योगेंद्र यादव को कोई बुक लिखनी हैं इसलिए छुट्टी पर गए: Rakesh Tikait
किसान नेता Rakesh Tikait ने गाजीपुर बॉर्डर पर ही गुरुवार को दिवाली मनाई। इस दौरान उन्होंने किसान आंदोलन के दौरान शहीद हुए किसानों को भी याद किया और कहा कि यह आंदोलन पांच साल तक भी चल सकता है।
समाचार चैनल एनडीटीवी से बात करने के दौरान किसान नेता राकेश टिकैत से जब यह पूछा गया कि आंदोलन कबतक जारी रहेगा तो उन्होंने कहा कि सरकार पांच साल ही रहती है। जब सरकार पांच साल चल सकती है तो आंदोलन भी पांच साल चल जाएगा। साथ ही टिकैत ने कहा कि हमने सरकार को 26 नवंबर तक का अल्टीमेटम दिया है। ट्रैक्टर 2 घंटे के अल्टीमेटम पर हैं। इस बार ट्रैक्टरों में बड़े बंपर लगवाए गए हैं।
इसके अलावा राकेश टिकैत ने कहा कि सरकार ने आखिरी बार 22 जनवरी को ही बातचीत की थी। साथ ही उन्होंने धरनास्थल पर कम भीड़ को लेकर कहा कि यह कोई मुद्दा नहीं है। आंदोलन सिर्फ शारीरिक उपस्थिति से ही बड़ा नहीं होता है। बल्कि लोगों के विचार आंदोलन को बड़ा बनाते हैं। इसलिए धरनास्थल पर कम भीड़ कोई मुद्दा नहीं है।
Rakesh Tikait ने हाल ही में संयुक्त किसान मोर्चा से सस्पेंड किए गए योगेंद्र यादव को लेकर कहा कि उन्हें कोई बुक लिखनी है। इसलिए वह छुट्टी पर गए हैं। कोई उसे सस्पेंड कहता है तो कोई उसे छुट्टी कहता है। अभी वो आराम कर रहे हैं और 21 तारीख को वे फिर आ जाएंगे। इस दौरान उनसे जब यह पूछा गया कि किसान नेताओं के बीच कोई आपसी विवाद भी है तो उन्होंने साफ़ कहा कि किसान नेताओं के बीच कोई आपसी विवाद नहीं है।
किसान आंदोलन को 11 महीने से भी अधिक का समय हो चुका है। इतने दिन बीत जाने के बावजूद अभी तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है। जनवरी महीने के बाद से ही किसान संगठनों और केंद्र सरकार के बीच कोई बातचीत नहीं हुई है और गतिरोध जारी है। केंद्र सरकार ने आखिरी मीटिंग में तीनों कानूनों को डेढ़ साल तक निलंबित करने का प्रस्ताव भी दिया था
किसान संगठनों ने इसे नामंजूर कर दिया था। प्रदर्शनकारी किसान तीनों कानूनों की वापसी को लेकर अड़े हुए हैं। हालांकि कृषि मंत्री ने भी साफ़ कर दिया है कि तीनों कृषि कानूनों को रद्द करने पर कोई बात नहीं होगी

