आने वाली इस एकादशी का व्रत रखने से भगवान श्रीहरि विष्णु के साथ माता लक्ष्मी का
Read more...शिव सहस्त्रनाम या शिव अष्टोत्तरशतनाम के एक-एक नाम को बोलते हुए शिवजी पर पुष्प या बेल पत्र चढ़ाये जाते हैं ।
Read more...Janmashtami: . जन्माष्टमी का पारण अगले दिन सूर्योदय के पश्चात अष्टमी तिथि और रोहिणी नक्षत्र के समाप्त होने के बाद किया जाना चाहिये।
वर्ष 2021 मे जन्माष्टमी व्रत की पारणा यानि व्रत को अगले दिन 31.08.2021, प्रातः 9:44 am के उपरांत ही खोलने का मुहूर्त है।
हमारे यंहा शादी सात जन्म का रिश्ता माना जाता है, इतना मजबूत प्रेम का रिश्ता और कहीं नहीं मिलेगा और इसी रिश्ते को मजबूती से बांधे रखती है हमारी चूड़ियाँ।
Read more...इस त्योहार पर सुहागिनें अपने पति की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि के लिए व्रत करती हैं। ऐसी मान्यता है कि महिलाओं के व्रत से प्रसन्न होकर भगवान शिव और माता पार्वती उनकी सभी मनोकामनाओं की पूर्ति करते हैं।
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