अमेरिका में पाकिस्तान दूतावास के बाहर आतंकवाद की पाकिस्तान की नीति के विरोध में प्रदर्शन
पाकिस्तान और कश्मीरियों पर उसके अत्याचारों के खिलाफ असंतोष की आवाज दिन-ब-दिन तेज होती जा रही है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में दहला देनेवाले मानवाधिकार उल्लंघन के मामलों पर ध्यान दे रहा है।
#WATCH Washington, DC: Global Kashmiri Pandit Diaspora (GKPD) & other community organisations hold a car protest rally in front of the Embassy of Pakistan in U.S, remembering Pak's invasion of Kashmir in 1947.
Visuals of protests from the Metro Washington area pic.twitter.com/sJhDFwbB2q
— ANI (@ANI) October 23, 2020
इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए, ग्लोबल कश्मीरी पंडित डायस्पोरा (जीकेपीडी) (वैश्विक कश्मीरी पंडित प्रवासी) और कई अन्य संगठनों ने गुरुवार को अमेरिका में पाकिस्तान दूतावास के बाहर एक कार विरोध रैली आयोजित की, जिसमें 1947 में स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान कश्मीर पर पाकिस्तान के कब्जे को याद दिलाया गया।
प्रदर्शनकारियों ने नारे लगाते हुए पाकिस्तान से कश्मीर की अवैध कब्जे वाली जमीन को खाली करने को कहा।एक पोस्टर में लिखा था, “पाकिस्तान कब्जे वाले कश्मीर को खाली करो। कश्मीर भारत का एक एकीकृत हिस्सा है।”
एक अन्य पोस्टर में लिखा था, “कश्मीर में 1947 का जिहादी हमला रातोंरात नहीं हुआ, इसे पाकिस्तान ने योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया था।”
वाशिंगटन डीसी के लिए रैली के आयोजक और जीकेपीडी समन्वयक डॉ. मोहन सप्रू ने कहा कि सीमा पार आतंकवाद की पाकिस्तान की नीति के विरोध में यह प्रदर्शन किया गया।
‘मास्क पहनकर और सोशल डिस्टेंसिंग की मौजूदा प्रथा के साथ, रैली में प्रदर्शनकारी सीमा पार आतंकवाद और कश्मीर में दखल की पाकिस्तान की 73 साल पुरानी नीति की कड़ी निंदा करने के लिए जमा हुए हैं।
पाकिस्तान ने कश्मीर में कश्मीरी हिंदुओं, सिखों, ईसाइयों और बौद्ध जैसे अल्पसंख्यक समुदायों को खास तौर से निशाना बनाया है।
