अमानवीय: मृतक शव को वाहन तक नसीब नही …
फिरोजाबाद में एक फिर स्वास्थ्य विभाग का अमानवीय चेहरा देखने को मिला है। दरसहल में एक सस्पेंड कोविड मरीज की इलाज के दौरान ऑक्सीजन की कमी के चलते जान चली गयी। हद तो तब हो गयी जब मृतक शव को वाहन तक नसीब नही हो सका। परिजनों को शव ई रिक्शा में ले जाना पड़ा।
कोरोना काल मे कुछ भी संभव है यह हम नहीं कह रहे,तस्वीरे हालातों को बयां कर रही है। तस्वीर है फिरोज़ाबाद के सरकारी ट्रामा सेंटर की। जहां एक 55 वर्षीय आंनद प्रकाश नामक व्यक्ति को बुखार और ऑक्सीजन की कमी चलते भर्ती कराया था।आरोप है मरीज की हालत गंभीर होने के बाद भी अस्पताल में ऑक्सीजन नहीं मिली।
यहां तक ट्रामा सेंटर के अंदर इलाज के अभाव में सास की डोर टूट गयी। अस्पताल प्रशासन का इतने पर दिल नहीं पसीजा। मृतक परिवार को शव लेने जाने के लिये शव वाहन तक नसीब नहीं हो सका। मजबूरन में शव को ई रिक्शा में ले जाने को मजबूर होना पड़ा।
गौरतलब है कि इस समय देश कोरोना महामारी से जूझ रहा है। इस दौरान सरकार और स्वस्थ्या विभाग को पोल खुलकर सामने आ रहा है। देश का हाल ऐसा हो गया है कि लोग अस्पतालों में दवाइयों और ऑक्सीजन से मर रहे हैं। इस बावजूद भी सरकार कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है।
आपको बता दें कि मृतक के परिजनों का कहना है कि कोरोना काल मे सस्पेक्ट मरीजो के शव को खुले में ले जाना भी लोगों के वायरस का खतरा होता है। इसके बाबजूद भी स्वस्थ विभाग लापरवाही पर लापरवाही करने से बाज नहीं आ रहा है।
