Kaushambi में पत्नी ने पति को दिया जहर: तीज पर प्यार भरी बात में बना मौत का जाल
उत्तर प्रदेश के Kaushambi जिले से एक हैरान कर देने वाली खबर सामने आई है। तीज के मौके पर पति-पत्नी के बीच मामूली झगड़े ने खौफनाक रूप ले लिया। पत्नी ने अपने पति मुकेश को पानी में जहर मिलाकर पिला दिया। इस जहरीले पानी के सेवन के बाद पति की तबियत अचानक बिगड़ गई और उसे आनन-फानन में अस्पताल ले जाना पड़ा।
घटना के समय पति और पत्नी की शादी करीब तीन साल पहले ही हुई थी। उनके एक तीन वर्षीय बेटे रितेश भी हैं। इस घटना ने पूरे परिवार और गांव में दबी जुबान से चर्चा छेड़ दी है।
पत्नी और सास पर लगाया गया हत्या का आरोप
पीड़ित पति मुकेश के पिता दुखराम ने बताया कि घटना की रात करीब 10 बजे मुकेश ने पत्नी से पानी मांगा। दुखराम ने आरोप लगाया कि पत्नी प्रभावती ने अपनी मां की मदद से पानी में जहरीला पदार्थ मिला दिया।
जैसे ही मुकेश ने पानी पीया, उसकी हालत अचानक बिगड़ गई। उसे उल्टी, दस्त और बेहोशी जैसी समस्याएं होने लगीं। परिजन घबराए और पहले पास के निजी अस्पताल में भर्ती कराया। स्थिति गंभीर होने के कारण उसे मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया।
पुलिस ने की कड़ी कार्रवाई का आश्वासन
कारवाई को लेकर करारी थाना क्षेत्र की पुलिस ने कहा कि मामले की तहरीर मिलते ही सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस जांच में पति-पत्नी के बीच पिछले कुछ दिनों से चल रही अनबन और झगड़े के पहलुओं की पुष्टि कर रही है।
ससुराल और परिवार की प्रतिक्रिया
दुखराम ने बताया कि उनकी बहू और उसकी मां ने मिलकर बेटे की हत्या का प्रयास किया। इस घटना से परिवार सदमे में है। गांव में भी इस घटना को लेकर चर्चा जोरों पर है। लोग कह रहे हैं कि शादी के चार साल में कभी-कभी घरेलू मतभेद होते रहते थे, लेकिन इस तरह का खौफनाक कदम किसी ने नहीं सोचा था।
तीज और घरेलू विवाद – सांस्कृतिक परंपराओं पर सवाल
तीज का त्योहार हमेशा से पति-पत्नी के प्रेम और भाई-बहन के रिश्तों का प्रतीक माना जाता रहा है। लेकिन कौशांबी में यह त्योहार खून और जहर के दृश्य में बदल गया। यह घटना घरेलू विवादों की गंभीरता और उनमें निहित हिंसा को उजागर करती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के मामले समाज में घरेलू हिंसा, महिला हिंसा और पारिवारिक कलह की गहरी जड़ें दर्शाते हैं। इससे यह भी साबित होता है कि शादी के शुरुआती वर्षों में रिश्तों में छोटे झगड़े अगर सही तरीके से सुलझाए न जाएं तो वे घातक परिणाम दे सकते हैं।
गांव में चर्चा और सामाजिक असर
घटना के बाद पवारा गांव में परिवार और पड़ोसियों के बीच यह चर्चा सबसे गर्म विषय बन गई है। लोग यह सवाल कर रहे हैं कि क्या प्यार और भरोसे के नाम पर परिवार में इस तरह की हिंसा बढ़ रही है।
सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी चेतावनी दी है कि घरेलू कलह को नजरअंदाज करने से परिवार और समाज दोनों को नुकसान हो सकता है। ऐसे मामलों में सामाजिक जागरूकता और पुलिस की तत्परता ही भविष्य में सुरक्षा सुनिश्चित कर सकती है।

