लुधियाना NRI महिला Rupinder Kaur हत्या मामला: मंगेतर चरणजीत ने दी सुपारी, हत्या के चौंकाने वाले खुलासे
लुधियाना। पंजाब के लुधियाना में 2 महीने पहले हुई NRI महिला Rupinder Kaur की हत्या का मामला अब सबके सामने आया है। पुलिस की जांच में खुलासा हुआ कि महिला का फर्जी आधार कार्ड बनवाया गया था, जिसमें लुधियाना का पता दर्ज था। अब पुलिस इस आधार कार्ड के पीछे के कारणों की तहकीकात कर रही है।
आरोपी और हत्या की सुपारी
पुलिस के अनुसार, इस हत्या की सुपारी किसी और ने नहीं, बल्कि अमेरिका में बैठे महिला के मंगेतर चरणजीत सिंह ग्रेवाल ने दी थी। हत्यारे ने रुपिंदर का शव 2 दिन तक कमरे में रखकर कोयले से जलाया और फिर नाले में फेंक दिया। इसके बाद सबूत मिटाने के लिए कमरे में रंग-रोगन का काम भी कराया गया।
रुपिंदर कौर का व्यक्तिगत जीवन और भारत आने का कारण
जांच में यह भी सामने आया कि रुपिंदर की पहली दो शादी हो चुकी थी। अब वह तीसरे प्यार को पाने के लिए लुधियाना आई थी।
3 मार्च 2025: आरोपी सुखजीत ने रुपिंदर का फर्जी आधार कार्ड बनवाया, जिसमें पता “रुपिंदर कौर पंधेर, सी/ओ हरभजन सिंह ग्रेवाल, हाउस नंबर 4465, शिमलापुरी” दर्ज था।
मृतका की बहन कमलजीत कौर ने बताया कि आधार कार्ड में दिया पता फर्जी था। सभी दस्तावेज और लेन-देन उसके अमेरिकी पासपोर्ट पर आधारित थे, जिसमें पता सिएटल, अमेरिका दर्ज था।
पुलिस जांच कर रही है कि आधार कार्ड बनाने का कारण क्या था और रुपिंदर के खातों से आरोपी सुखजीत और उसके भाई मनवीर सिंह के खातों में ट्रांसफर हुए पैसों की जांच भी की जा रही है।
कैसे भारत आईं रुपिंदर कौर
शादी का झांसा: पुलिस के अनुसार, UK में रहने वाले NRI चरणजीत सिंह (75) ने रुपिंदर को शादी का झांसा देकर भारत बुलाया। दोनों की मुलाकात मैट्रिमोनियल वेबसाइट के माध्यम से हुई थी।
अक्टूबर 2024: रुपिंदर भारत आई और सुखजीत से मिली।
मई 2025: रुपिंदर अमेरिका लौट गई।
1 जून 2025: रुपिंदर दोबारा भारत आई और चरणजीत के परिचितों से मिली।
आरोपियों ने किए 30-35 लाख रुपए ट्रांसफर
पुलिस के अनुसार, रुपिंदर ने आरोपियों के खाते में 30-35 लाख रुपए ट्रांसफर किए। इसके बाद चरणजीत ने रुपिंदर को शादी के लिए मना करने लगा और सुखजीत को 50 लाख रुपए का लालच देकर हत्या का आदेश दिया।
12-15 जुलाई 2025: रुपिंदर की हत्या हुई।
18 जुलाई 2025: आरोपी सुखजीत ने गुमशुदगी की झूठी रिपोर्ट दर्ज कराई।
28 जुलाई 2025: मृतका की बहन ने पुलिस को गुमशुदगी की सूचना दी।
हत्या की भयावह कहानी
DCP रुपिंदर सिंह के अनुसार, सुखजीत ने 12 जुलाई को बेसबॉल बैट से रुपिंदर की हत्या की।
शव को 2 दिन तक कमरे में रखा गया।
कोयले से जलाने के बाद हड्डियों को बोरी में भरकर घुंगराना के नाले में फेंका।
कमरे को पेंट और टाइल बदलकर रेनोवेट किया गया, ताकि सबूत मिट जाए।
सुखजीत के परिवार की भूमिका
हत्या के समय सुखजीत के भाई और भाभी लुधियाना से बाहर थे।
कमरे में अकेले रेनोवेशन करवा कर आरोपी ने पुलिस का ध्यान भटकाया।
जब परिवार वापस आया तो उसे आश्चर्य हुआ कि सिर्फ एक कमरे में रेनोवेशन हुआ है।
आरोपी और मंगेतर का पिछला कनेक्शन
चरणजीत और सुखजीत की मुलाकात 2014 में आम आदमी पार्टी के प्रचार दौरान हुई थी।
बाद में चरणजीत ने सुखजीत से रुपिंदर की प्रॉपर्टी विवाद में मदद मांगी।
रुपिंदर अक्सर सुखजीत के घर में रहती थीं और अपनी पावर ऑफ अटॉर्नी भी सौंप दी थी।
सुखजीत किला रायपुर कोर्ट परिसर में टाइपिस्ट का काम करता था।
पुलिस ने आरोपी सुखजीत से पूछताछ की, और उसने हत्या की वारदात को चरणजीत के इशारे पर कबूल कर लिया।
पुलिस की कार्रवाई और आगे की जांच
आरोपी सुखजीत को 3 दिन का रिमांड मिला।
पुलिस महिला के कपड़े और ज्वेलरी रिकवर करने में जुटी है।
आधार कार्ड, बैंक ट्रांजैक्शन और विदेशी मुद्रा अधिनियम (FEMA) के उल्लंघन की जांच जारी है।

