गुरुकुल संस्कृत महाविद्यालय शुक्रताल का 56 वां वार्षिक महोत्सव मनाया
मुजफ्फरनगर। गुरुकुल संस्कृत महाविद्यालय शुक्रताल का ५६ वां वार्षिक महोत्सव कोविड-१९ गाइडलाइन के दृष्टिगत बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया गया उत्सव के मुख्य आकर्षक चतुर्वेद शतकम पारायण महायज्ञ जिसके ब्रह्मा आचार्य इन्द्रपाल रहे। वैदिक रीति मंत्रोच्चारण के द्वारा महायज्ञ संपन्न हुआ ।
वेद पाठी के रूप में आचार्य मनोकांत ,आचार्य कमलकांत ,ब्रह्मचारी सिद्धार्थ आर्य ,ब्रह्मचारी हृदयांश आर्य सम्मिलित रहे । यजमान के पद को श्री प्रवीण आर्य श्री नरेंद्र आर्य व अन्य आर्यजन ग्राम बसेड़ा से उपस्थित हुए।
ग्राम निरगाजनी से महाशय तेजपाल, विकास शास्त्री ग्राम अथाई से मास्टर रणजीत , चौधरी हरवीर सिंह श्री यशपाल आर्य ग्राम शुक्रताल से ,मास्टर शक्तिपुंज दहिया, वेदांशी दहिया बच्चों के अभिभावक गुरुकुल के छात्र आचार्य आदि ने महायज्ञ में आहुति देकर पावन व्रत धारण किया कि हम जीवन में कोई एक बुराई छोड़कर संकल्प लेते हैं
कि हम अपने जीवन को आर्य बनाएंगे, श्रेष्ठ बनाएंगे। मुख्य वक्ता के रूप में स्वामी आनंद वेश (बलदेव नैष्ठिक) (संस्थापकध् प्रबंधक ,गुरुकुल संस्कृत महाविद्यालय शुक्रताल )ने अपने सारगर्भित उपदेशों द्वारा जनमानस को आध्यात्मिक प्रवचनों के माध्यम से जीवन में अध्यात्म की गहरी सोचध् आवश्यकता के बारे में अवगत कराया।
दूरदराज से आए हुए आर्यों, श्रद्धालुओं के भोजन की व्यवस्था हेतु भंडारे ध्लंगर का आयोजन किया गया जिसमें सभी सभी ने प्रसाद ग्रहण किया । मुख्य आयोजक के रूप में सोमवीर सिंह , राणा शास्त्री ,विकास शास्त्री, श्रद्धानंद गुरुकुल कार्यकर्ताओं ने अपना विशेष योगदान दिया।
