उत्तर प्रदेश

Aligarh: पतंजलि योगपीठ सचिव बालकृष्ण सहित दो पर योग शिविर के नाम पर तीस हजार ठगी का आरोप

Aligarh पतंजलि योगपीठ के सचिव बालकृष्ण सहित दो लोगों पर अलीगढ़ महानगर के गांधीपार्क थाने में मुकदमा दर्ज हुआ है। इस मुकदमे में अखिल भारत हिंदू महासभा के प्रवक्ता ने योग शिविर की ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया के दौरान 30 हजार रुपये ठगने और मोबाइल फोन पर बातचीत में असहयोग करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने ठगी व आईटी एक्ट की धारा में मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।

मुकदमा दर्ज कराते हुए बीदास कंपाउंड निवासी अखिल भारत हिंदू महासभा के प्रवक्ता डॉ.अशोक पांडेय के अनुसार अधिकांश लोग पतंजलि योग पीठ हरिद्वार के पतंजलि योग ग्राम में संचालित होने वाले नेचुरोपैथी सेंटर में शामिल होने के लिए गूगल पर नंबर लेकर आवेदन करते हैं। इसी तरह से उन्होंने 10 जून को अपने मोबाइल नंबर से गूगल से प्राप्त नंबर पर संपर्क किया। उस व्यक्ति ने कहा कि हमारे डॉक्टर आपसे संपर्क करेंगे। 

इसके कुछ देर बाद दूसरी ओर से नए नंबर से कॉल आई और खुद को डॉ.पंकज गुप्ता बताते हुए सात दिवसीय योग शिविर के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया कराई। एक फार्म भेजा, जिस पर आचार्य बाल कृष्ण के हस्ताक्षर व मुहर थी। उसमें अंकित बंधन बैंक बधदराबाद शाखा पतंजलि योग पीठ के खाते में अपने स्थानीय पीएनबी खाते से 29400 रुपये जमा किए। इसके कुछ देर बाद एक दूसरे फार्म को भेजकर अन्य जांचों के नाम पर 45 हजार रुपये मांगे। उस पर भी आचार्य बाल कृष्ण के हस्ताक्षर व मुहर थी।

इस पर उन्हें कुछ संदेह हुआ तो उन्होंने अपनी रकम वापस मांगी। इस पर पंकज ने कहा कि पहले 45 हजार जमा करेंगे, तभी पूरी रकम वापस होगी। इस पर पतंजलि के तमाम नंबरों पर संपर्क किया गया। मगर किसी स्तर से संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया। इस पर उन्हें खुद के साथ ठगी का अहसास हुआ। इस मामले में साइबर सेल पर ऑनलाइन शिकायत के साथ-साथ गांधीपार्क थाने में आचार्य बाल कृष्ण, डॉ.पंकज व अन्य बैंक अधिकारियों आदि पर मुकदमा दर्ज कराया है। एसओ गांधीपार्क एसपी सिंह के अनुसार ठगी व आईटी एक्ट में यह मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। विवेचना शुरू कर दी गई है। तथ्यों व साक्ष्यों के आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी।

पतंजलि योगपीठ के सचिव बालकृष्ण सहित दो लोगों पर अलीगढ़ महानगर के गांधीपार्क थाने में ठगी और आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। यह मामला समाज के नैतिक और राजनीतिक ताने-बाने पर गंभीर प्रश्नचिन्ह खड़ा करता है। अखिल भारत हिंदू महासभा के प्रवक्ता डॉ. अशोक पांडेय ने आरोप लगाया है कि योग शिविर की ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया के दौरान उनसे 30 हजार रुपये ठगे गए और मोबाइल फोन पर बातचीत में असहयोग किया गया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

