Bareilly: पति और ससुराल वालों के उत्पीड़न से इंडिगो की महिला कर्मचारी ने की आत्महत्या
Bareilly हाल ही में बरेली में इंडिगो एयरलाइंस की महिला कर्मचारी वैजयंती द्वारा आत्महत्या का मामला सामने आया है, जिसने समाज को झकझोर कर रख दिया है। वैजयंती, जो बरेली एयरपोर्ट पर ग्राउंड स्टाफ के रूप में कार्यरत थीं, ने ससुराल वालों के उत्पीड़न और दहेज की मांग से तंग आकर अपनी जान दे दी। इस घटना ने एक बार फिर समाज में दहेज प्रथा और महिलाओं के प्रति होने वाले अत्याचारों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
वैजयंती की शादी 12 साल पहले पीलीभीत के बरखेड़ा निवासी रवि उर्फ राजेंद्र श्रीवास्तव से हुई थी। शादी के बाद से ही वैजयंती के ससुराल वाले उन्हें कम दहेज के लिए ताने मारते और झगड़ा करते थे। उनके पिता पप्पू श्रीवास्तव ने इज्जतनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि वैजयंती के पति राजेंद्र, सास शोभा, देवर राहुल, और ननद प्रियंका ने मिलकर वैजयंती को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया।
इस घटना ने समाज में व्याप्त दहेज प्रथा और महिलाओं के प्रति हो रहे अत्याचारों की समस्या को उजागर किया है। दहेज के लिए महिलाओं को प्रताड़ित करना और उनके जीवन को नष्ट करना एक गंभीर सामाजिक समस्या है। ऐसी घटनाएँ हमें यह सोचने पर मजबूर करती हैं कि आखिर क्यों हम इस पुरानी और घिनौनी प्रथा को अब तक नहीं समाप्त कर पाए हैं।
नैतिक और सामाजिक दृष्टिकोण
इस घटना से हमें यह सिखने की जरूरत है कि समाज को अपने नैतिक मूल्यों पर पुनर्विचार करना चाहिए। हमें महिलाओं के प्रति सम्मान और समानता का भाव विकसित करना होगा। दहेज प्रथा एक अमानवीय प्रथा है और इसे समाप्त करने के लिए हमें सामूहिक प्रयास करने होंगे।
इस घटना ने राजनीतिक जगत में भी हलचल मचा दी है। विभिन्न राजनीतिक दलों ने इस घटना की निंदा की है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। सरकार को भी इस दिशा में कठोर कदम उठाने की जरूरत है ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। कानून को और सख्त बनाने की जरूरत है ताकि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिल सके।
वैजयंती की आत्महत्या एक गंभीर सामाजिक समस्या की ओर इशारा करती है जिसे अनदेखा नहीं किया जा सकता। यह घटना हमें यह याद दिलाती है कि समाज में बदलाव लाने के लिए हमें एकजुट होकर कार्य करना होगा। महिलाओं के प्रति सम्मान और समानता का भाव विकसित करना और दहेज प्रथा को समाप्त करना हमारे समाज की प्राथमिकता होनी चाहिए। इसके लिए हमें सामाजिक, नैतिक और राजनीतिक स्तर पर ठोस कदम उठाने होंगे।
इस घटना से जुड़े सभी दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और समाज में महिलाओं के प्रति सम्मान और सुरक्षा का वातावरण विकसित हो सके।
इज्जतनगर के धौरेरा माफी निवासी वैजयंती बरेली एयरपोर्ट पर इंडिगो एयरलाइंस में ग्राउंड स्टाफ के रूप में तैनात थीं। पिता पप्पू श्रीवास्तव ने रिपोर्ट में जिक्र किया है कि बेटी की शादी 12 साल पहले पीलीभीत के बरखेड़ा के मूल निवासी रवि उर्फ राजेंद्र श्रीवास्तव से की थी।
उसके ससुराल वाले कम दहेज का ताना देकर झगड़ा करते थे। पंचायत के बाद उन्होंने बेटी को अपने घर के पास धौरेरा माफी में ही किराये का कमरा दिला दिया। मई में वैजयंती चार दिन की छुट्टी लेकर पति व आठ साल के बेटे के साथ ससुराल गई थीं।
वहां पति राजेंद्र, सास शोभा, देवर राहुल और ननद प्रियंका ने वैजयंती से दहेज में पांच लाख रुपये लाने के लिए कहा। वैजयंती ने कहा कि उन्हें जो सामान दहेज में मिला था, उसे आज तक उन्होंने नहीं देखा। इस बात पर वैजयंती को पीटा गया। परेशान होकर वैजयंती ने कमरे में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली।

