वैश्विक

Gujarat में भी समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की तैयारी, जानिए क्या होगा असर?

Gujarat सरकार ने समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने 4 फरवरी 2025 को प्रेस वार्ता कर इसकी जानकारी दी और बताया कि सुप्रीम कोर्ट की सेवानिवृत्त न्यायाधीश रंजना देसाई की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय समिति का गठन किया गया है। यह समिति 45 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी, जिसके आधार पर सरकार UCC को लागू करने का निर्णय लेगी।

गौरतलब है कि उत्तराखंड में 27 जनवरी 2025 को UCC लागू कर दिया गया था, जिससे यह स्वतंत्र भारत में समान नागरिक संहिता लागू करने वाला पहला राज्य बन गया। अब गुजरात भी उसी दिशा में कदम बढ़ा चुका है।

क्या है समान नागरिक संहिता (UCC)?

Uniform Civil Code (UCC) का उद्देश्य सभी नागरिकों के लिए विवाह, तलाक, गोद लेने, संपत्ति के बंटवारे और अन्य सिविल मामलों के लिए एक समान कानून लागू करना है। अभी भारत में अलग-अलग धर्मों के लिए अलग-अलग पर्सनल लॉ हैं, लेकिन UCC लागू होने के बाद यह व्यवस्था समाप्त हो जाएगी और सभी भारतीयों के लिए एक ही कानून लागू होगा।

UCC के तहत—

✅ शादी और लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वाले जोड़ों को रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा।
तलाक और गुजारा भत्ता संबंधी नियमों को समान बनाया जाएगा।
संपत्ति के अधिकारों में समानता लाने के लिए मुस्लिम, हिंदू, ईसाई, सिख आदि सभी समुदायों पर समान नियम लागू होंगे।
गोद लेने और उत्तराधिकार से जुड़े कानूनों को統一 रूप से लागू किया जाएगा।

उत्तराखंड के बाद गुजरात क्यों?

उत्तराखंड में UCC लागू होने के बाद अब बीजेपी शासित अन्य राज्यों में भी इसे लागू करने की मांग तेज हो गई है। गुजरात में यह कदम इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का गृह राज्य है और यहां 2024 के लोकसभा चुनावों में बीजेपी को जबरदस्त जीत मिली थी।

विशेषज्ञों का मानना है कि गुजरात में UCC लागू करना एक बड़ा राजनीतिक और सामाजिक फैसला हो सकता है, जिसका असर देशभर में दिख सकता है।

UCC लागू करने की प्रक्रिया

गुजरात सरकार ने सुप्रीम कोर्ट की सेवानिवृत्त जज रंजना देसाई की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय कमेटी बनाई है, जो 45 दिनों में रिपोर्ट देगी। इस समिति में संवैधानिक विशेषज्ञ, कानूनविद और समाजशास्त्री शामिल होंगे।

रिपोर्ट मिलने के बाद—

1️⃣ गुजरात विधानसभा में बिल पेश किया जाएगा।
2️⃣ संसद में केंद्रीय कानून मंत्रालय की समीक्षा के लिए भेजा जा सकता है।
3️⃣ राष्ट्रपति की स्वीकृति मिलने के बाद इसे कानूनी रूप से लागू किया जाएगा।

UCC पर उठते सवाल और विवाद

जहां कुछ लोग UCC को भारत की एकता और समानता के लिए आवश्यक मानते हैं, वहीं कुछ धार्मिक संगठन इसका विरोध कर रहे हैं।

विरोध के प्रमुख तर्क:
🔴 इससे धार्मिक स्वतंत्रता पर असर पड़ सकता है।
🔴 मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड, ईसाई और सिख समुदायों के कुछ नेता इसका विरोध कर सकते हैं।
🔴 कुछ संगठनों का कहना है कि यह संविधान के अनुच्छेद 25 (धार्मिक स्वतंत्रता) का उल्लंघन करता है।

हालांकि, संविधान के अनुच्छेद 44 में समान नागरिक संहिता लागू करने की बात कही गई है, इसलिए सरकार इसे कानूनी रूप से लागू करने के लिए पूर्ण अधिकार रखती है।

UCC के समर्थन में तर्क

संविधान के अनुच्छेद 44 में UCC का जिक्र किया गया है।
✅ यह महिलाओं के अधिकारों की रक्षा करेगा और तलाक, गुजारा भत्ता, संपत्ति के अधिकारों में समानता लाएगा।
✅ इससे “एक देश, एक कानून” की नीति मजबूत होगी।
✅ यह देश में सामाजिक समरसता और एकता को बढ़ावा देगा।

क्या UCC पूरे भारत में लागू होगा?

मोदी सरकार ने 2024 के लोकसभा चुनावों में वादा किया था कि पूरे देश में UCC लागू किया जाएगा। उत्तराखंड और गुजरात में UCC की शुरुआत को राष्ट्रीय स्तर पर इसे लागू करने की दिशा में पहला कदम माना जा रहा है।

विशेषज्ञों का कहना है कि अगर गुजरात में यह सफलतापूर्वक लागू हो जाता है, तो बीजेपी शासित अन्य राज्य भी जल्द ही इसे अपनाएंगे।

 भारत में एक नया युग?

गुजरात में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की घोषणा भारत के कानूनी और सामाजिक ढांचे में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकती है। उत्तराखंड के बाद गुजरात का यह फैसला दिखाता है कि देश अब “एक कानून, एक भारत” की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

अब सवाल यह है— क्या अन्य राज्य भी इसी राह पर चलेंगे?

🚀 लेटेस्ट अपडेट्स के लिए जुड़े रहें! 🚀

News-Desk

News Desk एक समर्पित टीम है, जिसका उद्देश्य उन खबरों को सामने लाना है जो मुख्यधारा के मीडिया में अक्सर नजरअंदाज हो जाती हैं। हम निष्पक्षता, सटीकता, और पारदर्शिता के साथ समाचारों को प्रस्तुत करते हैं, ताकि पाठकों को हर महत्वपूर्ण विषय पर सटीक जानकारी मिल सके। आपके विश्वास के साथ, हम खबरों को बिना किसी पूर्वाग्रह के आप तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। किसी भी सवाल या जानकारी के लिए, हमें संपर्क करें: [email protected]

News-Desk has 21070 posts and counting. See all posts by News-Desk

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

13 − 4 =