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Pakistan में TLP और पुलिस के बीच हिंसक झड़प, 11 लोगों की मौत, गाजा में ट्रम्प के पीस प्लान का विरोध

Pakistan में शुक्रवार को कट्टरपंथी संगठन तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान (TLP) के सदस्यों और पुलिस के बीच हुई हिंसक झड़प में 11 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। यह घटना पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में हुई, जब TLP के समर्थक गाजा में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के पीस प्लान के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे। पाकिस्तान ने इस योजना का समर्थन किया है, जिसके कारण देश में भारी तनाव उत्पन्न हो गया है।

TLP समर्थकों और पुलिस के बीच झड़पें

TLP के समर्थक शुक्रवार को अमेरिकी दूतावास की ओर मार्च करने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन उनकी पुलिस के साथ भिड़ंत हो गई, जो शनिवार तक जारी रही। TLP ने आरोप लगाया कि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर बेतरतीब फायरिंग की, जिसमें 11 सदस्य मारे गए और 50 से अधिक घायल हो गए। इस घटना के बाद पाकिस्तान के विभिन्न शहरों में तनाव बढ़ गया और पुलिस ने विरोध प्रदर्शन को रोकने के लिए कड़ी कार्रवाई की।

मार्च को रोकने के लिए सरकार ने उठाए कड़े कदम

मार्च को रोकने के लिए पाकिस्तानी सरकार ने राजधानी इस्लामाबाद और रावलपिंडी जाने वाली प्रमुख सड़कों को ब्लॉक कर दिया और इन शहरों में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं भी बंद कर दी। सरकार ने प्रदर्शनकारियों की गतिविधियों को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए और पुलिस को प्रमुख स्थानों पर तैनात किया।

साद रिजवी की गिरफ्तारी को लेकर हिंसा भड़की

यह हिंसा उस समय भड़की जब पंजाब पुलिस ने TLP के नेता साद रिजवी को गिरफ्तार करने के लिए देर रात उसके मुख्यालय पर छापा मारा। हालांकि, साद रिजवी बच निकला, लेकिन पुलिस और उसके समर्थकों के बीच झड़पों में कई लोग घायल हुए, जिनमें 10 से अधिक पुलिसकर्मी शामिल थे।

पुलिस की कार्रवाई और सरकार के कदम

पुलिस ने शहर के अंदर और बाहर के सभी प्रमुख रास्तों को बंद कर दिया और संवेदनशील क्षेत्रों में भारी पुलिस बल तैनात किया। दंगे को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस का इस्तेमाल किया और कई जगहों पर बलपूर्वक कार्रवाई की। पाकिस्तान के गृह मंत्रालय ने आदेश जारी किया कि इस्लामाबाद और रावलपिंडी में 3G/4G सेवाएं रात 12 बजे से अगले आदेश तक बंद रहेंगी।

रावलपिंडी और पंजाब में धारा 144 लागू

रावलपिंडी जिले में भी प्रशासन ने 11 अक्टूबर तक धारा 144 लागू कर दी, जिसके तहत किसी भी प्रकार के प्रदर्शन, रैली या जुलूस पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। पंजाब में 10 दिनों के लिए धारा 144 लागू कर दी गई है, जिसमें चार या अधिक लोगों के एकत्र होने और हथियारों के साथ चलने पर रोक है। हालांकि, धार्मिक गतिविधियां, शादी, अंतिम संस्कार, दफ्तर और अदालतों को इससे छूट दी गई है।

TLP का इतिहास और नेतृत्व

तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान (TLP) की स्थापना 2017 में खादिम हुसैन रिजवी ने की थी। खादिम हुसैन रिजवी, जो पहले पंजाब के धार्मिक विभाग में काम करते थे, 2011 में मुमताज कादरी का समर्थन करने के कारण नौकरी से निकाल दिए गए थे। 2016 में कादरी को सजा होने के बाद TLP ने देशभर में ईश निंदा के खिलाफ प्रदर्शन शुरू किए। खादिम हुसैन रिजवी के निधन के बाद 2023 में उनके बेटे साद रिजवी ने संगठन की जिम्मेदारी संभाली, और तब से TLP पाकिस्तान के धार्मिक और राजनीतिक माहौल को प्रभावित कर रहा है।

पाकिस्तान में TLP और पुलिस के बीच यह हिंसक झड़प ने देश के राजनीतिक और धार्मिक माहौल को एक बार फिर से उबाल दिया है। इस घटना से साफ है कि पाकिस्तान में धार्मिक और राजनीतिक तनाव लगातार बढ़ रहा है। अब यह देखना होगा कि सरकार और TLP के बीच इस टकराव का अंत कब होता है और शांति बहाली के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।

News-Desk

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