आईटीएफ के आयोजन के बीच बारिश
सर्बिया की नतालिजा कोष्टिक ने जर्मनी की साराहा रीबिका सिकोलिच को हराया
मुजफ्फरनगर। भावना स्वरूप मैमो. महिला अन्तर्राष्ट्रीय महिला टेनिस टूर्नामेंट में आज कई संघर्षपूर्ण मुकाबले हुए। महिला खिलाड़ियों ने जमकर पसीना बहाते हुए अपने प्रतिद्वंदी खिलाडी को शिकस्त दी। सर्विस क्लब में कोर्ट नम्बर 1 पर हुए एकल मुकाबले में जापान की हीरोको कुवाता ने इंडोनेशिया की अलदिला सुतदियादी को संघर्षपूर्ण मुकाबले में 6-1, 6-7, 6-4 से हराया। कोर्ट नम्बर एक पर ही हुए मुकाबले में दोनों खिलाड़ियों ने जमकर मेहनत की। इसी कोर्ट पर एकल मुकाबले में सर्बिया की नतालिजा कोष्टिक ने जर्मनी की साराहा रीबिका सिकोलिच को कड़े मुकाबले में 6-3, 6-1 से हराया। कोर्ट नम्बर 2 पर हुए कड़े मुकाबले में स्लोवाकिया की तेरिजा मिखालिकोवा ने गुलगारिया की एलेक्जेन्ड्रीना नाइजिनोवा को 6-4, 7-6, 6-3 से हराया। कोर्ट नम्बर 3 पर हुए मुकाबले में स्लोवाकिया की नसतीजा कोलार ने जापान की केयोका ओकामुरा को 6-4, 6-4 से हराया।
मानसून भी देता है हर आईटीएफ में सर्विस क्लब के ग्रास कोर्ट पर दस्तक
मुजफ्फरनगर। मुजफ्फरनगर के सर्विस क्लब में चल रहे 25 हजार डालर के इनामी राशि वाले आईटीएफ टेनिस टूर्नामेंट का इतिहास गवाह है कि जब-जब भी यहां आईटीएफ हुआ मुजफ्फरनगर के सुदंर ग्रास टेनिस कोर्ट पर मानसून की नजर हमेशा ही टेढी रही। ऐसा नहीं हुआ कि इस आयोजन के बीच कभी बारिश न पडी हो। इस बार भी अब तक टेनिस कोर्ट को दो बार बारिश भिगो चुकी है लेकिन यह अलग बात है कि अभी टेनिस कोर्ट सुरक्षित है मौसम और आईटीएफ टेनिस की यह जुगलबंदी मुजफ्फरनगर में बार-बार देखने को मिलती है।
जानकारी के अनुसार मुजफ्फरनगर में सन् 2002 से भावना स्वरूप मैमो. आईटीएफ अन्तर्राष्ट्रीय महिला टेनिस टूर्नामेंट चल रहा है और यह मुजफ्फरनगर के एक मात्र सर्विस क्लब के ग्रास कोर्ट पर होता है लेकिन अब इस पूरे खेल का ही इतिहास उठाकर देखा जाये तो ऐसे एक दो आयोजन ही बचे होंगे जब इस खेल के दौरान यहां बारिश ने इस मैदान को न भिगोया हो। यह अलग बात है कि बारिश हल्की हो या भारी लेकिन न जाने मानसून के इस मैदान से और इस आईटीएफ से क्या रिश्ते जुडे हुए है कि बारिश इस मैदान को आईटीएफ के दौरान भिगोता जरूर है। एक बार इस आयोजन के दौरान इतनी बारिश आई थी कि सभी ग्रास कोर्ट में पानी भर गया था और आयोजकों ने खुद पेपर मिल से बड़े बड़े पेपर मंगाकर पानी को सुखवाया था। बीती रात्रि भी बारिश हुई हालांकि इससे खेल पर ज्यादा प्रभाव नहीं पडा लेकिन कहना न हो कि कहीं न कहीं आईटीएफ के आयोजन के बीच इस बारिश का पड़ना चोली दामन का साथ सा लगता है। बारिश होने से जहां आयोजकों को परेशानी होती है वहीं तीनों ग्रास कोर्ट पर भी खिलाड़ी खेलते हुए असहज हो जाते है।
