टोक्यो से दिल्ली आ रही Air India की फ्लाइट AI357 की इमरजेंसी लैंडिंग कोलकाता में, केबिन के बढ़ते तापमान से मची अफरातफरी
टोक्यो के हनेडा हवाई अड्डे से दिल्ली के लिए उड़ान भरने वाली Air India की फ्लाइट संख्या AI357 को उस समय कोलकाता डायवर्ट कर इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई, जब केबिन में लगातार तापमान बढ़ने लगा। उड़ान के दौरान तकनीकी स्टाफ ने तापमान में हो रहे असामान्य वृद्धि को महसूस किया और तुरंत कॉकपिट को अलर्ट किया गया। पायलट ने यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए तुरंत एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क किया और फ्लाइट को कोलकाता की ओर डायवर्ट कर दिया गया।
एयर इंडिया ने क्या कहा?
एयर इंडिया के आधिकारिक प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया,
“29 जून 2025 को हनेडा से दिल्ली आ रही फ्लाइट AI357 को केबिन में लगातार गर्म हो रहे तापमान के कारण एहतियात के तौर पर कोलकाता डायवर्ट किया गया। फ्लाइट कोलकाता में सुरक्षित रूप से लैंड हो गई और अब उसका निरीक्षण किया जा रहा है।”
प्रवक्ता ने साथ ही यह भी कहा कि यात्रियों को किसी तरह की चोट या हानि नहीं हुई है और सभी सुरक्षित हैं।
यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता
यात्रियों को पूरी मदद, वैकल्पिक फ्लाइट्स की व्यवस्था
कोलकाता में लैंडिंग के तुरंत बाद एयर इंडिया ने यात्रियों की सुविधा का ख्याल रखते हुए उन्हें खाने-पीने से लेकर आवास तक की सभी जरूरी मदद उपलब्ध कराई। एयरलाइन की तरफ से वैकल्पिक उड़ानों की व्यवस्था भी की जा रही है ताकि यात्रियों को जल्द से जल्द दिल्ली पहुंचाया जा सके।
“हमें यात्रियों को हुई असुविधा के लिए खेद है और हम उनकी सुरक्षा और सुविधा के लिए प्रतिबद्ध हैं,” एयर इंडिया के प्रवक्ता ने आगे जोड़ा।
गर्म होता केबिन: क्या था तकनीकी कारण?
तकनीकी जानकारों की मानें तो यह समस्या संभवतः विमान के एयर कंडीशनिंग सिस्टम में आई गड़बड़ी की वजह से उत्पन्न हुई है। जब भी केबिन का तापमान सामान्य सीमा से बाहर जाता है, पायलट को इसका अलर्ट मिलता है और तुरंत निर्णय लेना पड़ता है। ऐसा पहली बार नहीं हुआ है जब किसी उड़ान को केबिन तापमान के चलते डायवर्ट करना पड़ा हो।
AI357: कौन-कौन थे बोर्ड पर?
इस फ्लाइट में कुल 231 यात्री और 14 क्रू मेंबर्स सवार थे। रिपोर्ट्स के अनुसार यात्रियों में कई बिजनेस ट्रैवलर्स, पर्यटक और स्टूडेंट्स भी शामिल थे। यात्रियों ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया साझा करते हुए फ्लाइट में गर्मी और घबराहट का अनुभव बताया, लेकिन साथ ही एयर इंडिया की फुर्ती और सुरक्षा के लिए धन्यवाद भी किया।
पिछले मामलों से तुलना: क्या ऐसा पहले भी हो चुका है?
यह पहला मौका नहीं है जब किसी अंतरराष्ट्रीय उड़ान को तापमान असंतुलन या तकनीकी गड़बड़ी के कारण डायवर्ट करना पड़ा हो। इससे पहले भी 2023 में एक अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट को मनीला से मुंबई के दौरान इसी प्रकार के कारणों से बैंकॉक में आपात लैंडिंग करनी पड़ी थी।
एविएशन विशेषज्ञ मानते हैं कि आधुनिक विमानों में ऐसी स्थितियों से निपटने के लिए मजबूत सिस्टम और ट्रेनिंग होती है, और पायलट्स को ऐसी इमरजेंसी स्थितियों से निपटने की पूरी तैयारी दी जाती है।
क्या कहती हैं एविएशन गाइडलाइंस?
डीजीसीए (DGCA) के अनुसार, यदि फ्लाइट केबिन का तापमान सामान्य सीमा से ऊपर जाता है, तो यह एक संभावित खतरे की श्रेणी में आता है। एयरलाइनों को ऐसे मामलों में तत्काल निर्णय लेने का अधिकार और जिम्मेदारी होती है।
एयर इंडिया की प्रतिक्रिया और ब्रांड जिम्मेदारी
एयर इंडिया, जो कि अब टाटा ग्रुप के स्वामित्व में है, अपने यात्रियों की सुरक्षा और सेवा को लेकर प्रतिबद्ध है। हाल के वर्षों में एयरलाइन ने अपने सुरक्षा मानकों और तकनीकी निरीक्षणों में भारी सुधार किया है। इस घटना के बाद एयर इंडिया ने फिर यह साबित किया है कि आपातकालीन स्थितियों में यात्रियों की सुरक्षा से समझौता नहीं किया जाएगा।
टोक्यो से दिल्ली की उड़ान: यात्रियों की यात्रा में बाधा, लेकिन राहत की बात यह रही कि कोई हानि नहीं
उड़ान की डायवर्जन से यात्रियों को कुछ घंटों की देरी जरूर हुई, लेकिन राहत की बात यह रही कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। यात्रियों को कोलकाता से दिल्ली तक ले जाने के लिए विशेष फ्लाइट्स और सुविधा के इंतजाम किए जा रहे हैं।
एयर इंडिया की तकनीकी टीम जुटी जांच में
विमान को कोलकाता एयरपोर्ट पर पार्क कर निरीक्षण के लिए रख दिया गया है। एयर इंडिया की इंजीनियरिंग टीम और डीजीसीए की निगरानी में तापमान वृद्धि के कारणों की गहन जांच की जा रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार विमान को तब तक उड़ान भरने की अनुमति नहीं दी जाएगी जब तक सभी तकनीकी पहलुओं की पुष्टि नहीं हो जाती।
क्या यात्रियों को मुआवजा मिलेगा?
एविएशन रूल्स के मुताबिक, यदि फ्लाइट में तकनीकी कारणों से देरी होती है, तो यात्रियों को कुछ हद तक मुआवजा मिल सकता है। एयर इंडिया की तरफ से अभी इस पर आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन उम्मीद है कि यात्रियों को उचित सुविधाएं और जरूरत पड़ने पर मुआवजा भी दिया जाएगा।

