उत्तर प्रदेश

Agra धर्मांतरण कांड में बड़ा खुलासा – इलाज और गरीबी मिटाने का लालच देकर कराते थे धर्म परिवर्तन🔥

Agra धर्मांतरण कांड में नया मोड़ आ गया है। केदार नगर से पकड़े गए मुख्य आरोपी राजकुमार लालवानी से पुलिस रिमांड में पूछताछ के दौरान कई सनसनीखेज खुलासे हुए हैं। पता चला है कि लोगों को इलाज, नौकरी और गरीबी मिटाने का लालच देकर ईसाई धर्म अपनाने पर मजबूर किया जाता था।

मांस और खून पिलाकर धर्म परिवर्तन का दावा
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इस गैंग का तरीका चौंकाने वाला था। धर्म परिवर्तन के बाद लोगों को यह मानने पर मजबूर किया जाता था कि मांस खाने और खून पीने से वे हिंदू से ईसाई बन गए हैं। इसके बाद उन्हें अंबाला में होने वाली बड़ी प्रार्थना सभाओं में ले जाया जाता था।

अंबाला आश्रम में पुलिस की दबिश – संचालिका कंचन मित्तल फरार
पुलिस टीम आरोपी को लेकर उसी अंबाला आश्रम पहुंची, जहां कथित रूप से धर्मांतरण किए गए लोग बुलाए जाते थे। वहां पर बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे, लेकिन संचालिका कंचन मित्तल और मैनेजर मौके से फरार हो गए। कर्मचारियों ने भी पुलिस के आने से पहले ही जगह छोड़ दी।

रविवार की प्रार्थना सभाओं में होती थी ब्रेनवॉशिंग
एसीपी लोहामंडी मयंक तिवारी ने बताया कि आश्रम में हर रविवार को बड़ी सभा होती थी। इसमें अलग-अलग राज्यों से धर्मांतरण कराए गए लोग बुलाए जाते थे। कंचन मित्तल सभा को संबोधित करती थी और तरह-तरह के लालच देती थी – नौकरी, इलाज, बच्चों की पढ़ाई में मदद और आर्थिक सहायता का वादा।

होटल में ठहरे थे कई लोग – धर्म बदलने की पुष्टि
क्षेत्र के एक होटल में मध्य प्रदेश और राजस्थान से आए लोग ठहरे मिले। पूछताछ में कई लोगों ने स्वीकार किया कि वे हिंदू से ईसाई धर्म में परिवर्तित हो चुके हैं। किसी को रोजगार की दिक्कत थी तो किसी को बीमारी की समस्या – और इन समस्याओं का समाधान कराने के नाम पर धर्म परिवर्तन कराया गया।

आर्थिक मदद और रुकवाने का इंतजाम
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आश्रम कई एकड़ में फैला है, जहां लोगों को रुकने-खाने का इंतजाम किया जाता था। इसके अलावा उन्हें पैसे और अन्य सुविधाएं भी दी जाती थीं ताकि वे धर्म परिवर्तन के बाद भी जुड़े रहें।

संचालिका पर बढ़ेगी कानूनी कार्रवाई
पुलिस अब कंचन मित्तल को केस में नामजद करने जा रही है और गैर जमानती वारंट जारी करने की तैयारी है। जांच के दायरे में अब उन सभी लोगों को भी लाया जा रहा है, जो इस नेटवर्क से जुड़े थे।

राजकुमार लालवानी को 19 सितंबर को जेल भेजा जाएगा
पुलिस ने आरोपी को महाराष्ट्र भी ले जाकर जांच की, लेकिन वहां ज्यादा सबूत नहीं मिले। राजकुमार लालवानी ने महाराष्ट्र में ही धर्म परिवर्तन कराया था और इसके बाद वह स्वयं लोगों को बुलाकर अपने घर में धर्मांतरण कराने लगा। अब उसे 19 सितंबर को जेल में दाखिल किया जाएगा।

शाहगंज के स्थानीय लोग हैरान
केदार नगर के लोगों को इस पूरे नेटवर्क की भनक तक नहीं थी। मामला तब खुला जब क्षेत्र के घनश्याम हेमलानी और सुनील कर्मचंदानी ने उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय से शिकायत की। इसके बाद पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने जांच कर पूरे नेटवर्क का खुलासा किया और आठ लोगों को गिरफ्तार किया।

स्थानीय लोगों में गुस्सा और डर
लोगों का कहना है कि यह मामला बेहद गंभीर है और ऐसे नेटवर्क का पर्दाफाश होना जरूरी था। यह न सिर्फ धार्मिक संतुलन के लिए खतरा है बल्कि समाज में आपसी विश्वास को भी चोट पहुंचाता है।


आगरा धर्मांतरण कांड ने पूरे प्रदेश को हिलाकर रख दिया है। अब सबकी निगाहें पुलिस की आगे की कार्रवाई और अदालत के फैसले पर टिकी हैं। अगर जांच में और बड़े नाम सामने आते हैं तो यह उत्तर प्रदेश में अब तक का सबसे बड़ा धार्मिक परिवर्तन कांड बन सकता है।

 

News-Desk

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