गीला कोर्ट होने की वजह से खिलाड़ियों की लय और ताल नहीं बन पाती। दूसरा एक कारण यह भी है कि मुजफ्फरनगर के इस ग्रास कोर्ट की तारीफ अब विदेशो तक हो रही है और यह टेनिस में एक बेहतरीन ग्रास कोर्ट की पहचान बना चुका है और ऐसे में इस पर बारिश की नजर न लगे तो आईटीएफ पूरा नहीं माना जाता। बीती रात्रि भी बारिश ने इसे अच्छी तरह से भिगोया लेकिन किसी तरह से मैदान को सूखा लिया गया। दूसरा कारण एक ओर यह भी है कि ग्रास कोर्ट काफी नीचे है और जिसमें जमीन पर थोडा सा पानी आ जाने से पानी का भराव जल्द हो जाता है हालांकि ग्रास कोर्ट की वाह वाही इतनी है कि देशी और विदेशी खिलाडी इस ग्रास कोर्ट की तारीफ करते नहीं थकते। अन्तर्राष्ट्रीय एम्पायर और रैफरी भी टेनिस के लिए इस ग्रास कोर्ट को अन्तर्राष्ट्रीय स्तर का साबित कर चुके है क्योंकि आयोजक मंडल और सर्विस क्लब की टीम यहां पर साल भर इन ग्रास कोर्टो की देखभाल और उन्हे सुरक्षित रखने के लिए दिन रात एक किये रखती है। ग्रास कोर्ट ऐसा कि आंखों में हरी घास नया अंदाज भर देती है ओर एक भी घास एक लय के अलावा ऊपर नीचे नहीं मिल सकती। वहीं ग्रास कोर्ट की लाइनिंग और इसका रख रखाव अन्तर्राष्ट्रीय है इस ग्रास कोर्ट को देखने के लिए आसपास के लोग भी आते है।
वैसे तो मुजफ्फरनगर में एक दो स्कूलों को छोडकर कहीं ऐसे ग्रास कोर्ट नहीं है फिलहाल मुजफ्फरनगर के एक दो स्कूलों में भी ग्रास कोर्ट बनाने की तैयारी की जा रही है लेकिन मुजफ्फरनगर के सर्विस क्लब के ग्रास कोर्ट का जवाब ही नहीं है यह खिलाड़ियों के लिए लाजवाब है सुकून भरा है और उनकी उम्मीदों पर खरा उतरा है लेकिन साथ ही यह भी सच है कि हर आईटीएफ में अधिकतर अब तक बारिश इस आयोजन को जरूर भिगोती है और यह इसके लिए शुभ लक्षण होने के साथ-साथ एक परम्परा सी हो गयी है कि मुजफ्फरनगर में अब तक जितने भी आईटीएफ हुए सर्विस क्लब के मैदान के बारिश ने अधिकतर भिगोया है मौसम कोई सा भी हो आसमान की बारिशे बरसकर इस आईटीएफ की खुशबू में चार चांद लगाकर उसे बिखेरती है लेकिन इसके बावजूद आईटीएफ प्रबंध तंत्र की मेहनत के चलते कभी आईटीएफ यहां बाधित नहीं हुआ। चाहे बारिश कितनी भी बेलगाम हुई हो अब एक बार फिर इस आयोजन में ही बारिश अपना संकेत दिखा चुकी है और अब फाइनल मैच 17 नवम्बर तक देखना है कि इस हरी घास के कोर्ट पर कौन कौन से खिलाड़ी एकल और युगल अपना टेनिस में परचम दिखाकर इस ग्रास कोर्ट की जमीन को चूमते नजर आयेंगे।
