Chitrakoot News: दम घुटने से किशोरी की हुई थी मौत, संदिग्धता को देखते हुए बिसरा रिजर्व कर परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजा जाएगा
Chitrakoot News: मऊ कस्बे में लापता किशोरी का एक दिन पहले निर्माणाधीन पुल घाट के पास यमुना किनारे बरामद शव के मामले में कई सवाल उठने के बाद पुलिस ने छानबीन को और आगे बढ़ाया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में किशोरी की मौत दम घुटने से होना पाया गया है। मामले की संदिग्धता को देखते हुए बिसरा रिजर्व कर परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजा जाएगा।
मृतका की मां ने बेटी की मौत पर पुलिस की कार्यशैली पर भी सवालिया निशान उठाए है। आरोप लगाया कि उसके पति को पुलिस ने बेटी के गायब होने से पहले करीब चार घंटे तक अंदर बैठा रखा था।
मऊ कस्बे के यमुना रोड निवासी राकेश त्रिपाठी की 15 वर्षीया बेटी स्नेहा त्रिपाठी पिछले सात अप्रैल को गायब हुई थी। उसका शव एक दिन पहले रविवार को सुबह यमुना किनारे बरामद हुआ था। देर शाम पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है। पुलिस के मुताबिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में स्नेहा की मौत दम घुटने से हुई है। उसका शव यमुना किनारे मिला है, इससे माना जा रहा है कि स्नेहा ने नदी में कूदकर जान दी है। रिपोर्ट में उसकी मौत दो दिन पहले की स्पष्ट हुई है।
मृतका की मां रानी देवी का कहना है कि बेटी का अपनी एक सहेली से पैसे के लेनदेन का मामला आया था। जिसमें पुलिस ने छह अप्रैल की शाम दोनों पक्षों को बुलाया था। जिस पर दोनों सहेलियां अपनी मां को लेकर पहुंची थी। दोनों पक्षों को बाद में सात अप्रैल की सुबह आने की बात कहकर थाने से वापस कर दिया गया। इसके बाद दोनों सहेलियां अपने पिता को लेकर थाने पहुंची।
पति व बेटी की सहेली के पिता को पुलिस ने करीब चार घंटे तक थाने में अंदर बैठा रखा। जबकि दोनों सहेलियां थाना परिसर में बाहर बैठी रही। दोपहर बाद दोनों को छोंडा गया। इसके बाद सहेली अपने पिता के साथ घर चली गई। जबकि उसकी बेटी स्नेहा पिता के पीछे थाने के बाहर निकली। कुछ दूर आगे मिले मोहल्ले के एक लड़के को बेटी ने अपना फोन दे दिया और खुद गायब हो गई।
शाम तक जब बेटी घर नहीं पहुंची तो खोजबीन शुरु की और पुलिस को सूचना दी। आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में उसकी बेटी मानसिक तौर पर प्रताड़ित हुई है। जिसकी जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

