रूसी स्टार Kirill Kuznetsov ने दिल्ली में उड़ाई धूम, बोले—“आलिया भट्ट मेरी फेवरेट हैं… रणबीर कपूर से थोड़ा डर लगता है!” | Russian Film Festival 2025 Delhi
Russian Film Festival 2025 इन दिनों नई दिल्ली में भारत-रूस की सांस्कृतिक साझेदारी को एक नए स्तर पर लेकर जा रहा है। शनिवार की शाम दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित पीवीआर प्लाज़ा में माहौल तब और दिलचस्प हो गया जब रूसी अभिनेता Kirill Kuznetsov अपनी फिल्म ‘अगस्त’ की विशेष स्क्रीनिंग में शामिल होने पहुंचे। फिल्म के बाद मीडिया से बातचीत ने पूरे कार्यक्रम को और आकर्षक बना दिया, क्योंकि किरिल ने भारतीय सिनेमा के प्रति अपने प्रेम का बेझिझक इज़हार किया।
किरिल कुजनियतसोव का भारतीय सिनेमा पर बड़ा बयान—“आलिया भट्ट मेरी फेवरेट हैं”
मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए कुजनियतसोव ने कहा कि भारतीय फिल्मों को लेकर उनकी दिलचस्पी काफी समय से बढ़ी है।
जब उनसे पूछा गया कि उनकी पसंदीदा भारतीय अभिनेत्री कौन है, तो उन्होंने बिना सोचे कहा—
“आलिया भट्ट बेहद शानदार हैं। ‘गंगूबाई काठियावाड़ी’ में उनका अभिनय अविश्वसनीय था। वह एक्सप्रेशन्स, इमोशन और स्क्रीन प्रेज़ेंस—तीनों में कमाल हैं।”
उन्होंने यह भी कहा कि वह भविष्य में आलिया भट्ट के साथ काम करने का सपना देखते हैं और उम्मीद करते हैं कि कभी कोई अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट दोनों को साथ लेकर आए। उनकी यह बात सुनकर वहां मौजूद दर्शकों और पत्रकारों के चेहरे पर मुस्कान आ गई।
रणबीर कपूर का दिलचस्प कनेक्शन—“आलिया के साथ काम करना चाहूँगा, लेकिन रणबीर थोड़ा डराते हैं”
कुजनियतसोव ने हल्के-फुल्के अंदाज़ में एक और टिप्पणी की, जिसने माहौल को हंसियों से भर दिया।
उन्होंने मजाक करते हुए कहा—
“मैं आलिया के साथ काम करना चाहता हूँ, लेकिन रणबीर कपूर से थोड़ा डरता हूँ… ‘एनिमल’ जैसी फिल्मों में वह इतने इंटेंस दिखते हैं कि स्क्रीन पर उनका गुस्सा देखकर कोई भी डर जाए!”
उनकी यह टिप्पणी सोशल मीडिया पर वायरल होने लायक थी—एक तरफ सम्मान, दूसरी तरफ दिलचस्प मज़ाकिया लहजा। इससे साफ था कि कुजनियतसोव भारतीय सिनेमा को बड़े ध्यान से देखते हैं और बॉलीवुड की स्टार पावर से बेहद प्रभावित हैं।
रूसी और भारतीय कलाकारों के बीच बढ़ता सहयोग—“साझा प्रोजेक्ट्स का समय आ गया है”
कुजनियतसोव ने यह भी कहा कि अब Russo-Indian collaborations पहले से ज्यादा सक्रिय हो चुके हैं।
उनके अनुसार,
“भारतीय और रूसी कलाकार कई संयुक्त प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहे हैं। इस तरह के फिल्म फेस्टिवल दोनों देशों के बीच संबंधों को गहरा करते हैं और नई संभावनाओं का दरवाजा खोलते हैं।”
उन्होंने यह भी ज़िक्र किया कि भारत में रूसी फिल्मों का बढ़ता क्रेज़ बेहद उत्साहजनक है और रूस में भी भारतीय फिल्में अपना असर छोड़ रही हैं।
Russian Film Festival 2025 के उद्घाटन में बड़ा MoU—भारत और रूस के मीडिया रिश्तों में ऐतिहासिक कदम