ठगी का मामला: घटनाक्रम

अखिल भारत हिंदू महासभा के प्रवक्ता डॉ. अशोक पांडेय ने बताया कि अधिकांश लोग पतंजलि योग पीठ हरिद्वार के पतंजलि योग ग्राम में नेचुरोपैथी सेंटर में शामिल होने के लिए गूगल पर नंबर लेकर आवेदन करते हैं। इसी प्रकार उन्होंने भी 10 जून को अपने मोबाइल नंबर से गूगल पर प्राप्त नंबर पर संपर्क किया। उस व्यक्ति ने कहा कि उनके डॉक्टर आपसे संपर्क करेंगे। इसके कुछ देर बाद एक नए नंबर से कॉल आई और खुद को डॉ. पंकज गुप्ता बताते हुए सात दिवसीय योग शिविर के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया कराई गई।

डॉ. पंकज ने एक फार्म भेजा, जिस पर आचार्य बालकृष्ण के हस्ताक्षर और मुहर थी। उन्होंने बंधन बैंक बद्राबाद शाखा के खाते में अपने स्थानीय पीएनबी खाते से 29400 रुपये जमा किए। इसके बाद एक दूसरे फार्म को भेजकर अन्य जांचों के नाम पर 45 हजार रुपये मांगे गए। उस पर भी आचार्य बालकृष्ण के हस्ताक्षर और मुहर थी। संदेह होने पर उन्होंने अपनी रकम वापस मांगी, तो पंकज ने कहा कि पहले 45 हजार जमा करने होंगे, तभी पूरी रकम वापस होगी।

समाज पर प्रभाव

यह मामला समाज के नैतिक ताने-बाने पर गहरा असर डालता है। पतंजलि योगपीठ और इसके संबंधित व्यक्तियों पर लगे आरोपों ने जनता के विश्वास को हिलाकर रख दिया है। योग और प्राकृतिक चिकित्सा की उच्च प्रतिष्ठा वाले संस्थान पर इस तरह के आरोप लगना एक गंभीर स्थिति है। यह समाज में एक संदेश भेजता है कि किसी भी संगठन की प्रतिष्ठा को देखते हुए हमें सतर्क रहना चाहिए और पूरी जांच-पड़ताल के बाद ही किसी प्रकार की आर्थिक लेन-देन करनी चाहिए।

राजनीतिक परिप्रेक्ष्य

इस घटना का राजनीतिक प्रभाव भी महत्वपूर्ण है। पतंजलि योगपीठ एक प्रतिष्ठित संस्था है और इसके संस्थापक बाबा रामदेव ने राजनीतिक हलकों में भी अपनी पहचान बनाई है। इस तरह के मामले उनके और उनके संस्थान की छवि पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकते हैं। राजनीतिक विरोधी इस अवसर का फायदा उठाकर इसे बड़ा मुद्दा बना सकते हैं और सत्ता में बैठे लोगों को निशाने पर ले सकते हैं।

नैतिकता का मुद्दा

इस प्रकरण में नैतिकता का सवाल भी महत्वपूर्ण है। योग और प्राकृतिक चिकित्सा के क्षेत्र में काम करने वाले व्यक्तियों से समाज को उच्च नैतिक मानदंडों की उम्मीद होती है। अगर ऐसे लोग भी ठगी जैसे कार्यों में लिप्त पाए जाते हैं, तो यह समाज के नैतिक आधार को कमजोर करता है। यह घटना हमें यह सोचने पर मजबूर करती है कि हमें अपने नैतिक मूल्यों पर कितना ध्यान देना चाहिए और समाज में व्याप्त भ्रष्टाचार और अनैतिकता से कैसे निपटना चाहिए।

आगे की राह

इस मामले की जांच जारी है और सत्य की परतें धीरे-धीरे खुलेंगी। पुलिस ने ठगी और आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। एसओ गांधीपार्क एसपी सिंह के अनुसार, तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

समाज को इस घटना से एक सबक लेना चाहिए और किसी भी प्रकार की आर्थिक लेन-देन के मामले में सतर्कता बरतनी चाहिए। यह आवश्यक है कि हम अपने नैतिक मूल्यों को मजबूत करें और समाज में व्याप्त भ्रष्टाचार और अनैतिकता से मिलकर लड़ें। यह घटना हमें यह सोचने पर मजबूर करती है कि हमें कैसे एक नैतिक और ईमानदार समाज की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।

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