स्ट्रॉबरी किसान के परिवार में पैदा हुए योशिहिदे जापान के नए प्रधानमंत्री
जापान की सत्तारूढ़ पार्टी ने शिंजो आबे के बाद योशिहिदे सुगा को अपना नया नेता चुन लिया है। अब ये लगभग तय हो गया है कि योशिहिदे ही जापान के नए प्रधानमंत्री होंगे। पिछले महीने ही शिंजो आबे ने स्वास्थ्य कारणों से इस्तीफा दे दिया था।
योशिहिडे सुगा को जापान के नए प्रधानमंत्री नियुक्त किए जाने का रास्ता साफ हो गया है। सुगा को जापान की लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (एलडीपी) का नेता चुना गया है, जो उनके लिए देश का अगला प्रधानमंत्री बनने का मार्ग प्रशस्त करती है।
सुगा को प्रधानमंत्री शिंजो आबे का उत्तराधिकारी चुना गया है। उन्होंने सोमवार को बेहद ही आसानी से आंतरिक वोट में जीत हासिल। गौरतलब है कि आबे ने स्वास्थ्य समस्याओं के कारण पद छोड़ने का एलान किया था।
वर्तमान में मुख्य कैबिनेट सचिव सुगा को 534 में 377 वोट हासिल हुए। इस तरह उन्होंने अपने दो प्रतिद्वंदियों पूर्व रक्षा मंत्री शिगेरु इशिबा और पूर्व विदेश मंत्री फुमियो किशिदा के खिलाफ जीत हासिल की।
71 साल के योशिहिदे सुगा शिंजो आबे के भी करीबी माने जाते हैं और ये माना जा रहा है कि वे उन्हीं की नीतियों को आगे बढ़ाएंगे। उन्हें नेता चुने जाने के लिए अपनी पार्टी के सांसदों और क्षेत्रीय प्रतिनिधियों के 534 में से 377 वोट मिले।
अब बुधवार को संसद में वोटिंग होगी जहां पार्टी के बहुमत को देखते हुए उनका प्रधानमंत्री बनना तय है। जापान में अगले संसदीय चुनाव सितंबर 2021 में होंगे।
एक स्ट्रॉबरी किसान के परिवार में पैदा हुए योशिहिदे सुगा की शीर्ष तक पहुंचने की कहानी उन्हें उस राजनीतिक अभिजात्य वर्ग से अलग करती है जिसका लंबे समय से जापान की राजनीति में दबदबा रहा है।
उनका राजनीतिक सफर उस समय शुरू हुआ जब उन्होंने टोक्यो के होसेई यूनिवर्सिटी से ग्रैजुएशन करने के तुरंत बाद संसदीय चुनाव अभियान के लिए काम किया। बाद में उन्होंने लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी के एक सांसद के सेक्रेटरी के रूप में काम किया। इसके बाद उन्होंने खुद के राजनीतिक सफर की शुरुआत की।
वर्ष 1987 में वे योकोहामा सिटी काउंसिल के लिए चुने गए और 1996 में वे पहली बार जापान की संसद के लिए चुने गए। वर्ष 2005 में तत्कालीन प्रधानमंत्री जुनिचिरो कोइजुमी ने उन्हें आंतरिक मामलों और संचार विभाग का वरिष्ठ उप मंत्री बनाया।
इसके बाद पीएम पद संभालने वाले शिंजो आबे ने सुगा को तीन कैबिनेट पोस्ट देकर वरिष्ठ मंत्री का दर्जा दिया और वे 2007 तक ये जिम्मेदारी निभाते रहे। प्रधानमंत्री शिंजो आबे के साथ उनके अच्छे रिश्ते बने रहे।
शिंजो आबे लंबे समय से आंत से जुड़ी बीमारी अल्सरट्रेटिव कोलाइटिस से जूझ रहे हैं। इस बीमारी में आंत में सूजन जैसी समस्याएं होती हैं। इस बीमारी के कारण ही आबे को 2007 में पहली बार प्रधानमंत्री बनने के एक साल बाद इस्तीफा देना पड़ा था।
