श्रद्धालुओं ने तीर्थनगरी शुकतीर्थ में गंगा घाट पर स्नान करना बंद किया
शुकतीर्थ। तीर्थनगरी शुकतीर्थ में बह रही बाण गंगाजी का उत्तराखंड के पहाड़ों पर हो रही वर्षा सेजल स्तर बढ़ गया है। इसके चलते श्रद्धालुओं ने गंगा घाट पर स्नान करना बंद कर दिया गया है।
वहीं, पहाड़ों से जल के साथ बह कर आ रही जलकुंभी व पशुओं के शव शुकदेव सेतु में फंस गए। नायब तहसीलदार ने जेसीबी मंगवाकर पुल के पास से जलकुंभी हटवाई।
बीते कई दिनों से लगातार उत्तराखंड के पहाड़ों पर भारी वर्षा के चलते शुकतीर्थ में बह रही बाण गंगाजी में भी जल स्तर बढ़ गया है। इसको देख श्रद्धालुओं ने गंगा घाट पर स्नान व नौका विहार बंद कर दिया है।
पुरोहित व प्रसाद बेचने वाले दुकानदारों ने भी अपनी दुकान घाट से ऊपर लगा ली है। गंगा खादर क्षेत्र में डेरों पर रहने वाले लोगों ने अपना सामान समेटना शुरू कर दिया है।
वहीं, पहाड़ों से पानी के साथ बहकर आई जलकुंभी शुकदेव सेतु में अटकने से कई मृत पशुओं के शव भी फंस गए। श्री गंगा सेवा समिति के महामंत्री महकार सिंह ने डीएम, एसडीएम और सिंचाई विभाग को इसकी सूचना दी।
एसडीएम जानसठ अशोक कुमार के आदेश नायब तहसीलदार जसविद्र सिंह, पशु चिकित्साधिकारी डा. अखिलेश कुमार, डा. रविदीप सिंह, लेखपाल पंकज कुमार, प्रधान सुशील कुमार के साथ गंगा घाट पर पहुंचे और जेसीबी मंगवाकर शुकदेव सेतु से जल कुंभी व मृत पशुओं को गंगाजी से बाहर निकलवाना शुरू किया।

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