Pakistan में वायुसेना के हमले में 30 नागरिक मरे, सोशल मीडिया पर वायरल हुई भयावह फुटेज
सोमवार रात को Pakistan वायुसेना ने खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के तिराह घाटी के एक गांव पर चीन के J-17 विमानों से 8 लेजर-गाइडेड बम गिराए। इस हमले में करीब 30 लोग मारे गए, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। सोशल मीडिया पर इस हमले के वीडियो वायरल हो गए हैं, लेकिन उनकी सत्यता की पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।
सेना का दावा और स्थानीय लोगों की आपत्ति
पाकिस्तानी सेना का कहना है कि यह हमला तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के बम बनाने वाले ठिकाने को निशाना बनाने के लिए किया गया था। स्थानीय पुलिस ने बताया कि TTP के कमांडर अमान गुल और मसूद खान मस्जिदों में बम छिपा रहे थे।
हालांकि, इलाके के लोगों का आरोप है कि सरकार और सेना सही जानकारी के बिना हमले कर रही हैं। नागरिकों का कहना है कि इन हमलों में आम लोग मारे जा रहे हैं, और इसे मानवाधिकारों का उल्लंघन माना जा रहा है। इसी तरह, जून में एक ड्रोन हमले में बच्चों की मौत के बाद एमनेस्टी इंटरनेशनल ने पाकिस्तानी सरकार की आलोचना की थी।
30 civilians, including women & children, killed in Pakistan airstrikes on Khyber Pakhtunkhwa village. Tragedy unfolds.
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— shorts91 (@shorts_91) September 22, 2025
TTP – पाकिस्तान का विद्रोही संगठन
तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) का गठन 2007 में बेतुल्लाह मेहसूद ने किया था। यह संगठन पाकिस्तान की सेना और सरकार के खिलाफ लड़ता है। TTP में कई ऐसे लोग शामिल हैं जो पहले पाकिस्तान के कबाइली इलाकों में छिपे थे और अमेरिका के अफगानिस्तान अभियान के बाद सक्रिय हुए।
TTP के समर्थक पाकिस्तान की सेना में भी मौजूद हैं।
अमेरिका ने चेताया है कि TTP एटमी हथियारों तक पहुंच सकता है।
2022 के बाद से TTP ने पाकिस्तान में हमले तेज कर दिए हैं।
TTP और आतंक का बढ़ता खतरा
अफगानिस्तान में तालिबान की 2021 में वापसी के बाद TTP मजबूत हुआ है। नवंबर 2022 में TTP ने पाकिस्तान के साथ सीजफायर एकतरफा तोड़ दिया। उसके बाद से हमलों में तेज़ी आई है।
ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स 2025 के मुताबिक:
पाकिस्तान दुनिया का दूसरा सबसे आतंक प्रभावित देश बन चुका है।
2024 में पाकिस्तान चौथे स्थान पर था।
TTP के हमलों में 90% की वृद्धि हुई है।
BLA के हमलों में 60% बढ़ोतरी हुई है।
IS-K ने अब पाकिस्तानी शहरों को भी निशाना बनाना शुरू कर दिया है।
खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान – आतंक का गढ़
रिपोर्ट के अनुसार:
पाकिस्तान की कुल आतंक घटनाओं में से 90% खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान में हुईं।
TTP लगातार दूसरे साल पाकिस्तान का सबसे खतरनाक आतंकवादी संगठन है।
2024 में इस ग्रुप ने 482 हमले किए, जिसमें 558 मौतें हुईं – 2023 की तुलना में 91% ज्यादा।
नागरिकों की मौत और अंतरराष्ट्रीय चिंता
इस हवाई हमले में नागरिकों की मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। बच्चों और महिलाओं के मारे जाने की खबर ने सोशल मीडिया पर गुस्सा बढ़ा दिया है। अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन पाकिस्तान सरकार और सेना की कार्रवाई की निगरानी कर रहे हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और प्रतिक्रिया
हमले की कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गई हैं। लोग सरकार से सवाल पूछ रहे हैं कि क्या नागरिक सुरक्षा के बिना यह हमला उचित था। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर नागरिकों का गुस्सा और सरकार पर दबाव बढ़ रहा है।

