काउंटर इनसर्जेंसी और जंगल वॉरफेयर के लिए एसएसबी के पास ट्रेनिंग की पर्याप्त क्षमता नहीं-रिपोर्ट
पार्लियामेंट्री स्टैंडिंग कमेटी ऑफ होम अफेयर्स ने हैरानी जताते हुए अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि काउंटर इनसर्जेंसी और जंगल वॉरफेयर के लिए इस बल के पास ट्रेनिंग की पर्याप्त क्षमता ही नहीं है तो बल को प्रशिक्षण कैसे मिलता होगा.लद्दाख में भारत-चीन के बीच चल रहे सीमा विवाद के बीच नेपाल भी कई मुद्दों पर अपनी नाराजगी दिखा रहा है।
नेपाल बॉर्डर पर तैनात एसएसबी को हल्के में लिया गया। इस फोर्स में काउंटर इनसर्जेंसी और जंगल वॉरफेयर को लेकर कोई खास काम नहीं हुआ।बॉर्डर, नक्सल क्षेत्र या आतंकियों के साथ होने वाली मुठभेड़ के लिए इस बल के पास पर्याप्त ट्रेनिंग का खासा अभाव था।
गृह मंत्रालय के मामलों के लिए गठित संसद की स्थायी समिति (डिपार्टमेंट-रिलेटेड पार्लियामेंट्री स्टैंडिंग कमेटी ऑफ होम अफेयर्स) ने हैरानी जताते हुए अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि काउंटर इनसर्जेंसी और जंगल वॉरफेयर के लिए इस बल के पास ट्रेनिंग की पर्याप्त क्षमता ही नहीं है तो बल को प्रशिक्षण कैसे मिलता होगा।
कमेटी की सिफारिशों के बाद गृह मंत्रालय ने एसएसबी में कई तरह के अहम कोर्स शुरू कराए हैं। एमएमजी और मोर्टार जैसे हथियार कैसे चलाए जाते हैं, ये सिखाया गया।
काउंटर इनसर्जेंसी और जंगल वॉरफेयर के लिए 36 दिन की प्री-इंडक्शन ट्रेनिंग शुरू की गई.दो सप्ताह का अलग से क्षेत्र परिचय प्रशिक्षण कोर्स भी लागू किया गया.ये सब ट्रेनिंग सीआई एंड जेडब्लू स्कूल ग्वालदम और एटीसी सराहन में दी जा रही हैं
काउंटर इनसर्जेंसी ऑपरेशन के लिए तैनात होने वाली बटालियन को 36 दिन की ट्रेनिंग के अलावा मोबाइल ट्रेनिंग टीम के लिए रेफ्रेशर कोर्स जरूरी किया गया.एंटी नक्सल एरिया में जाने वाली टीम को अलग से एक सप्ताह का रिफ्रेशर कोर्स कराया जाने लगा है.
सदीय समिति की रिपोर्ट के बाद दी गई इन हथियारों की ट्रेनिंग. सभी अफसरों और एसओ के लिए 9 सप्ताह का बटालियन स्पोर्ट वेपन कोर्स चालू किया गया.सभी अन्य रैंक के लिए आठ सप्ताह का 81 एमएम मोर्टार कोर्स.
अन्य रैंक के लिए 8 सप्ताह का प्लाटून वेपन कोर्स शुरू किया गया.चार सप्ताह का वेपन इंस्ट्रक्टर कोर्स, अफसरों को छोड़कर अन्य सभी रैंक करेंगे.एसी (डीई) एलडीसीई के लिए आठ सप्ताह का कमांडो कोर्स.
एसओ एवं दूसरे रैंक के लिए दस सप्ताह का कमांडो कोर्स .इनके अलावा एसी (डीई) कोर्स, एसआई (डीई) कोर्स, सामान्य ड्यूटी वाले सिपाही के लिए बीआरटीसी और सालाना इंटेसिव रिफ्रेशर ट्रेनिंग शुरू की गई है।