नई दिल्ली में आयोजित Russian Film Festival 2025 के उद्घाटन समारोह में भारत और रूस के बीच मीडिया सहयोग को एक नई दिशा देने वाला ऐतिहासिक फैसला लिया गया।
प्रसार भारती के सीईओ गौरव द्विवेदी और रूस की अग्रणी मीडिया कंपनी Gazprom-Media Holding JSC के सीईओ अलेक्जेंडर झारोव ने एक रणनीतिक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए।
यह समझौता सिर्फ एक औपचारिक दस्तावेज नहीं, बल्कि भविष्य में मिलने वाले अनेक अवसरों का आधार है।
इसमें शामिल हैं—
दोनों देशों के टीवी शो और फिल्मों का पारस्परिक आदान-प्रदान
संयुक्त फिल्म निर्माण और नई अवधारणाओं पर सहयोग
मीडिया प्रतिभाओं के विकास के लिए साझा ट्रेनिंग
दीर्घकालिक सांस्कृतिक कार्यक्रम
प्रसारण तकनीक और कंटेंट के क्षेत्र में साझेदारी
इस MoU को दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और मीडिया संबंधों को अगले दशक के लिए मजबूत आधार देने वाला “भविष्य का पुल” कहा जा रहा है।
गौरव द्विवेदी का बयान—“यह साझेदारी फिल्म और मीडिया के लिए नए युग का संकेत है”
MoU साइनिंग के दौरान प्रसार भारती के सीईओ गौरव द्विवेदी ने कहा कि भारत और रूस के बीच सांस्कृतिक संबंध हमेशा से गहरे रहे हैं, और यह साझेदारी आने वाले वर्षों में मीडिया और मनोरंजन जगत को नए आयाम देगी।
उन्होंने कहा—
“फिल्मों, टीवी शो, डॉक्यूमेंट्री, प्रोडक्शन और क्रिएटिव वर्क—हर क्षेत्र में भारत और रूस साथ आकर बड़े स्तर पर काम कर सकते हैं। यह MoU दोनों देशों की साख को एक नई ऊंचाई देगा।”
द्विवेदी के अनुसार यह समझौता दोनों देशों के दर्शकों को भी अधिक विविध, गुणवत्तापूर्ण और रोचक कंटेंट उपलब्ध कराएगा।
भारत की राजधानी में रूसी सिनेमा का उत्सव—स्क्रीनिंग्स, सितारे और दोनों देशों की सांस्कृतिक निकटता
नई दिल्ली में इस फिल्म उत्सव की चर्चा सिर्फ सिनेमा जगत तक सीमित नहीं रही, बल्कि सांस्कृतिक, राजनीतिक और मनोरंजन जगत में भी यह खबर तेजी से फैल रही है।
हर दिन पीवीआर प्लाज़ा में रूसी फिल्मों की स्क्रीनिंग हो रही है, और दर्शकों का उत्साह देखने लायक है।
भारत में रूसी फिल्मों की लोकप्रियता का मुख्य कारण—
दमदार कहानी कहने की शैली
वास्तविक अभिनय
तकनीक और सिनेमाटोग्राफी का अनोखा मेल
और उन फिल्मों की नई कहानियाँ, जो भारतीय दर्शकों के भावों से भी जुड़ जाती हैं।
किरिल कुजनियतसोव जैसे सितारों की उपस्थिति ने इस फेस्टिवल को और खास बना दिया है।
दो देशों की दोस्ती पर चलता कैमरा—नई साझेदारियों की उम्मीद
फिल्म फेस्टिवल का संदेश स्पष्ट है—
भारत और रूस अब सिर्फ राजनीति या व्यापार तक सीमित सहयोग नहीं चाहते, बल्कि कला, सिनेमाई संस्कृति और मीडिया के क्षेत्र में भी साथ आगे बढ़ना चाहते हैं।
दोनों देशों के कलाकार, तकनीशियन और निर्माता नए प्रोजेक्ट्स के लिए संपर्क में हैं।
संभावना है कि जल्द ही बॉलीवुड और रूसी फिल्म इंडस्ट्री मिलकर ऐसी फिल्मों पर काम करेंगी जिनमें दोनों देशों के कलाकार एक साथ नजर आएंगे।

