Sultanpur अमन हत्याकांड में बड़ा एक्शन: थानाध्यक्ष समेत 5 पुलिसकर्मी निलंबित, परिजनों ने ‘बुलडोज़र कार्रवाई’ तक अंतिम संस्कार से किया इनकार
News-Desk
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Aman Yadav kidnapping, bulldozer action demand, Chanda police action, Sultanpur Aman murder case, sultanpur encounter, UP crime news, UP police suspensionSultanpur Aman murder case में सोमवार को बड़ा प्रशासनिक एक्शन सामने आया है। सुल्तानपुर में अमन यादव की अपहरण के बाद हत्या ने पूरे जिले को हिला दिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी सुल्तानपुर ने चांदा थानाध्यक्ष दीपेंद्र विक्रम सिंह, उपनिरीक्षक चुन्नू लाल सहित कुल पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है।
निलंबन के बाद भी तनाव कम नहीं हुआ है—परिजनों ने साफ शब्दों में कहा है कि “जब तक अपराधियों पर बुलडोज़र नहीं चलेगा, अंतिम संस्कार नहीं होगा।”
परिजनों ने अंतिम संस्कार करने से किया इनकार—“पहले न्याय, फिर विदाई”
अमन यादव का शव नदी से मिलने के बाद रविवार देर रात से ही परिजन आक्रोशित थे।
सोमवार सुबह भी जब प्रशासन अंतिम संस्कार की तैयारी करवाना चाहता था, परिवार अड़ गया और कहा—
“अपराधियों पर बुलडोज़र कार्रवाई, आर्थिक सहायता और लिखित आश्वासन बिना अंतिम संस्कार नहीं होगा।”
परिजनों का आरोप है कि अपहरण और हत्या जैसी गंभीर वारदात के बावजूद पुलिस की कार्यप्रणाली ढीली रही, और जिम्मेदारों पर समय से कार्रवाई नहीं हुई।
ग्रामीणों की भीड़ जुटी, प्रशासन मौके पर—घंटों समझाने की कोशिश
अमन के घर के बाहर भारी भीड़ जमा हो गई। गुस्से और आक्रोश के बीच माहौल तनावपूर्ण रहा।
स्थिति को संभालने में प्रशासनिक अधिकारी लगे रहे—
प्रभारी तहसीलदार प्रांजल तिवारी
नायब तहसीलदार अभयराज पाल
सीओ ऋतिक कपूर
प्रभारी निरीक्षक लंभुआ संदीप राय
प्रभारी निरीक्षक शिवगढ़ चंद्रभान वर्मा
सभी अधिकारी परिजनों को समझाने और आश्वस्त करने की कोशिश करते रहे, लेकिन परिवार अपनी मांगों पर अडिग रहा।
चचेरे भाई संदीप यादव की मांग—“घटना का पूर्ण खुलासा हो, हर आरोपी को सख्त सजा मिले”
संदीप यादव, जो अमन के चचेरे भाई हैं, ने कहा—
“जब तक पूरे घटनाक्रम का खुलासा नहीं होगा और जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई नहीं होगी, अंतिम संस्कार नहीं होगा।”
परिवार की तीन प्रमुख मांगें—
अपराधियों पर तत्काल बुलडोज़र कार्रवाई
सरकार की तरफ से आर्थिक सहायता
जिला प्रशासन की ओर से लिखित आश्वासन
पहले हुई थी पुलिस की मुठभेड़—एक आरोपी घायल, एक फरार
अमन हत्याकांड के आरोपियों की तलाश में पुलिस रविवार देर रात से सघन अभियान चला रही थी।
तड़के पहर पुलिस का सामना दो आरोपियों से हुआ। मुठभेड़ के दौरान—
दीपक यादव उर्फ़ राका पैर में गोली लगने से घायल हुआ, जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया
उसका साथी अंधेरे का फायदा उठाकर भाग गया
पुलिस आरोपियों की घेराबंदी जारी रखे हुए है
इससे पहले पुलिस इस केस में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।
कैसे हुआ था अमन यादव का अपहरण और हत्या?—साढ़ापुर गांव में फैली दहशत
शनिवार शाम चांदा थाना क्षेत्र के साढ़ापुर निवासी अमन यादव (24) का अपहरण हो गया था।
सीसीटीवी फुटेज में अमन को जबरदस्ती ले जाते हुए देखा गया, जिसके बाद पुलिस ने तत्काल खोजबीन शुरू की।
रविवार सुबह नदी किनारे उसका शव मिलने से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई।
परिजनों और ग्रामीणों का कहना है कि यह कोई साधारण वारदात नहीं, बल्कि सुनियोजित अपराध था।
एसपी का एक्शन—थानाध्यक्ष और चार पुलिसकर्मी निलंबित
लापरवाही के आरोपों के बीच एसपी सुल्तानपुर ने बड़ा कदम उठाते हुए—
चांदा थानाध्यक्ष दीपेंद्र विक्रम सिंह
उपनिरीक्षक चुन्नू लाल
और तीन अन्य पुलिसकर्मियों
को तत्काल निलंबित कर दिया है।
यह कार्रवाई इस बात का संकेत है कि अमन हत्याकांड को लेकर सरकार और पुलिस प्रशासन गंभीर है और लापरवाही नजरअंदाज नहीं की जाएगी।
जांच जारी—फरार आरोपी की तलाश में कई टीमें गठित
जिला पुलिस ने फरार आरोपी की तलाश में विशेष टीमें तैनात की हैं और संभावित ठिकानों पर दबिश जारी है।
अमन के अपहरण और हत्या में शामिल सभी अपराधियों को जल्द पकड़ने का दावा किया जा रहा है।
अमन यादव की हत्या से गांव में आक्रोश—जनता न्याय की मांग पर अड़ी
गांव में लोग प्रशासन से साफ कहते दिखे—
“हम अंतिम संस्कार तभी करेंगे जब सभी अपराधी पकड़े जाएं और कार्रवाई ज़मीन पर दिखे।”
ग्रामीणों का कहना है कि अमन की हत्या ने गांव की सुरक्षा भावना को गहरा आघात पहुंचाया है और जब तक अपराधियों को सख्त सजा नहीं मिलती, वे शांत नहीं बैठेंगे।

