हवस में अंधी कलयुगी मां ने न बच्चे को छोड़ा न पति को: नाजायज रिश्ते की भेंट चढ़े पति व बच्चा
कहते है कि औरत पर जब हवस का जनून सवार होता है फिर उसे प्रेमी के सामने हर रिश्ता बे मानी लगने लगता है यहां तक कि वो औलाद भी उसको दुश्मन लगने लगती है जिसको उसने 9 माह गर्भ में रख कर मुसीबत से अपने ही लहू से सींचा है ऐसा ही एक मामला गोरखपुर से सामने आया है
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के शाहपुर इलाके की अशोक नगर कॉलोनी में नेत्र परीक्षक पति ओम प्रकाश यादव और पांच साल के बेटे नितिन की हत्या करने वाली अर्चना यादव और उसके प्रेमी व वारदात में सहयोगी अजय यादव को कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई।
घटना 20 जनवरी 2016 की है, जब रात में ओम प्रकाश यादव और उनके पुत्र शिवा उर्फ नितिन की घर की ऊपरी मंजिल पर ही हत्या की गई थी।
पुलिस ने मृतक ओम प्रकाश की मां बागेश्वरी देवी की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर मामले की छानबीन शुरू की तो पता चला कि कातिल कोई और नहीं बल्कि ओम प्रकाश यादव की पत्नी अर्चना ही है।
उसने शाहजहांपुर के फिरोजाबाद निवासी अपने प्रेमी अजय यादव के साथ मिलकर पहले पति की हत्या की थी फिर बेटे को भी गला दबाकर मौत के घाट उतार दिया था।
जिस वक्त यह घटना हुई थी, उस समय जनपद में सनसनी फैल गई थी। पुलिस को केस की विवेचना फूंक-फूंक कर करनी थी, क्योंकि मामला पूरी तरह से हाईप्रोफाइल था।
अर्चना के पिता उस समय सीएम सिक्योरिटी में तैनात थे तो मृतक ओम प्रकाश के बड़े भाई यूपी पुलिस में इंस्पेक्टर। इस वजह से पुलिस को केस सुलझाने में थोड़ा समय जरूर लगा था, मगर साक्ष्यों के साथ आरोपी पकड़े गए थे जिस वजह से दोनों को अपने किये को सजा मिल गयी
दोनों आरोपियों को 23 जनवरी 2016 को कोर्ट में पुलिस ने पेश किया था। इसके पहले प्रेस कांफ्रेंस की जा चुकी थी और लोग जान चुके थे कि मासूम बेटे और पति की कातिल अर्चना ही है। उसे और उसके प्रेमी को देखने के लिए अधिवक्ता ही नहीं
आम लोगों में भी होड़ मच गई थी। कचहरी के अंदर अधिवक्ताओं ने घेर लिया तो पांच थाने की फोर्स बुलानी पड़ी थी। बाहर लोगों की भीड़ को रोक पाना मुश्किल हो रहा था। तब पुलिस ने दोनों आरोपियों का चेहरा लोगों को दिखाया और फिर लोग वहां से हटे।
अजय यादव से अर्चना की दोस्ती फेसबुक के जरिए हुई थी। दोनों में प्रेम इस कदर बढ़ गया था कि बात अर्चना के पति और बेटे की हत्या तक पहुंच गई थी।
हत्या वाले दिन अर्चना पति से सिर दर्द का बहाना बनाकर अलग कमरे में सोने चली गई थी। रात में प्रेमी के आने पर उसने ही दरवाजा खोला था।
दोनों ने मिलकर मुंह दबाया था और फिर सिर पर हमला कर पति ओमप्रकाश को मौत के घाट उतार दिया था। इस घटना के दौरान बेटा जग गया था और डर कर मां की गोद में आ गया था। बेटा सबकुछ किसी को बता न दे इस वजह से अर्चना ने ही उसकी गला दबाकर हत्या कर दी थी।
हालांकि प्रेमी अजय ने बच्चे की हत्या का विरोध भी किया था, लेकिन अर्चना नहीं मानी ओर प्रेमी के मना करने के बाद भी एक डायन मां ने अपने एक लोते पुत्र का भी गला घोंट दिया ओर इस तरह एक औरत की हवस की आग में पति ही नही पुत्र भी जल गया
ऐसा ही एक मामला कई वर्षों पूर्व मुजफ्फर नगर में भी सहारनपुर बस स्टेंड रुड़की रॉड पर घटित हुआ था व जब पुलिस ने पति व बच्चो की कातिल मां व उसके प्रेमी को हिरासत में लिया
तो घटना स्थल पर जमा भीड़ ने उनको अपने हाथों से सजा देने के लिए पुलिस से अपने हवाले कर की भरपूर कोसिस की थी पुलिस ने भारी मशक्कत के बाद ही कातिल मां व उसके प्रेमी को भीड़ से बचा जेल भेजा था

